अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती रुझानों और नतीजों के बीच बुधवार को वित्तीय बाजारों में खासी हलचल देखी जा रही है। आमतौर पर जब अमेरिकी डॉलर कमजोर पड़ता है, तो जोखिम भरी संपत्तियों के रूप में पहचानी जाने वाली डिजिटल करेंसियों को तेजी की उम्मीद मिलती है। इसके ठीक उलट, बिटकॉइन इस बार डॉलर की कमजोरी का लाभ उठाने में असमर्थ रहा है और बिकवाली के दबाव में आकर 76,000 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गया है। बुधवार को लगभग 2 फीसदी की कमजोरी के साथ यह डिजिटल परिसंपत्ति अपने 200 दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज यानी EMA के करीब 76,501 डॉलर के आधार स्तर का परीक्षण कर रही है। ठीक इसी समय अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) फिसलकर 101.3 पर आ गया है, जो राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण पैदा हुई अनिश्चितता को उजागर करता है।
चुनावी रुझानों के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बड़ी बढ़त हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि राजनीतिक नियंत्रण में संभावित फेरबदल और आने वाले विधायी समीकरणों को लेकर पैदा हुई आशंकाओं ने पारंपरिक रूप से डॉलर-कमजोरी से मिलने वाले लाभ को पूरी तरह दबा दिया है। यही कारण है कि जोखिम आधारित परिसंपत्तियों में उम्मीद के अनुरूप उछाल आने के बजाय गिरावट हावी होती नजर आ रही है।
मध्यावधि चुनाव और कल्पित राजनीतिक परिदृश्य
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के ठीक आधे सफर में आयोजित होने वाले संघीय चुनाव होते हैं। इन चुनावों में मतदाता प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों, सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों और कई राज्यों में गवर्नरों सहित अन्य प्रांतीय व स्थानीय प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं। संघीय कानून के अनुसार नवंबर के पहले सोमवार के बाद आने वाले मंगलवार को मतदान का दिन निर्धारित किया गया है, जो इस बार मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पड़ा। कई राज्यों में अग्रिम और डाक मतदान की प्रक्रिया पहले ही संचालित हो चुकी थी।
यह चुनाव इस बात का फैसला करते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों के दौरान कांग्रेस के दोनों सदनों पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। संसद का बहुमत दल ही विधायी एजेंडा तय करता है, प्रमुख संसदीय समितियों के अध्यक्षों का चयन करता है और सीनेट में न्यायाधीशों व वरिष्ठ संघीय अधिकारियों की पुष्टि पर सीधा अधिकार रखता है। ऐतिहासिक रूप से मध्यावधि चुनावों को पदस्थ राष्ट्रपति की पार्टी के कामकाज पर एक जनमत संग्रह के रूप में देखा जाता है, और आंकड़े बताते हैं कि सत्ताधारी दल अक्सर प्रतिनिधि सभा में सीटें गंवाता रहा है। हालांकि, यह राष्ट्रपति का चुनाव नहीं है क्योंकि राष्ट्रपति का कार्यकाल चार वर्षों का होता है और अगला राष्ट्रपति चुनाव नवंबर 2028 में प्रस्तावित है। सोशल मीडिया और बाजार के रुझानों में डेमोक्रेट्स की जीत को लेकर व्यापक हलचल देखी जा रही है, जहां कालशी के पूर्वानुमान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दोनों सदनों से नियंत्रण खोने की 100 फीसदी संभावना जताई गई है।
