गुरुग्राम में युवराज सिंह मनचंदा की हत्या के बाद पुलिस ने बिना पहचान किए कर दिया अंतिम संस्कार, परिजनों ने खड़े किए गंभीर सवालबैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरें 1.25% कीं, लेकिन दो सदस्यों की असहमति से कमजोर पड़ा येनअमेरिकी स्टील्थ फाइटर F-35 का गोपनीय पुर्जा ऑस्ट्रेलिया से अमेरिका जाते समय हांगकांग में उतरा, पेंटागन में हड़कंपदिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट दरें बढ़ा सकता है यूरोपीय सेंट्रल बैंक, राबोबैंक ने लगाया अनुमानअमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे पस्त हुआ यूरो, केंद्रीय बैंकों की सख्त नीतियों और कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई हलचलफेडरल रिजर्व की दर वृद्धि और पश्चिम एशिया संकट से अमेरिकी डॉलर मजबूत, यूरो पर बढ़ा दबावअमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.40 के करीब फिसला कनाडाई डॉलर, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कमजोरी से बढ़ा दबावभूमध्य सागर में फैले माइक्रोएल्गी ने रोकी इज़राइल के डिसेलिनेशन प्लांटों की रफ्तारधनु राशिफल 19 सितंबर 2026: कार्यक्षेत्र और व्यापार में नए अवसर, प्रेम संबंधों में जल्दबाजी से बचेंसोने में ₹800 और चांदी में ₹3,000 की जोरदार तेजी, फेड की ब्याज दर नीति से पहले कमोडिटी बाजार में उछाल
फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि और पश्चिम एशिया संकट से अमेरिकी डॉलर मजबूत, यूरो पर बढ़ा दबावबाज़ार
19 सित॰ 2026, 10:33 am (30 मिनट पहले)· 1

फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि और पश्चिम एशिया संकट से अमेरिकी डॉलर मजबूत, यूरो पर बढ़ा दबाव

फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को बढ़ाकर 3.75% से 4.00% करने और पश्चिम एशिया तनाव के बीच ऊर्जा संकट गहराने से डॉलर में तेजी आई है, जबकि यूरो गिरावट की ओर अग्रसर है।

CLSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण19 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

CL अभी $100 पर है, जबकि EMA20 $94.81, EMA50 $89.11 और EMA200 $79.29 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 ($94.81) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

CL का RSI 64 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर ने अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली है, जिसकी मुख्य वजह केंद्रीय बैंक का सख्त मौद्रिक रुख और पश्चिम एशिया में लगातार गहराता भू-राजनीतिक संकट है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी मानक उधारी लागत में इजाफा करते हुए ब्याज दरों की सीमा 3.75% से 4.00% तक पहुंचा दी है। इस सख्त नीतिगत कदम के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल देखने को मिली, जिसका सीधा असर प्रमुख मुद्रा जोड़ियों और कमोडिटी बाजार पर पड़ा है। विशेष रूप से यूरो के मुकाबले ग्रीनबैक में आई तेजी ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा और ऊर्जा आपूर्ति का झटका

व्यापारिक जगत में पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए जाने वाले शुल्कों के असर को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं, मगर वे बातें अचानक भड़के तेल आपूर्ति संकट के सामने गौण साबित हुईं। ईरान और इजरायल के बीच शुरू हुई तनातनी अब पश्चिम एशिया के एक व्यापक क्षेत्रीय टकराव में बदल चुकी है। इस संघर्ष के कारण रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले जहाजों के आवागमन में भारी रुकावट आई है। इस ऐतिहासिक संकट से पहले दुनिया भर के कुल कच्चे तेल तथा पेट्रोलियम उत्पादों का करीब 25% हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से गुजरता था। इसके अलावा एशियाई देशों को मिलने वाली 80% से अधिक आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते पर निर्भर थी।

