राजस्थान के दौसा जिले में स्कूली छात्राओं के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ करने के चर्चित मामले में कानून प्रवर्तन दल को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त मनीष मीणा को पुलिस ने एक सटीक सूचना के बाद घेराबंदी करके पकड़ लिया है। इस नई गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रकरण में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर छह हो गई है, जिससे पीड़ित पक्ष और स्थानीय नागरिकों में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद मजबूत हुई है।
वायरल वीडियो से सामने आई थी तीन साल पुरानी वारदात
जांच विवरण के मुताबिक यह घिनौनी वारदात लगभग तीन साल पहले अंजाम दी गई थी, परंतु इसका एक बेहद आपत्तिजनक वीडियो 16 अगस्त को इंटरनेट मीडिया पर अचानक प्रसारित होने लगा। उस वीडियो फुटेज में स्पष्ट देखा गया कि एक जर्जर और खंडहरनुमा मकान के भीतर कुछ युवक लाचार स्कूली छात्राओं के साथ अमर्यादित व अश्लील हरकतें कर रहे हैं। जैसे ही यह क्लिप सार्वजनिक दायरे में आई, समूचे क्षेत्र में गहरा आक्रोश और हड़कंप फैल गया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने बिना किसी देरी के पॉक्सो कानून और भारतीय दंड संहिता की अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर गहन पड़ताल आरंभ की।
अपराध स्थल का मुआयना और अब तक हुई गिरफ्तारियां
राहुवास थाना पुलिस ने मुख्य अभियुक्त मनीष मीणा को हिरासत में लेने के तुरंत बाद उसे साथ लेकर अपराध स्थल की ओर रुख किया। पुलिस टीम ने उस वीरान खंडहर की बारीकी से जांच-पड़ताल की और घटनाक्रम से जुड़े तमाम साक्ष्य जुटाए। पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में पहले भी ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए चार अन्य नामजद आरोपियों दीपक मीणा, कालूराम मीणा, धर्मराज मीणा और रोशन मीणा को कानून की गिरफ्त में लिया जा चुका है। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ था कि फुटेज में दो प्रमुख लोग छात्राओं के साथ बदसलूकी कर रहे थे, जबकि एक अन्य सहयोगी अपने मोबाइल कैमरे से इस पूरे कृत्य का वीडियो बना रहा था, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर फैला दिया गया।
जमानत पर बाहर आकर फिर की शर्मनाक हरकत
प्रारंभिक छानबीन में यह बात भी उजागर हुई है कि पकड़ा गया मुख्य अभियुक्त मनीष मीणा आदतन और गंभीर किस्म का अपराधी है। उस पर पहले भी एक नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसा संगीन अपराध करने का आरोप दर्ज है, जिसके कारण वह पूर्व में कारागार की सजा भी काट चुका है। जमानत हासिल कर जेल की सलाखों से बाहर आने के बाद उसने दोबारा इस तरह की घिनौनी और कानून विरोधी हरकत को अंजाम दिया।
तकनीकी साक्ष्यों से जाल बिछाकर हुई कार्रवाई
राहुवास थाने के एसएचओ सुरेश कुमार ने मामले का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस दल ने आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर पुख्ता रणनीति तैयार करके मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। एसएचओ ने बताया कि प्रसारित वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई दे रहे प्रत्येक चेहरे की शिनाख्त को लेकर जांच अधिकारी बेहद कड़ाई से आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस वर्तमान में आरोपी से सघन पूछताछ कर रही है ताकि इस अपराध में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सके। जांच पूरी होते ही न्यायालय के समक्ष चार्जशीट दाखिल की जाएगी ताकि दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।




















