अरबपति कारोबारी Mark Cuban कभी बिटकॉइन के सबसे मुखर समर्थकों में गिने जाते थे। उनकी सलाह बेहद सीधी थी — अगर अमीर बनना है तो अपने निवेश का 10% हिस्सा बिटकॉइन में लगा दो, उसे एक "Hail Mary" यानी आखिरी दांव की तरह समझो और मान लो कि वह पैसा डूब गया। उनका तर्क था कि BTC खरीदो और लंबी अवधि तक उसे संभालकर रखो, फायदा अपने आप मिलेगा। उनकी इसी पैरवी ने कई आम रिटेल ट्रेडरों को इस क्रिप्टोकरेंसी की ओर खींचा।
लेकिन यह बात नौ साल पुरानी है। अब 2026 में वही Mark Cuban कह रहे हैं कि "बिटकॉइन अपनी राह भटक गया है।" इस डिजिटल एसेट को लेकर उन्होंने पूरी तरह पलटी मार ली है और साफ कहा है कि "यह वह हेज नहीं निकला जिसकी मुझे उम्मीद थी।" इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी पुष्टि कर दी है कि उन्होंने अपनी सारी बिटकॉइन होल्डिंग बेच दी है।
अमीरों के लिए घाटे वाला एसेट छोड़ देना मिनटों का खेल
Shark Tank के इस निवेशक को अपनी होल्डिंग बेचने का पूरा हक है, क्योंकि यह उनकी मेहनत की कमाई है। लेकिन जब बाजार में उथल-पुथल मची हो, तब चुपचाप किनारा कर लेना और जिस एसेट को कभी खुद बढ़ावा दिया, उसी को नीचा दिखाना यह साबित करता है कि बड़े अमीर किसी एक तरह की वित्तीय संपत्ति से बंधे नहीं होते। Mark Cuban अगर इसे घाटे में भी बेच दें तो उन्हें कुछ खास नहीं खोना, मगर एक आम आदमी के लिए दांव पर सब कुछ लगा होता है।
सिर्फ बिटकॉइन नहीं, NFT का किस्सा भी याद रखिए
यह पहली बार नहीं है। साल 2021-22 में जब NFT बाजार अपने चरम पर था, तब भी Mark Cuban उसके सबसे बड़े समर्थकों में से एक थे। उन्होंने तो इसे भविष्य तक करार दिया और इशारा किया कि आने वाली पूरी वित्तीय दुनिया इन्हीं नई संपत्तियों के इर्द-गिर्द घूमेगी। हकीकत यह रही कि NFT 2023 तक भी टिक नहीं पाए और गहरी बेहोशी में चले गए। जिन्होंने इनमें पैसा लगाया था — मशहूर हस्तियों समेत — उनके पोर्टफोलियो 90% से ज्यादा गिर गए।
आम निवेशक के लिए असली सबक
इस पूरे प्रकरण से सीखने लायक बात यही है कि अरबपति कुछ भी कह सकते हैं और साफ बच निकलते हैं। करोड़ों के दांव में नुकसान उठाने के बावजूद उनके पास अरबों डॉलर का गद्दा बना रहता है। अगली बार जब कोई बड़ा रईस किसी एसेट की वकालत करे, तो ठहरकर सोचिए कि वह निवेश सचमुच इस लायक है या नहीं और यह आपकी अपनी जेब पर क्या असर डालेगा। वे यू-टर्न लेकर किनारे लग सकते हैं, लेकिन घाटे के बीच आप अपनी नैया खुद नहीं मोड़ पाते।