ये भी पढ़ें

फारस की खाड़ी में उत्पन्न इस गतिरोध ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की किल्लत पैदा कर दी, जिससे वैश्विक बाजारों में ऊर्जा की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। चूंकि यह सैन्य संघर्ष रुकने के बजाय फैलता दिख रहा है, इसलिए वित्तीय हलकों ने कच्चे तेल के भाव लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहने की संभावनाओं को पूरी तरह समायोजित करना शुरू कर दिया है। इसी महंगाई के दबाव से निपटने के लिए प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा सख्त फैसले लिए जाने का पूर्वानुमान तेज हो गया है। लाइव मार्केट आंकड़ों की बात करें तो क्रूड ऑयल (CL=F) का भाव 100.30 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है, जिसमें 1.58% की नरमी दर्ज की गई जबकि इसका पिछला बंद स्तर 101.91 डॉलर था। कच्चे तेल के लिए 14-दिवसीय आरएसआई 64 पर है, जबकि 20-दिवसीय ईएमए 94.81 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 89.11 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 79.29 डॉलर पर स्थिर है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर प्रति बैरल के बीच दर्ज किया गया है।

फेडरल रिजर्व का रुख और केविन वार्श की रणनीति

वित्तीय परिदृश्य में फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि का पहले से अनुमान लगाया जा रहा था, लेकिन बाजार प्रतिभागियों के मन में केंद्रीय बैंक के चेयरमैन केविन वार्श के कदम को लेकर संशय बना हुआ था। यह अनिश्चितता इसलिए उपजी क्योंकि वार्श ने भविष्य की नीतियों पर कोई स्पष्ट अग्रिम मार्गदर्शन देने से परहेज किया। इसके अतिरिक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी लंबे समय से नीतिगत दरों में कटौती की वकालत कर रहे थे। राजनीतिक दबाव और अनिश्चितताओं के बावजूद फेडरल रिजर्व ने न केवल दरों में बढ़ोतरी की, बल्कि सारांश आर्थिक अनुमानों (एसईपी) के जरिए वर्ष के अंत से पहले अतिरिक्त दर वृद्धि की संभावनाओं को भी बल दिया।

चेयरमैन केविन वार्श ने नीतिगत संकेतों पर पत्ते खोलने से इनकार करते हुए सिर्फ इस बात पर अडिग रहने का संकल्प दोहराया कि मुद्रास्फीति को 2% के अनिवार्य लक्ष्य पर वापस लाना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की मांगों की अनदेखी करते हुए वार्श ने मौद्रिक स्वतंत्रता का स्पष्ट संदेश दिया है, हालांकि आगे के फैसलों पर उनकी रणनीति की वास्तविक परीक्षा होगी। आईएनजी के रणनीतिकारों के अनुसार तेल की कीमतों में आई मामूली नरमी ने डॉलर की तेज रफ्तार को कुछ हद तक सीमित किया है। ऊर्जा बाजारों को उम्मीद है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप और खाड़ी देशों के नेताओं के बीच होने वाली वार्ता से पश्चिमी एशियाई क्षेत्र के लिए किसी ठोस योजना पर स्पष्टता मिल सकती है। इसके साथ ही इस बात पर भी नजरें टिकी हैं कि ट्रंप सैन्य अभियानों को और आगे बढ़ाएंगे या संघर्ष विराम की दिशा में पहल करेंगे।

यूरोपीय मुद्रा में बिकवाली का दौर और तकनीकी स्तर

फेडरल रिजर्व के आक्रामक संदेश ने अक्टूबर में संभावित दर वृद्धि की उम्मीदों को जीवित रखा है, जिसके चलते यूरो/यूएसडी (EUR/USD) जोड़ी पर दबाव गहरा गया है। शुक्रवार को यह मुद्रा जोड़ी 1.1500 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर बंद हुई और 1.1454 के निचले स्तर के करीब कारोबार करती देखी गई। तकनीकी चार्ट्स पर यूरो में स्पष्ट मंदी का रुझान उभर रहा है। दैनिक चार्ट में हाजिर भाव अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे खिसक गया है। इस दौरान 1.1548 पर स्थित 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए), 1.1593 पर मौजूद 20-दिवसीय एसएमए और 1.1629 पर स्थित 200-दिवसीय एसएमए मजबूत प्रतिरोध का काम कर रहे हैं।