डॉलर, ट्रेजरी यील्ड और वॉल स्ट्रीट का ऐतिहासिक मिजाज
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यावधि नतीजों से अमेरिकी डॉलर पर एक मध्यम और अल्पकालिक प्रतिक्रिया ही देखने को मिलेगी, किसी लंबे रुझान की संभावना कम है। संसद का विभाजित होना पहले से ही एक बुनियादी परिदृश्य के रूप में देखा जा रहा था और काफी हद तक बाजार ने इसे पहले ही आत्मसात कर लिया था। नतीजों का अधिक स्पष्ट असर ट्रेजरी यील्ड पर पड़ सकता है। यदि नतीजे ऐसे आते हैं जो वित्तीय प्रोत्साहन की उम्मीद बढ़ाते हैं, तो उससे यील्ड और अमेरिकी डॉलर दोनों को सहारा मिलता है। इसके विपरीत, यदि ऐसी गतिरोध की स्थिति बनती है जो नए खर्चों को सीमित करती है, तो यील्ड और डॉलर दोनों में नरमी आ सकती है। इसके अलावा सरकारी फंडिंग या ऋण सीमा को लेकर होने वाले टकराव के समय डॉलर को सुरक्षित निवेश के तौर पर अल्पकालिक उछाल भी मिल सकता है। हालांकि, छह से बारह महीनों की अवधि में आर्थिक विकास और फेडरल रिजर्व की नीतियां चुनाव से कहीं अधिक मायने रखती हैं।
अमेरिकी शेयर बाजार के ऐतिहासिक आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्यावधि चुनावों से पहले शेयर बाजार में सुस्ती और चुनावों के बाद मजबूती का रुझान रहा है। वर्ष 1950 के बाद से हर मध्यावधि चुनाव के 12 महीने बाद S&P 500 इंडेक्स हमेशा ऊपर रहा है। 19 में से 19 बार यह रिकॉर्ड दर्ज हुआ है और औसत बढ़त लगभग 15 फीसदी रही है। विश्लेषकों का मानना है कि नतीजे सामने आने के बाद जैसे ही राजनीतिक अनिश्चितता छंटती है, बाजार में राहत की रैली शुरू हो जाती है। हालांकि पिछला प्रदर्शन भविष्य के नतीजों की गारंटी नहीं होता, और 2026 में शेयरों का ऊंचा मूल्यांकन इस ऐतिहासिक सिलसिले की परीक्षा ले सकता है। ऐतिहासिक तौर पर बाजारों ने विभाजित सरकार का स्वागत किया है क्योंकि विधायी गतिरोध के कारण करों, खर्चों और नियमों में व्यापक व अप्रत्याशित बदलाव की गुंजाइश सीमित हो जाती है। रिपब्लिकन राष्ट्रपति के कार्यकाल में जब कांग्रेस विभाजित हुई है, तब S&P 500 ने मध्यावधि के बाद के वर्षों में बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया है। मुख्य जोखिम केवल फंडिंग की समय-सीमा, ऋण सीमा को लेकर खींचतान और संसदीय जांचों से जुड़ा रहता है, जो थोड़े समय के लिए अस्थिरता पैदा कर सकता है।
बिटकॉइन और ऑल्टकॉइन्स के तकनीकी स्तरों पर बिकवाली का असर
चार्ट पर नजर डालें तो बिटकॉइन 200 दिवसीय EMA के स्तर 76,500 डॉलर के नीचे बंद होने के गंभीर जोखिम का सामना कर रहा है, जो मंदी के दबाव को और अधिक मजबूत कर सकता है। यदि यह गिरावट जारी रहती है, तो तत्काल समर्थन क्षैतिज स्तर पर 75,545 डॉलर के करीब मौजूद है। यदि यह स्तर भी टूटता है, तो बाजार में अगला निचला लक्ष्य 70,505 डॉलर और फिर 67,292 डॉलर तक खुल सकता है। सुधार की स्थिति में, 200 दिवसीय EMA यानी 76,500 डॉलर के ऊपर दैनिक क्लोजिंग बिकवाली के कम होने का पहला संकेत होगी, हालांकि एक मजबूत प्रतिरोध 50 दिवसीय EMA पर 79,965 डॉलर के स्तर पर खड़ा है।