क्रिप्टोकरेनसी बाजार में इन दिनों एक अजीब स्थिति देखने को मिल रही है, जहाँ बड़े पैमाने पर संस्थागत निवेश आने के बावजूद प्रमुख डिजिटल संपत्तियों की कीमतों में कमजोरी बनी हुई है। वैश्विक बाजार में बिटकॉइन अस्सी हजार डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है और 79,460 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले हफ्ते अमेरिकी बाजार में सूचीबद्ध स्पॉट ईटीएफ में भारी भरकम 987 मिलियन डॉलर का निवेश आया, लेकिन इसके बाद भी यह पूंजी प्रवाह कीमतों पर हावी बिकवाली के दबाव को पूरी तरह बेअसर करने में नाकाम साबित हुआ है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में फंड आने के बावजूद ऊपर की ओर रुकावटें बनी हुई हैं।
एथेरियम और एक्सआरपी का हाल
बाजार की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम में भी सुस्ती साफ तौर पर देखी जा रही है और यह 2,500 डॉलर के स्तर से नीचे ठहरा हुआ है। हालांकि इसके तकनीकी गति संकेतक धीरे-धीरे कमजोर हो रहे हैं, लेकिन अमेरिकी स्पॉट ईटीएफ में लगातार तीसरे हफ्ते सकारात्मक रुझान दर्ज किया गया है। बीते शुक्रवार तक एथेरियम आधारित उत्पादों में 218 मिलियन डॉलर की शुद्ध पूंजी आई, जिससे इसका कुल संचित निवेश तेरह अरब डॉलर के करीब पहुंच गया है, जबकि प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति लगभग सोलह अरब डॉलर आंकी गई है। उधर एक्सआरपी की चाल भी कुछ ऐसी ही सुस्त बनी हुई है और इसके 1.40 डॉलर से नीचे लुढ़कने का जोखिम बना हुआ है, क्योंकि ऊपर की तरफ तेजी का दायरा सीमित हो गया है और साप्ताहिक ईटीएफ में आने वाला फंड भी सामान्य स्तर पर लौट आया है। सोसोवेल्यू के आंकड़ों के अनुसार एक्सआरपी ईटीएफ में पिछले हफ्ते लगभग 19 मिलियन डॉलर का ही निवेश आया, जो उससे पिछले हफ्ते के 110 मिलियन डॉलर के मुकाबले काफी कम है।
बाजार का सेंटिमेंट और तकनीकी स्थिति
तमामि उतार-चढ़ाव और मूल्य दबाव के बीच निवेशकों का उत्साह अभी भी बना हुआ है। फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स सोमवार को 71 के अंक पर ग्रीड यानी लालच वाले दायरे में टिका हुआ है, जो एक दिन पहले 73 पर था। यह सूचकांक इस बात की तदीक करता है कि जोखिम भरे परिसंपत्तियों के प्रति लोगों की रुचि बरकरार है और यही वजह है कि बाजार में लगातार पूंजी का प्रवाह देखा जा रहा है। बिटकॉइन के तकनीकी चार्ट को देखें तो यह अपनी प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी ईएमए रेखाओं से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे इसका अल्पावधि रुझान सकारात्मक नजर आता है। दैनिक चार्ट पर इसका रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 64 के आसपास सकारात्मक दायरे में घूम रहा है, जबकि एमएसीडी अभी भी नकारात्मक बना हुआ है जो मामूली सुधारात्मक दबाव की ओर इशारा करता है। निकट भविष्य में किसी भी गिरावट की स्थिति में 50-दिवसीय और 200-दिवसीय ईएमए के बीच 72,100 से 72,800 डॉलर का दायरा मजबूत समर्थन का काम कर रहा है।
ईटीएफ की कार्यप्रणाली और उसका महत्व
क्रिप्टोकरेनसी बाजार में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ एक ऐसा वित्तीय साधन है जो किसी अंतर्निहित संपत्ति की कीमत को ट्रैक करता है। इसके जरिए निवेशक सीधे तौर पर कॉइन को खरीदे बिना बाजार में अपनी हिस्सेदारी बना सकते हैं, जिससे परिसंपत्ति को खुद से सुरक्षित रखने की झंझट और जोखिम कम हो जाता है। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने जनवरी 2024 में कई बिटकॉइन स्पॉट ईटीएफ को हरी झंडी दिखाई थी, जिससे संस्थागत निवेशकों के लिए मुख्यधारा के बाजार के रास्ते खुल गए थे। हालांकि इसका एक नुकसान यह भी है कि निवेशक के पास सीधे तौर पर संपत्ति का स्वामित्व नहीं होता है, जिसे क्रिप्टो जगत में अपनी चाबी और अपने सिक्के न होने के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा सक्रिय प्रबंधन के लिए ये फंड्स शुल्क भी वसूलते हैं, जिससे कुल लागत थोड़ी बढ़ जाती है।
हाइपरकार्डानो और अन्य डिजिटल सिक्कों की हलचल
मुख्यधारा के सिक्कों के अलावा हाइपरलिकिड और कार्डानो जैसे परिसंपत्तियों में भी हफ्ते की शुरुआत में अलग-अलग रुख देखने को मिला है। हाइपरलिकिड से जुड़े ईटीएफ में लगातार पांचवें हफ्ते पूंजी का प्रवाह दर्ज किया गया है, जो मजबूत संस्थागत मांग को रेखांकित करता है। वहीं कार्डानो पिछले हफ्ते पंद्रह प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाने के बाद सोमवार को 0.222 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। अमेरिकी रोजगार के मजबूत आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं के बीच बिटकॉइन के भाव पर असर पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा डगमगाया नहीं है। बाजार विश्लेषकों का हमेशा से यही मानना रहा है कि डिजिटल परिसंपत्तियों में ट्रेडिंग के दौरान जोखिम हमेशा बना रहता है और किसी भी फैसले से पहले पूरी तरह से अपनी खुद की रिसर्च कर लेनी चाहिए।



