साप्ताहिक समय-सीमा पर भी स्थिति यूरो के प्रतिकूल दिख रही है, जहां यह जोड़ी 1.1543 के 20-सप्ताह के एसएमए के नीचे आ गई है, यद्यपि यह 1.1349 के 100-सप्ताह और 1.1087 के 200-सप्ताह के एसएमए से ऊपर टिकी हुई है। 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) दक्षिण की ओर झुकते हुए 44 के स्तर पर पहुंच गया है, जो बिकवाली के बढ़ते दबाव की पुष्टि करता है। गिरावट की स्थिति में 1.1450 के स्तर पर तत्काल सहारा मौजूद है, जिसके टूटने पर जोड़ी 1.1350 के अगले अहम दायरे का परीक्षण कर सकती है। यदि खरीदार दोबारा हावी होते हैं, तो उन्हें 1.1543 और 1.1600 की बाधाओं को पार करना होगा, जिसके बाद ही अगस्त के 1.1710 के उच्च स्तर की ओर कदम बढ़ाया जा सकेगा।

वैश्विक मुद्राओं और सर्राफा बाजार का ताजा हाल

अन्य प्रमुख विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में भी हलचल तेज रही। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी आने से एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD/USD) 0.7100 के ऊपर मजबूती के साथ कारोबार करता रहा। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर मिशेल बुलॉक के कड़े बयानों ने वहां दर वृद्धि की उम्मीदों को हवा दी, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को संबल मिला। हालांकि डॉलर के समग्र दबदबे ने इस बढ़त को सीमित दायरे में बांधे रखा। उधर डॉलर/येन (USD/JPY) जोड़ी में तेजी जारी रही और यह 158.00 के करीब पहुंचकर दो सप्ताह के नए शिखर पर पहुंच गई। बैंक ऑफ जापान (बीओजे) द्वारा ब्याज दरों को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने के बावजूद जापानी मुद्रा में कमजोरी बनी रही। बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से यह निर्णय लिया, लेकिन दो सदस्यों की असहमति ने निवेशकों को हैरान किया। गवर्नर काजुओ उएदा ने टिप्पणी की कि अब मौद्रिक नीति का चरण बदल चुका है।

दूसरी ओर सोने के बाजार में भी खरीदारों की सक्रियता दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर में मजबूती और ट्रेजरी यील्ड में तेजी के बावजूद बहुमूल्य पीली धातु शुक्रवार को लगभग 4,370 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास बढ़त के साथ टिकी रही। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों में आई हल्की राहत और भू-राजनीतिक जोखिमों ने सोने को एक सुरक्षित निवेश माध्यम के रूप में मजबूती प्रदान की, जिससे निवेशकों का भरोसा कायम रहा।

सवाल-जवाब

फेडरल रिजर्व ने अपनी मानक ब्याज दर को किस स्तर पर तय किया है?
फेडरल रिजर्व ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को बढ़ाकर 3.75% से 4.00% के दायरे में कर दिया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा से ऊर्जा बाजार पर क्या असर पड़ा है?
इस जलमार्ग से वैश्विक तेल का लगभग 25% हिस्सा गुजरता था, जिसकी आवाजाही बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति की कमी और कीमतों में उछाल आया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मौद्रिक नीति पर क्या रुख रहा है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से ब्याज दरों में कटौती की मांग कर रहे थे, हालांकि फेडरल रिजर्व ने दरें बढ़ा दी हैं।
यूरो/यूएसडी के लिए प्रमुख तकनीकी सपोर्ट स्तर क्या हैं?
यूरो/यूएसडी के लिए तत्काल सहारा 1.1450 के स्तर पर है, जबकि इसके नीचे अहम सपोर्ट 1.1350 के आसपास स्थित है।
बैंक ऑफ जापान ने अपनी ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने अपने अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp