मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए फायरिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी ऋतिक कुमार के पैतृक गांव का एक अलग ही सच सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद से ही आरोपी के गांव बदलपुरा में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। आरोपी ऋतिक की सोशल मीडिया पर लग्जरी लाइफस्टाइल से जुड़ी कई फोटो और वीडियो मौजूद हैं, जहां वह इंस्टाग्राम पर ऋतिक लाइफस्टाइल नाम से एक्टिव है और उसके 7000 फॉलोअर्स हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस अपराध की दुनिया से जुड़ा होने के बावजूद वह सोशल मीडिया पर केवल भजन मार्ग ऑफिशियल पेज को फॉलो करता है, जिसे श्री प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का आधिकारिक पेज बताया जाता है। इस मामले में पुलिस जांच कर रही है कि इन कड़ियों के क्या मायने हैं।
चाची ने पहचानने से किया साफ इंकार
इस पूरे मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए जब जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर मटिहानी थाना क्षेत्र के बदलपुरा गांव की पड़ताल की गई, तो वहां के लोगों की प्रतिक्रियाएं चौंकाने वाली थीं। आरोपी ऋतिक की चाची नविता देवी ने इस बात से साफ इंकार किया कि वह उसे जानती भी हैं। उन्होंने बताया कि वह आज तक ऋतिक का नाम भी ठीक से नहीं जानती हैं। उनका कहना है कि इस घर में सिर्फ उसका जन्म हुआ था और उनके विवाह से पहले ही उसके पिता की शादी हो चुकी थी। परिवार के इस स्तर पर दूरी होने के कारण वह ऋतिक को बिल्कुल नहीं पहचानती हैं और ना ही उसका इस परिवार से कोई सीधा संपर्क रहा है।
चाय बेचने वाले पिता का बेटा और गांव से दूर रहने की सच्चाई
गांव के ही एक अन्य निवासी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ऋतिक कभी अपने गांव में रहा ही नहीं है। उसके पिता राजू महतो चाय बेचते थे। आरोपी ऋतिक हमेशा अपने नानी के घर पर ही रहा है। जो लड़का कभी गांव में रहा ही नहीं, उसके बारे में गांव के लोग भला क्या राय रख सकते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उसका गांव से कोई लेना-देना नहीं रहा है और उसका पालन-पोषण भी अन्य स्थानों पर ही हुआ है।
गांव की बदनामी पर भड़के ग्रामीण, निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीण नीलमणि सिंह का कहना है कि ऋतिक को गांव का कोई भी शख्स नहीं पहचानता है। उसके पिता करीब 25 साल पहले गांव छोड़कर चले गए थे। हालांकि, गांव के दूसरे लोगों के दावे इस मामले में थोड़े अलग भी हैं। कुछ ग्रामीण उसके परिवार द्वारा 15 साल पहले तो कुछ 10 साल पहले गांव छोड़ने की बात कह रहे हैं। गांव के लोगों का यह भी मानना है कि इस घटना की वजह से उनके गांव की बदनामी हो रही है, जिसके चलते सबके जवाब अलग-अलग आ रहे हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
युवाओं और अन्य ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
गांव के युवा सौरव कुमार ने बताया कि उसका परिवार करीब 20 साल पहले ही गांव छोड़कर पांच किलोमीटर दूर बेगूसराय शहर में रहने लगा था। इस घटना से गांव के युवा काफी दुखी हैं क्योंकि इससे उनकी छवि धूमिल हो रही है। युवा वर्ग का साफ कहना है कि वे दिनकर की इस धरती को किसी भी सूरत में बदनाम नहीं होने देना चाहते हैं और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, एक अन्य ग्रामीण रघुवीर सिंह का यह भी कहना है कि ऋतिक उनके गांव का निवासी जरूर रहा है और वह 15 से 20 साल पहले पिपरा चला गया था। उनका कहना है कि अब गांव से उसका कोई नाता नहीं है। पहले उसका घर वार्ड नंबर 5 में था और उसके पिता का नाम रामू महतो बताया गया है। एक बड़े सेलिब्रिटी पर गोली चलाने के इस गंभीर मामले में जब गांव के लोगों से बात की जाती है, तो वे सीधे तौर पर इससे पल्ला झाड़ लेते हैं और आरोपी से किसी भी तरह के जुड़ाव से इंकार कर देते हैं।



















