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दीपावली पर आतिशबाजी से भड़कने वाली आग पर काबू पाने को जोधपुर में 50 दमकलकर्मी तैनात, तीन हेल्पलाइन नंबर जारीराजस्थान
5 नव॰ 2026, 10:55 am (1 दिन पहले)· 1

दीपावली पर आतिशबाजी से भड़कने वाली आग पर काबू पाने को जोधपुर में 50 दमकलकर्मी तैनात, तीन हेल्पलाइन नंबर जारी

जोधपुर में दीपावली के दौरान आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन विभाग ने 50 कर्मियों और छह वाहनों का बेड़ा तैयार किया है। तंग गलियों और ऊंची इमारतों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

रोशनी और उत्साह के पर्व दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान उठने वाली छोटी सी चिंगारी भी कभी-कभी भीषण आग का रूप ले लेती है। त्योहार के दिनों में पटाखों और दीयों से आगजनी की आशंका काफी बढ़ जाती है। इसी खतरे को ध्यान में रखते हुए जोधपुर में अग्निशमन विभाग ने 24 घंटे मुस्तैद रहने का पुख्ता बंदोबस्त किया है, ताकि किसी भी आकस्मिक घटना की सूचना मिलते ही दमकल दल तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर सके।

कर्मियों की तैनाती और छह वाहनों का बेड़ा तैयार

आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग ने कर्मचारियों और गाड़ियों का विशेष प्लान तैयार किया है। नागोरी गेट फायर स्टेशन के चीफ फायर ऑफिसर जय सिंह ने बताया कि लगभग 50 कर्मचारियों की पूरी टीम को छह विशेष वाहनों और आधुनिक साजो-सामान के साथ मुस्तैद किया गया है। विभाग के इस दस्ते में 20 स्थायी कर्मचारी शामिल हैं, जबकि लगभग 30 संविदा कर्मियों को भी साथ जोड़ा गया है। इस प्रकार 50 लोगों का संयुक्त बल पूरे शहर में सुरक्षा का जिम्मा संभालेगा।

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विभाग के बेड़े में शामिल छह वाहनों में से एक बोलेरो पिकअप को खास तौर पर पुराने शहर की भौगोलिक बनावट के हिसाब से ढाला गया है। इस बोलेरो पिकअप में 700 लीटर क्षमता का वाटर स्टोरेज टैंक फिट किया गया है, जिसकी मदद से संकरी गलियों और तंग रास्तों में भी आग बुझाने का काम आसानी से किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त बाकी पांच अन्य वाहन शहर के अलग-अलग संवेदनशील और प्रमुख हिस्सों में सेवा देंगे।

ऊंची इमारतों के बचाव के लिए ब्रोंटो स्काईलिफ्ट और आधुनिक उपकरण

शहर की बहुमंजिला इमारतों में आग लगने या लोगों के फंसने जैसी विकट परिस्थितियों से निपटने के लिए ब्रोंटो स्काईलिफ्ट वाहन को पूरी तरह तैयार रखा गया है। इस वाहन के सहारे ऊंचाई पर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ-साथ ऊपर तक पानी की बौछार मारकर आग पर काबू पाना मुमकिन होता है। विभाग ने सरकार द्वारा दिए गए नए आधुनिक उपकरणों और वाटर पंपों के साथ-साथ अपने पुराने संसाधनों की भी पूरी तरह जांच परख कर उन्हें चालू हालत में रखा है, जिससे मौके पर बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके।

बावड़ियों से पानी उठाने को पोर्टेबल पंप और जलदाय विभाग से समन्वय

अग्निशमन अभियानों में सबसे बड़ी रुकावट अक्सर पर्याप्त पानी की कमी के चलते आती है। इस बाधा को दूर करने के लिए विभाग ने संचालित पोर्टेबल पंपों का इंतजाम किया है। इन पंपों की मदद से शहर में मौजूद ऐतिहासिक बावड़ियों से सीधे पानी लिफ्ट कर दमकल की गाड़ियों में भरा जा सकेगा। ये पोर्टेबल पंप काफी हल्के हैं और इन्हें आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इनके साथ अलग-अलग शाखाएं और पाइप जोड़े गए हैं, जिससे तंग गलियों के भीतर तक पानी की सप्लाई पहुंचाई जा सके।

विभाग के पास करीब 60 मीटर यानी लगभग 180 से 190 फीट लंबी पाइपलाइन के जरिए संकरे रास्तों में पानी पहुंचाने का पुख्ता बंदोबस्त है। इसके साथ ही त्योहार के दौरान पानी का संकट न खड़ा हो, इसके लिए जलदाय विभाग को पत्र भेजकर अग्निशमन गतिविधियों के वास्ते अतिरिक्त जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।

