भारत में लंबे समय तक बढ़ती आबादी एक प्रमुख चर्चा का विषय रही और दशकों तक 'हम दो, हमारे दो' का संदेश दिया जाता रहा, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में कई परिवारों का रुझान केवल एक बच्चे तक सीमित हो गया है. इसी बीच गुजरात के एक प्रमुख समाज ने अपने समुदाय की सिकुड़ती संख्या को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है. कच्छ कड़वा पाटीदार समाज (केकेपीएस) ने अपनी गिरती जनसंख्या दर को थामने के उद्देश्य से एक विशेष प्रोत्साहन योजना पेश की है, जिसके तहत तीसरा बच्चा होने पर माता-पिता को 50,000 रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी सौंपी जाएगी और उन्हें सार्वजनिक तौर पर सम्मानित भी किया जाएगा.
आबादी में गिरावट को लेकर जोनल बैठक में बनी रणनीति
यह महत्वपूर्ण निर्णय हाल ही में आयोजित दक्षिण गुजरात की जोनल बैठक के दौरान सामने आया. बैठक में मौजूद समुदाय के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने इस बात पर गंभीर मंथन किया कि नई पीढ़ी के कई युवा दंपती या तो बच्चे पैदा ही नहीं कर रहे हैं अथवा केवल एक बच्चे तक ही सीमित रह रहे हैं. समाज के प्रतिनिधियों का मानना है कि यदि यही रुझान आगे भी जारी रहा, तो भविष्य में समुदाय का आकार बेहद छोटा हो जाएगा. इसी जनसांख्यिकीय संकट को टालने के लिए बड़े परिवारों को बढ़ावा देने का यह रास्ता चुना गया है.
संतुलन बनाए रखने और युवा दंपतियों को जोड़ने की कोशिश
समुदाय के नेतृत्व का कहना है कि इस अनूठी योजना का व्यापक उद्देश्य जाति, धर्म और आयु संरचना के आधार पर पैदा हो रहे जनसांख्यिकीय असंतुलन को संतुलित करना है. केकेपीएस दक्षिण गुजरात जोन के उपाध्यक्ष जवेरीलाल रमणी ने इस पहल के पीछे की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए कहा, “यह विचार इसलिए आया क्योंकि हमने देखा कि समुदाय के युवा या तो बच्चे पैदा नहीं कर रहे या सिर्फ एक बच्चा पैदा कर रहे हैं. एफडी के जरिए हम उन्हें ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं.”
दक्षिण गुजरात में 17,000 सदस्यों की संख्या को बढ़ाने पर ध्यान
आंकड़ों के अनुसार दक्षिण गुजरात क्षेत्र में कच्छ कड़वा पाटीदार समाज की मौजूदा आबादी लगभग 17,000 दर्ज की गई है, जिसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है. समुदाय के आयोजकों का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अपनी सामाजिक ताकत और पारिवारिक मजबूती को बनाए रखना है. संगठन ने उम्मीद जताई है कि 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता और सम्मान समारोह की यह व्यवस्था युवा जोड़ों को एक से अधिक बच्चे पैदा करने की दिशा में प्रेरित करेगी.























