क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच पाई नेटवर्क के टोकन में ठहराव देखने को मिला है। बुधवार को यह डिजिटल टोकन 0.0800 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करता दिखा। इससे ठीक एक दिन पहले दर्ज की गई करीब 2 प्रतिशत की तेजी को बरकरार रखते हुए टोकन फिलहाल 0.0804 डॉलर के स्तर के इर्द-गिर्द टिका हुआ है। बाजार में आई इस स्थिरता को परियोजना के हालिया बुनियादी घटनाक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है।
इकोसिस्टम में स्टेबलकॉइन जोड़ने की तैयारी
पाई नेटवर्क की मुख्य विकास टीम, जिसे पाई कोर टीम के नाम से जाना जाता है, पूरे नेटवर्क में उपयोगिता बढ़ाने के लिए स्टेबलकॉइन एकीकरण के विकल्पों पर विचार कर रही है। इस योजना का मकसद पाई इकोसिस्टम में लेनदेन और अन्य वित्तीय गतिविधियों को अधिक व्यावहारिक बनाना है।
इस दिशा में ओपन स्टैंडर्ड की भूमिका अहम मानी जा रही है, जिसे वीज़ा और स्ट्राइप जैसी प्रमुख वित्तीय संस्थाओं का समर्थन प्राप्त है। इस साझेदारी के तहत ओयूएसडी रिवॉर्ड्स कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी चल रही है, जिसका सीधा लक्ष्य पाई नेटवर्क के उपयोगकर्ताओं को जोड़ना है। नेटवर्क के इन नियमित उपयोगकर्ताओं को पायनियर्स कहा जाता है। इसके जरिए पूरे नेटवर्क में उपयोगकर्ताओं की भागीदारी और लेनदेन के दायरे को अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
तकनीकी संकेतकों पर बना हुआ है दबाव
हालिया 2 प्रतिशत की बढ़त के बावजूद टोकन की निकट अवधि की तकनीकी बनावट कमजोर नजर आ रही है। बाजार में अब भी मंदी का रुख बना हुआ है क्योंकि टोकन की कीमत अपनी 50 दिवसीय और 200 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से काफी नीचे चल रही है। वर्तमान में 50 दिवसीय ईएमए 0.0882 डॉलर पर और 200 दिवसीय ईएमए 0.1256 डॉलर पर स्थित है, जो दोनों ही लंबी अवधि के तकनीकी दबाव का संकेत दे रहे हैं।
गति से जुड़े अन्य तकनीकी संकेतकों का विश्लेषण करने पर भी कमजोरी साफ दिखाई देती है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी हल्का नकारात्मक बना हुआ है और अपनी सिग्नल लाइन के नीचे चल रहा है। वहीं 38 के आसपास चल रहा रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई यह दर्शाता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव काफी मजबूत बना हुआ है।
चार्ट पर समर्थन और प्रतिरोध के मुख्य पड़ाव
चार्ट विश्लेषण के अनुसार, यदि बिकवाली जारी रहती है और कीमत 0.0774 डॉलर के समर्थन स्तर से नीचे गिर जाती है, तो मंदी का रुझान और गहरा सकता है। ऐसी स्थिति में टोकन 0.0704 डॉलर के पुराने निचले स्तर तक फिसल सकता है।
दूसरी ओर, अगर खरीदार बाजार में वापसी करना चाहते हैं और तेजी का नया दौर शुरू करना चाहते हैं, तो टोकन को सबसे पहले 0.0827 डॉलर पर स्थित 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर को पार करना होगा। इसके बाद 0.0882 डॉलर पर मौजूद 50 दिवसीय ईएमए के स्तर से ऊपर टिकना जरूरी होगा। यदि कीमत 50 दिवसीय ईएमए से ऊपर खुद को बनाए रखने में सफल रहती है, तो यह 0.0990 डॉलर पर स्थित 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर को चुनौती दे सकती है, जो एक बड़ा तेजी ब्रेकआउट साबित हो सकता है।
जीकैश में उतार-चढ़ाव और बड़े फंड्स पर दबाव
अन्य क्रिप्टोकरेंसी संपत्तियों में प्राइवेसी आधारित टोकन जीकैश ने बुधवार को 4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। इससे पहले मंगलवार को भी इसमें 4 प्रतिशत का उछाल आया था, जिससे सोमवार को हुई 8 प्रतिशत की तेज गिरावट की कुछ हद तक भरपाई हो सकी।
हालांकि तकनीकी रूप से स्थिति अब भी मिली-जुली बनी हुई है और तेजी की रफ्तार बढ़ने के बावजूद एक मंदी का पूर्वाग्रह बना हुआ है। इसके अलावा संस्थागत मोर्चे पर बिक्री का दबाव देखने को मिला है। ग्रेस्केल के जीईसी आधारित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ से मंगलवार को 50 लाख डॉलर से अधिक की पूंजी बाहर निकली।
बिटकॉइन, एथेरियम और एक्सआरपी में रिकवरी की कोशिश
व्यापक क्रिप्टो बाजार में बुधवार को प्रमुख टोकन सुधार के संकेत देते नजर आए। खरीदार हालिया कमजोरी के बाद फिर से नियंत्रण हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल मुद्रा बिटकॉइन 85,000 डॉलर के प्रमुख प्रतिरोध स्तर की ओर अपनी बढ़त को आगे बढ़ा रही है। वहीं दूसरी तरफ एथेरियम और रिपल के एक्सआरपी टोकन ने अपने प्रमुख तकनीकी स्तरों के आसपास मजबूत समर्थन ढूंढ लिया है।
ट्रेडफाई निकासी और संस्थागत पूंजी की चाल
डिजिटल परिसंपत्तियों के व्यापक प्रवाह पर पारंपरिक वित्त का असर देखा जा रहा है। विंटरम्यूट के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के कारण डिजिटल संपत्तियों पर दबाव बना हुआ है, जिससे पारंपरिक वित्त पूंजी बाजार से बाहर निकल रही है। इसके विपरीत, कॉर्पोरेट आय बेहतर रहने की उम्मीदों के चलते पारंपरिक शेयर बाजारों को सहारा मिल रहा है। इस दबाव का सीधा असर पिछले सप्ताह के आंकड़ों में दिखा, जहां बिटकॉइन में 3.2 प्रतिशत, एथेरियम में 7.0 प्रतिशत और ऑल्टकॉइन्स में 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
इस बीच, कॉर्पोरेट बैलेंस शीट पर बिटकॉइन रखने की वित्तीय रणनीतियों की समीक्षा भी शुरू हो गई है। के33 के अनुसार, पहली छमाही में स्ट्रैटेजी की एसटीआरसी फाइनेंसिंग रणनीति के तहत बिटकॉइन की होल्डिंग तो बढ़ी, लेकिन इससे पूंजी संरचना अधिक महंगी हो गई। यही वजह है कि इसकी प्रभावशीलता की पड़ताल की जा रही है। लंबे समय तक चले भारी बायबैक के बाद एसटीआरसी अपने 100 डॉलर के सममूल्य के करीब संभलकर 99.90 डॉलर पर बंद हुआ।



