जालोरी गेट, घंटाघर और प्रमुख इलाकों में वाहनों का पहरा

आग की किसी भी घटना पर बिना देरी काबू पाने के लिए रणनीतिक तौर पर शहर के मुख्य चौराहों और बाजारों में दमकल गाड़ियां तैनात रखने का फैसला लिया गया है। जालोरी गेट, प्रतापनगर, लालसागर और घंटाघर जैसे भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर गाड़ियां मुस्तैद रहेंगी। इसके अलावा मंडोर और इंडस्ट्रियल एरिया जैसे औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्रों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। अगर किसी दूरदराज के क्षेत्र से भी दुर्घटना की सूचना आती है, तो नजदीकी स्टेशन से तुरंत अतिरिक्त वाहन रवाना किए जाएंगे।

आपात स्थिति के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर

दीपावली के पर्व पर किसी भी जगह आगजनी होने पर नागरिक तुरंत दमकल विभाग के नजदीकी केंद्र पर संपर्क साध सकते हैं। इसके लिए तीन प्रमुख फायर स्टेशनों के सीधे टेलीफोन नंबर साझा किए गए हैं

  • नागोरी गेट फायर स्टेशन: आपात स्थिति में 0291-2651401 पर डायल करें।
  • बासनी फायर स्टेशन: सहायता के लिए 0291-2651402 पर संपर्क करें।
  • शास्त्री नगर फायर स्टेशन: दमकल दल बुलाने के लिए 0291-2772760 पर सूचना दें।

सवाल-जवाब

दीपावली के लिए जोधपुर में कुल कितने दमकलकर्मी तैनात किए गए हैं?
विभाग ने कुल 50 कर्मचारियों की टीम बनाई है, जिसमें 20 स्थायी और लगभग 30 संविदा कर्मी शामिल हैं।
पुराने शहर की संकरी गलियों में आग बुझाने के लिए क्या विशेष इंतजाम है?
तंग रास्तों के लिए 700 लीटर पानी की क्षमता वाली एक विशेष बोलेरो पिकअप और 60 मीटर (लगभग 180 से 190 फीट) तक के पाइप तैनात किए गए हैं।
ऊंची इमारतों में राहत कार्य के लिए कौन सा वाहन उपयोग किया जाएगा?
बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने और फंसे लोगों को निकालने के लिए ब्रोंटो स्काईलिफ्ट वाहन उपलब्ध रखा गया है।
पानी की कमी से निपटने के लिए विभाग ने क्या व्यवस्था की है?
पोर्टेबल पंपों के जरिए शहर की बावड़ियों से पानी लिफ्ट किया जाएगा और जलदाय विभाग से भी अतिरिक्त पानी का अनुरोध किया गया है।
शहर में दमकल वाहन किन प्रमुख जगहों पर मुस्तैद रहेंगे?
जालोरी गेट, प्रताप नगर, लालसागर, घंटाघर, मंडोर और इंडस्ट्रियल एरिया जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वाहन तैनात रहेंगे।
आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए कौन से हेल्पलाइन नंबर जारी हुए हैं?
नागोरी गेट के लिए 0291-2651401, बासनी के लिए 0291-2651402 और शास्त्री नगर के लिए 0291-2772760 नंबर जारी किए गए हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·14 घंटे पहले

जोधपुर की उन नीली और संकरी गलियों में घूमना अपने आप में एक अलग जादुई अनुभव है, लेकिन दीवाली के समय वहां संकड़ी जगहों पर आग का खतरा सचमुच डरावना हो सकता है। वहां की पुरानी बावड़ियों से पानी खींचने और छोटी गाड़ियों का इंतजाम देखकर वाकई राहत महसूस हुई कि प्रशासन इस बार पूरी तरह तैयार है।

Ravikash Gupta@ravikash·23 घंटे पहले

जोधपुर प्रशासन की अच्छी पहल है, तंग गलियों के लिए छोटी गाड़ियां और हेल्पलाइन से काफी मदद मिलेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·23 घंटे पहले

रवि जी, बात तो सही है पर तंग गलियों के लिए सिर्फ एक छोटी गाड़ी और कुछ पंप से क्या सच में पूरी पुरानी बस्ती संभल जाएगी?

Rohan Verma@rohan-verma·23 घंटे पहले

पुरानी जोधपुर की तंग गलियों में त्योहार के वक्त दमकल ले जाना सचमुच लोहे के चने चबाने जैसा होता है। हमने पिछली बार वहां देखा था कि एक छोटी सी गली में गाड़ी फंस जाने से कितनी अफरातफरी मच गई थी, इसलिए इस बार पिकअप और पोर्टेबल पंप का यह इंतज़ाम वाकई बहुत राहत देने वाला है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 घंटे पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। पुरानी बस्तियों में संकरी गलियों की वजह से कई बार राहत कार्य में बहुत दिक्कत आती है, ऐसे में छोटा वाटर टैंक वाला वाहन बहुत काम आएगा।

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