क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक बार फिर खरीदार सक्रिय होते दिखाई दे रहे हैं, जिससे बिटकॉइन बुधवार को मजबूती दर्ज करते हुए 84,000 डॉलर के पार कारोबार कर रहा है। हालिया गिरावट के बाद आई इस तेजी के पीछे संस्थागत मांग की वापसी को मुख्य वजह माना जा रहा है। अमेरिकी बाजार में लिस्टेड बिटकॉइन स्पॉट ईटीएफ में मंगलवार को 175.62 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जबकि सोमवार को मामूली निकासी देखी गई थी। इस मजबूत पूंजी प्रवाह के साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और कमजोर पड़ते अमेरिकी डॉलर ने भी डिजिटल एसेट्स को राहत प्रदान की है। अब निवेशकों की निगाहें सितंबर के अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई आंकड़ों पर टिकी हैं, जो फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
संस्थागत पूंजी प्रवाह और मैक्रो संकेतों का समर्थन
सोसोवैल्यू के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को यूएस स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में 175.62 मिलियन डॉलर की आमद देखी गई। यदि संस्थागत फंड्स की यह खरीदारी पूरे सप्ताह जारी रहती है, तो बिटकॉइन अपनी मौजूदा रिकवरी को और आगे बढ़ा सकता है। इसके विपरीत, हाल के दिनों में बढ़ते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और मजबूत कॉरपोरेट अर्निंग्स के चलते पारंपरिक वित्तीय बाजारों में पूंजी का रुझान बढ़ा था, जिसके कारण पिछले सप्ताह बिटकॉइन में 3.2 प्रतिशत, इथेरियम में 7.0 प्रतिशत और अन्य ऑल्टकॉइन्स में 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। विंटरम्यूट के विश्लेषण के अनुसार, ट्रेजरी यील्ड के नरम पड़ने से डिजिटल परिसंपत्तियों पर बना दबाव कुछ कम हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आगामी मुद्रास्फीति डेटा अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड की चाल तय करेगा, जिसका सीधा असर क्रिप्टोकरेंसी जैसे जोखिम भरे संपत्तियों पर पड़ेगा।
तकनीकी चार्ट पर अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर बिटकॉइन के लिए तात्कालिक रुकावट 85,000 डॉलर के क्षैतिज स्तर पर स्थित है, जहां पहले भी बिकवाली का दबाव देखा गया था। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, बिटकॉइन 82,842 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि इसका 52 हफ्तों का दायरा 57,748 डॉलर से 87,364 डॉलर के बीच रहा है। शॉर्ट टर्म चार्ट पर यह 82,248 डॉलर के सपोर्ट और 85,568 डॉलर के रेजिस्टेंस के बीच एक रेक्टैंगल पैटर्न में गतिशील है। तकनीकी मोर्चे पर 82,600 डॉलर का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम कर रहा है, जहां से उछाल की संभावना बनी हुई है। यदि कीमत 85,000 डॉलर के पार टिकती है, तो नई तेजी का रास्ता साफ हो सकता है।
दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में 50-दिवसीय ईएमए 80,309 डॉलर पर पहला बड़ा सुरक्षा कवच प्रदान करता है, जबकि 100-दिवसीय ईएमए लगभग 76,651 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 75,989 डॉलर पर स्थित है। यदि दैनिक क्लोजिंग 80,309 डॉलर के नीचे फिसलती है, तो मौजूदा बुलिश ढांचा कमजोर हो सकता है और बाजार में गहरा करेक्शन देखने को मिल सकता है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 51 से 54 के बीच रहकर संतुलित लेकिन सकारात्मक मोमेंटम का संकेत दे रहा है। हालांकि, आरएसआई में हल्की ढलान एक चेतावनी संकेत भी देती है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी हिस्टोग्राम अभी भी नकारात्मक क्षेत्र में है, जो दर्शाता है कि तेजी की गति बन रही है लेकिन इसे अभी निर्णायक साबित होना बाकी है।
क्रिप्टो बाजार की बुनियादी संरचना और ऑल्टकॉइन्स का रुख
बिटकॉइन मार्केट कैप के लिहाज से दुनिया की सबसे बड़ी वर्चुअल करेंसी है, जिसे किसी केंद्रीय सत्ता या तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के बिना वित्तीय लेनदेन निपटाने के लिए तैयार किया गया था। संपूर्ण क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन की हिस्सेदारी को बिटकॉइन डॉमिनेंस कहा जाता है। आम तौर पर बुल रन के शुरुआती दौर में निवेशक स्थिरता की तलाश में बिटकॉइन की ओर रुख करते हैं, जिससे इसका डॉमिनेंस बढ़ता है। वहीं, जब डॉमिनेंस घटता है, तो यह संकेत होता है कि निवेशक अधिक रिटर्न की तलाश में ऑल्टकॉइन्स में पूंजी लगा रहे हैं, जिससे उनमें तेज रैली देखने को मिलती है। बिटकॉइन और इथेरियम के प्रोटोकॉल से अलग होकर बने टोकन्स को सामान्यतः ऑल्टकॉइन्स कहा जाता है, जिसमें लाइटकॉइन पहला प्रमुख उदाहरण बना था। बाजार में भारी उतार-चढ़ाव से बचने और ट्रेडिंग के लिए ऑन/ऑफ रैंप की सुविधा देने के लिए स्टेबलकॉइन्स का उपयोग किया जाता है, जिनकी वैल्यू अमेरिकी डॉलर जैसी संपत्तियों से पेग्ड रहती है।
व्यापक बाजार में रिकवरी और कॉरपोरेट रणनीतियां
बुधवार को केवल बिटकॉइन ही नहीं, बल्कि इथेरियम और रिपल जैसे अन्य प्रमुख टोकन भी अपने प्रमुख सपोर्ट स्तरों से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। प्राइवेसी पर केंद्रित जीकैश में लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली और यह बुधवार को 4 प्रतिशत चढ़ा, जिससे पहले दिन की 4 प्रतिशत की बढ़त आगे बढ़ी और सोमवार के 8 प्रतिशत के नुकसान की भरपाई हुई। हालांकि, ग्रेस्केल के जीकैश-केंद्रित फंड से मंगलवार को 5 मिलियन डॉलर से अधिक की निकासी हुई, जिससे इसका तकनीकी परिदृश्य मिलाजुला बना हुआ है।
कॉरपोरेट जगत में बिटकॉइन खरीदारी की रणनीतियों पर भी चर्चा तेज है। के33 की रिपोर्ट के अनुसार, स्ट्रेटेजी की एसटीआरसी फाइनेंसिंग रणनीति ने पहली छमाही में अपनी बिटकॉइन होल्डिंग्स तो बढ़ाईं, लेकिन इससे उसकी पूंजीगत लागत महंगी हो गई, जिसके चलते इसकी प्रभावशीलता की समीक्षा की जा रही है। लगातार बड़े पैमाने पर बायबैक के बाद एसटीआरसी अपने 100 डॉलर के सममूल्य के करीब पहुंचकर 99.90 डॉलर पर बंद हुआ। इस प्रकार, संस्थागत प्रवाह, कॉरपोरेट ट्रेजरी रणनीतियों और व्यापक आर्थिक संकेतकों का यह मिलाजुला दौर आने वाले दिनों में क्रिप्टोकरेंसी बाजार की अंतिम दिशा तय करेगा।
























