क्रिप्टोकरेंसी बाजार में प्रमुख डिजिटल एसेट्स महत्वपूर्ण रजिस्टेंस स्तरों के पास कारोबार कर रहे हैं जिससे मार्केट में मिलाजुला तकनीकी माहौल बना हुआ है। बिटकॉइन 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) $64,654 की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहा है, जबकि इसका लाइव भाव पिछले बंद $63,461 से +0.99% बढ़कर $64,090 पर पहुंच गया है। वहीं एथेरियम 50-दिवसीय और 100-दिवसीय EMA के बीच $1,875 के स्तर पर कंसोलिडेट हो रहा है, जो ट्रेडर्स के बीच अनिश्चितता को दर्शाता है। दूसरी ओर एक्सआरपी $1.070 के सपोर्ट स्तर से ऊपर $1.075 पर स्थिर बना हुआ है, हालांकि ऊपरी स्तरों पर मूविंग एवरेज की रुकावटें तेजी को रोक रही हैं। तकनीकी सूचकांकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 51 से 52 के आसपास न्यूट्रल जोन में है, जबकि नेगेटिव मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डायवर्जेंस (MACD) यह संकेत दे रहा है कि बाजार पर बिकवाली का दबाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
बिटकॉइन का तकनीकी ढांचा और अहम रजिस्टेंस स्तर
बिटकॉइन में हालिया प्राइस एक्शन ऊपरी मूविंग एवरेज के स्तरों को परखने की कोशिश दिखा रहा है। $64,090 के लाइव स्तर पर कारोबार कर रहा बिटकॉइन बीते 52 हफ्तों के दौरान $57,748 से $97,861 के दायरे में रहा है, और इसका 24 घंटे का ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत से 1.02 गुना है। बिटकॉइन के लिए पहला अहम रजिस्टेंस 50-दिवसीय EMA पर $64,654 (लाइव गणना के अनुसार $64,611) के पास है। यदि बिटकॉइन 50-दिवसीय EMA के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो आगे बढ़त का रास्ता साफ हो सकता है, जहां अगला रजिस्टेंस 100-दिवसीय EMA $67,080 और फिर 200-दिवसीय EMA $72,650 पर स्थित है। इसके ऊपर लंबी अवधि का क्षैतिज रजिस्टेंस $84,410 पर देखा जा रहा है।
शॉर्ट से मीडियम टर्म के तकनीकी पैटर्न के मुताबिक बिटकॉइन एक गिरते ट्रेंड चैनल में बना हुआ है, जो दिखाता है कि रिकवरी के दौरान निवेशकों की तरफ से बिकवाली देखने को मिल रही है। हालांकि चार्ट पर एक इन्वर्स हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न विकसित हो रहा है। यदि बिटकॉइन $66,240 के रजिस्टेंस स्तर को भारी वॉल्यूम के साथ पार करता है, तो यह बुलिश रिवर्सल की पुष्टि करेगा। फिलहाल बिटकॉइन $63,000 के सपोर्ट और $66,000 के रजिस्टेंस के बीच अटका हुआ है, और इनमें से किसी भी स्तर का ब्रेकआउट बाजार की नई दिशा तय करेगा।
नीचे की तरफ बिटकॉइन के लिए पहला सपोर्ट $64,004 के क्षैतिज स्तर पर है, जबकि लाइव पिवट सपोर्ट S1 $63,870, S2 $63,651 और 20-दिवसीय सपोर्ट $62,227 पर मौजूद है। यदि $64,004 का सपोर्ट टूटता है, तो गिरावट गहराने का जोखिम रहेगा क्योंकि बिटकॉइन 50-दिवसीय और 200-दिवसीय EMA के डेथ क्रॉस फॉर्मेशन के कारण दबाव में है। RSI 51 पर होने से सीमित तेजी के संकेत मिल रहे हैं, वहीं MACD हिस्टोग्राम नेगेटिव रहने से रिकवरी का ढांचा कमजोर नजर आ रहा है।
एथेरियम में कंसोलिडेशन और सीमित दायरे की चाल
एथेरियम बुधवार को $1,875 पर कारोबार कर रहा है और शार्ट टर्म में इसका रुझान न्यूट्रल बना हुआ है। एथेरियम का भाव 50-दिवसीय EMA $1,852 से ऊपर टिका हुआ है, जो खरीदारी को तात्कालिक सहारा दे रहा है। हालांकि ऊपर की ओर 100-दिवसीय EMA $1,925 पर बना हुआ है, जो तेजी की सीमा तय कर रहा है।
यदि खरीदार एथेरियम को $1,925 के 100-दिवसीय EMA से ऊपर ले जाने में सफल होते हैं, तो अगला अहम पड़ाव $2,000 का साइकोलॉजिकल स्तर होगा। $2,000 के पार निकलने पर 200-दिवसीय EMA $2,134 पर मुख्य रजिस्टेंस के रूप में काम करेगा। तकनीकी इंडिकेटर्स में RSI 52 के आसपास है जो कंसोलिडेशन के बाद संतुलित मोमेंटम को दर्शाता है। वहीं MACD का नेगेटिव जोन में रहना यह बताता है कि ऊपरी स्तरों पर मूविंग एवरेज के पास बिकवाली की आपूर्ति बनी रह सकती है।