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, बुधवार के सत्र में बिटकॉइन 77,323 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 76,677 डॉलर से 0.84 फीसदी की बढ़त दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 57,748 डॉलर से 87,364 डॉलर के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20 दिनों के औसत के 1.05 गुना पर दर्ज किया गया है। तकनीकी संकेतकों में 14 दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 38 पर है, जो कमजोर गति का संकेत देता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD -1316.21 पर है जबकि सिग्नल लाइन -892.67 पर है, जिसका हिस्टोग्राम -423.54 के साथ मंदी का रुख दिखा रहा है। रनिंग मूविंग एवरेजेज में 20 दिवसीय EMA 79,768 डॉलर, 50 दिवसीय EMA 80,048 डॉलर और 200 दिवसीय EMA 76,295 डॉलर पर स्थित है। 50 दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज (SMA) 81,896 डॉलर और 200 दिवसीय SMA 73,157 डॉलर पर है। 20 दिवसीय बोलिंगर बैंड 76,148 डॉलर से 84,430 डॉलर के बीच फैला है और मूल्य इसके भीतर बना हुआ है। दैनिक अस्थिरता को दर्शाने वाला 14 दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 1939.67 है। मौजूदा पिवट स्तर 76,816 डॉलर है, जहां पहला प्रतिरोध 77,922 डॉलर और दूसरा 78,521 डॉलर पर है, जबकि पहला समर्थन 76,217 डॉलर और दूसरा समर्थन 75,111 डॉलर पर है।
मल्टी-टाइमफ्रेम विश्लेषण के अनुसार, बिटकॉइन ने शॉर्ट टर्म में गिरते ट्रेंड चैनल को नीचे की ओर तोड़ दिया है, जो गिरावट की तेज गति का संकेत है। 82,248 डॉलर के समर्थन टूटने से बने नकारात्मक संकेत के बाद 79,109 डॉलर का लक्ष्य पूरा हो चुका है, लेकिन पैटर्न आगे भी कमजोरी जारी रहने का संकेत देता है। परिसंपत्ति अब 76,000 अंक के समर्थन के करीब पहुंच रही है, जहां से सकारात्मक प्रतिक्रिया आ सकती है, लेकिन 76,000 के नीचे जाना नकारात्मक साबित होगा। मध्यम अवधि में बिटकॉइन ने बढ़ते ट्रेंड चैनल का निचला स्तर तोड़ा है, जो शुरुआती बढ़त की गति धीमी होने को दर्शाता है।
क्रिप्टो बाजार का व्यापक परिदृश्य और सुरक्षा चुनौतियां
व्यापक क्रिप्टो बाजार में भी मंदी का रुख छाया हुआ है। मंगलवार को बिटकॉइन 76,566 डॉलर पर फिसल गया था और छह हफ्तों के निचले स्तरों का परीक्षण कर रहा था। उसी दिन यह प्रमुख समर्थन क्षेत्र 76,455 डॉलर की ओर बढ़ा था, जब एक दिन पहले ही इसमें करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई थी। इथेरियम भी बिटकॉइन की तरह दबाव में बना हुआ है और एक संकीर्ण समर्थन दायरे में सीमित है। दूसरी ओर, रिपल का टोकन XRP 1.25 डॉलर के स्तर से मामूली ऊपर बना हुआ है, जहां इसके खरीदार अल्पकालिक सुधार के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि, बिनांस पर विड्रॉल दोबारा शुरू होने के बाद एक्सचेंज पर XRP का रिजर्व तेजी से गिरा है और 2021 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले प्रमुख ऑल्टकॉइन्स जैसे कि रिपल (XRP), कार्डानो (ADA) और सोलाना (SOL) भी दबाव में बने हुए हैं। राजनीतिक अनिश्चितता के साथ-साथ पिछले हफ्ते बिनांस पर हुए 6.3 अरब डॉलर के बड़े हैक ने भी निवेशकों की धारणा को गंभीर रूप से आहत किया है। सुरक्षा को लेकर उपजी चिंताओं और विधायी बदलावों की आशंका के मिले-जुले असर से बाजार में एक सतर्कता का माहौल बना हुआ है, जहां निवेशक किसी भी नए बड़े दांव से पहले स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।



















