अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली शिकस्त के बाद क्रिप्टो बाजार में ऑफिशियल ट्रंप टोकन पर भारी बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में 20 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज करने के बाद गुरुवार को यह डिजिटल टोकन रिकॉर्ड निचले स्तर 1.2580 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है। पिछले दो महीनों से जारी लगातार गिरावट के रुख ने इस टोकन की स्थिति को बेहद कमजोर कर दिया है, जिससे ट्रेडर्स के बीच मंदी का रुख और गहरा गया है।
डेरिवेटिव्स बाजार में बढ़ती बिकवाली और ओपन इंटरेस्ट
कीमतों में लगातार गिरावट के बावजूद इस हफ्ते ऑफिशियल ट्रंप के ओपन इंटरेस्ट में लगातार सुधार देखा गया है। जब हाजिर बाजार में कीमतें गिर रही हों और ओपन इंटरेस्ट में इजाफा हो रहा हो, तो डेरिवेटिव्स बाजार का यह ढांचा साफ तौर पर मंदी की स्थिति बनने का संकेत देता है। बाजार के ट्रेडर्स शॉर्ट पोजीशन बना रहे हैं, जिससे टोकन पर नीचे की तरफ जाने का दबाव और ज्यादा बढ़ गया है। 20 प्रतिशत की एकदिनी गिरावट के बाद टोकन फिलहाल 1.2500 डॉलर के आसपास ठहराव तलाशने की कोशिश कर रहा है, लेकिन बिकवाली का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
तकनीकी संकेतकों में दिख रही कमजोरी
तकनीकी चार्ट पर ऑफिशियल ट्रंप का प्रदर्शन पूरी तरह से मंदी के दायरे में बना हुआ है। टोकन अपने 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी 1.7806 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 2.3075 डॉलर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। इन दोनों प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बने रहना यह दर्शाता है कि निकट भविष्य में इस टोकन पर दबाव कायम रहने वाला है।
इसके अलावा, टोकन 29 अगस्त और 1 नवंबर के उच्च स्तरों को जोड़ने वाली दीर्घकालिक प्रतिरोध ट्रेंडलाइन के नीचे फंसा हुआ है, जो 1.7772 डॉलर के आसपास स्थित है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टोकन ने 13 अगस्त को बनाए गए अपने पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर 1.3650 डॉलर के नीचे दैनिक स्तर पर क्लोजिंग दे दी है। इस महत्वपूर्ण स्तर के टूटने से अब तकनीकी रूप से 1.0000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर तक और गिरावट आने का रास्ता पूरी तरह खुल गया है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स भी किसी बड़े सुधार का संकेत नहीं दे रहे हैं। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी शून्य और अपनी सिग्नल लाइन के नीचे बना हुआ है, जो नकारात्मक मोमेंटम को पुष्ट करता है। वहीं रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 27 के स्तर पर दर्ज किया गया है, जो ओवरसोल्ड क्षेत्र में होने के बावजूद लगातार जारी बिकवाली के दबाव को उजागर करता है।
ऊपरी स्तरों पर प्रमुख रुकावटें
यदि इस टोकन में कोई तकनीकी उछाल आता भी है, तो ऊपरी स्तरों पर भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। पहला बड़ा प्रतिरोध 1.7772 डॉलर की घटती ट्रेंडलाइन पर स्थित है, जिसे 50-दिवसीय ईएमए 1.7806 डॉलर से अतिरिक्त मजबूती मिलती है। जब तक टोकन इन स्तरों से ऊपर टिकने में सफल नहीं होता, तब तक मौजूदा मंदी का रुख हल्का नहीं पड़ेगा। इसके बाद 200-दिवसीय ईएमए 2.3075 डॉलर एक बहुत बड़ी संरचनात्मक बाधा के रूप में सामने आएगा।
रिपल और स्टेलर में सुधार का दौर
दूसरी तरफ, व्यापक आल्टकॉइन बाजार में चुनिंदा संपत्तियों में राहत देखने को मिली है। रिपल और स्टेलर ने अपनी रिकवरी को आगे बढ़ाया है क्योंकि दोनों टोकन पर बिकवाली का दबाव कम होना शुरू हो गया है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, रिपल यानी एक्सआरपी 1.31 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले 1.28 डॉलर के बंद स्तर से 2.35 प्रतिशत ऊपर है। यह पिछले फॉलिंग चैनल पैटर्न की ऊपरी ट्रेंडलाइन को पार करने के बाद 1.30 डॉलर से ऊपर अपनी स्थिति मजबूत कर चुका है। एक्सआरपी के लिए 20-दिवसीय ईएमए 1.30 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 1.34 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 1.36 डॉलर पर है, जबकि आरएसआई 48 पर तटस्थ बना हुआ है।
स्टेलर यानी एक्सएलएम भी 0.168 डॉलर के ऊपर टिका हुआ है और 0.173 डॉलर के प्रतिरोध स्तर के करीब पहुंच रहा है। दोनों ही संपत्तियों के डेरिवेटिव्स मेट्रिक्स और मोमेंटम संकेतकों में सुधार दिख रहा है, जो आगे और उछाल की संभावना को रेखांकित करता है।
डॉजकॉइन में तेजी और नए अमेरिकी नियमों की सुगबुगाहट
मीम कॉइन डॉजकॉइन में भी सुधार के संकेत मिले हैं, जहां लगातार दो दिनों की बढ़त के बाद यह 0.0770 डॉलर के ऊपर बना हुआ है। संस्थागत निवेशकों की कम दिलचस्पी और घटते ओपन इंटरेस्ट के बावजूद इस टोकन ने अपनी गति पकड़ी है। चार घंटे के चार्ट पर प्रमुख प्रतिरोध ट्रेंडलाइन से बुलिश ब्रेकआउट की संभावना के साथ डॉजकॉइन का तकनीकी दृष्टिकोण ऊपर की तरफ बना हुआ है।
इस बीच अमेरिकी संसद में नीतिगत बदलावों की चर्चा भी शुरू हो गई है। हाउस डेमोक्रेट्स अगली कांग्रेस में एक व्यापक क्रिप्टो बाजार संरचना विधेयक पेश करने की योजना पर चर्चा कर रहे हैं। इस कदम का मकसद उन प्रावधानों को दोबारा जीवित करना हो सकता है, जिन्हें पहले डिजिटल एसेट मार्केट क्लैरिटी एक्ट में शामिल करने का असफल प्रयास किया गया था। यह विधायी हलचल आने वाले दिनों में समूचे डिजिटल एसेट सेक्टर के विनियामक ढांचे पर बड़ा असर डाल सकती है।



