एथेरियम के लिए नीचे की तरफ 50-दिवसीय EMA $1,852 सबसे मुख्य सपोर्ट है। यदि एथेरियम दैनिक चार्ट पर $1,852 से नीचे बंद होता है, तो भाव नीचे $1,385 के सपोर्ट जोन तक फिसल सकता है। जब तक $1,925 का ब्रेकआउट या $1,852 का ब्रेकडाउन नहीं होता, तब तक एथेरियम के सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
एक्सआरपी की स्थिरता और ऊपरी ट्रेंड की रुकावटें
एक्सआरपी बुधवार को $1.075 पर कारोबार कर रहा है और $1.070 के स्तर से ऊपर स्थिर होने के बावजूद इसका शार्ट टर्म नजरिया बेयरिश बना हुआ है। एक्सआरपी का भाव अपनी तीनों प्रमुख मूविंग एवरेज 50-दिवसीय EMA $1.117, 100-दिवसीय EMA $1.198 और 200-दिवसीय EMA $1.388 से नीचे बना हुआ है, जिससे ऊपरी ट्रेंड पर दबाव कायम है।
एक्सआरपी के लिए पहला रजिस्टेंस 50-दिवसीय EMA $1.117 पर है। इसे पार करने पर भाव 100-दिवसीय EMA $1.198 और फिर $1.300 के क्षैतिज रजिस्टेंस की ओर बढ़ सकता है। इसके ऊपर 200-दिवसीय EMA $1.388 और दूरस्थ लक्ष्य $1.900 पर सप्लाई जोन मौजूद है। एक्सआरपी का RSI 45 के स्तर पर है जो 50 के न्यूट्रल आंकड़े से नीचे होने के कारण खरीदारों की सुस्त दिलचस्पी को दिखाता है। मामूली रूप से नेगेटिव MACD यह संकेत देता है कि बिकवाली की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
नीचे की तरफ एक्सआरपी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट $1.000 का साइकोलॉजिकल स्तर है। अगर बिकवाली बढ़ती है तो खरीदारों को $1.000 के स्तर का बचाव करना होगा ताकि बड़ी गिरावट को रोका जा सके। $1.000 से नीचे जाना बेयरिश ट्रेंड के जारी रहने का संकेत होगा।
ब्लॉकचेन सप्लाई डायनेमिक्स और टोकन इकोनॉमिक्स
क्रिप्टोकरेंसी के मूल्यांकन को समझने के लिए टोकन सप्लाई के नियमों को जानना बेहद जरूरी है। किसी भी क्रिप्टोकरेंसी की कुल सप्लाई उसकी डेवलपर टीम द्वारा तय की जाती है और इसे ब्लॉकचेन के एल्गोरिदम में कोडित किया जाता है। नए टोकन की माइनिंग या स्टेकिंग जैसी प्रक्रियाओं के जरिए सिस्टम में सीमित संख्या में ही नए टोकन जारी किए जा सकते हैं।
दूसरी तरफ सर्कुलेटिंग सप्लाई का मतलब बाजार में मौजूद उन टोकन से है जो ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं। टोकन बर्निंग प्रक्रिया द्वारा कुल सर्कुलेटिंग सप्लाई को कम किया जा सकता है, जिसमें टोकन को ऐसे एड्रेस पर भेज दिया जाता है जहां से उन्हें कभी निकाला नहीं जा सकता। इसके अलावा गलत ब्लॉकचेन एड्रेस पर टोकन भेजने जैसी गलतियों से भी सर्कुलेटिंग सप्लाई कम हो जाती है।
मार्केट कैप और मार्केट सेंटीमेंट के प्रमुख पैमाने
मार्केट कैपिटलाइजेशन या मार्केट कैप किसी क्रिप्टोकरेंसी के कुल आकार को मापने का मुख्य पैमाना है। इसे किसी एसेट की सर्कुलेटिंग सप्लाई को उसकी मौजूदा बाजार कीमत से गुणा करके निकाला जाता है। इससे निवेशकों को अलग-अलग एसेट्स के तुलनात्मक आकार का पता चलता है।
ट्रेडिंग वॉल्यूम 24 घंटे के भीतर खरीदारों और बिकवालों के बीच कुल खरीदे और बेचे गए टोकन की संख्या को दर्शाता है। यह सेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज (CEX) और डिसेंट्रलाइज्ड एक्सचेंज (DEX) के आंकड़ों को मिलाकर तैयार किया जाता है। ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ना बाजार में मांग और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है।
डेरिवेटिव मार्केट में फंडिंग रेट्स फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट की कीमतों को स्पॉट मार्केट की कीमतों के बराबर बनाए रखने में मदद करते हैं। जब फंडिंग रेट पॉजिटिव होता है, तो फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट की कीमत स्पॉट प्राइस से अधिक होती है, जिससे लॉन्ग पोजीशन वाले ट्रेडर्स को शॉर्ट पोजीशन वाले ट्रेडर्स को भुगतान करना पड़ता है। इसके विपरीत जब फंडिंग रेट नेगेटिव होता है, तो शॉर्ट पोजीशन वाले ट्रेडर्स लॉन्ग पोजीशन वाले ट्रेडर्स को भुगतान करते हैं। फंडिंग रेट्स से बाजार में ट्रेडर्स के रुझान और लीवरेज का पता चलता है।



















