दिल्ली के मध्य इलाके आनंद पर्वत में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया, जहां रूट नंबर 212 पर चलने वाली दिल्ली परिवहन निगम यानी डीटीसी की एक बस ने कई वाहनों को रौंद दिया। इस वीभत्स दुर्घटना में एक स्कूटर सवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। पुलिस महकमे के अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के वक्त बस एक महिला चालक के नियंत्रण में थी, जिसे पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है और पूरे मामले की गहराई से कानूनी जांच की जा रही है।
कई वाहनों को मारी जोरदार टक्कर
पुलिस से मिली शुरुआती जानकारियों के अनुसार, यह हादसा शनिवार सुबह लगभग 10:15 बजे मध्य दिल्ली के आनंद पर्वत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डीबीजी रोड पर स्थित बस स्टैंड के पास बने टी-पॉइंट पर हुआ। रूट नंबर 212 पर सेवा दे रही इस डीटीसी बस ने अपनी चपेट में दो स्कूटरों, एक मोटरसाइकिल, एक ई-रिक्शा और एक साइकिल रिक्शा को ले लिया। पुलिस का स्पष्ट आरोप है कि बस को एक महिला चालक चला रही थी और वाहन को बेहद लापरवाही और असावधानी के साथ दौड़ाया जा रहा था, जिसके कारण यह भयानक टक्कर हुई।
स्कूटर चालक की मौके पर जान गई, चार लोग जख्मी
इस सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले दुर्भाग्यशाली व्यक्ति की पहचान दिल्ली के रानीखेड़ा इलाके के रहने वाले 40 वर्षीय अतुल भारद्वाज के रूप में हुई है, जो घटना के वक्त अपना स्कूटर खुद चला रहे थे। बस की जबरदस्त टक्कर लगने से अतुल भारद्वाज की मौके पर ही सांसें थम गईं। उनके साथ स्कूटर पर पीछे की सीट पर बैठे प्रेम नगर निवासी 38 वर्षीय भूषण कुमार भी इस दुर्घटना में घायल हो गए। इसके अलावा, दूसरे स्कूटर को चला रहे बापा नगर के रहने वाले 48 वर्षीय राकेश को भी काफी चोटें आईं। बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले 56 वर्षीय ध्रुव कुमार मिश्रा, जो उस समय रिक्शा चला रहे थे, वे भी इस हादसे की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गए। वहीं दूसरी ओर, शकूरपुर के रहने वाले 34 वर्षीय दीपक, जो अपनी मोटरसाइकिल पर सवार थे, उन्हें इस दुर्घटना में मामूली चोटें आईं।
महिला चालक को लिया गया हिरासत में
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस नियंत्रण कक्ष यानी पीसीआर के कर्मचारियों ने फौरन कार्रवाई करते हुए मृत पाए गए अतुल भारद्वाज के शव को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज यानी एलएचएमसी अस्पताल पहुंचाया। इसके अलावा अन्य सभी घायलों को स्थानीय नागरिकों की मानवीय सहायता से एलएचएमसी अस्पताल के साथ-साथ जीवन माला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि डीबीजी रोड थाने को इस दुर्घटना के संबंध में पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थी, जिसके तुरंत बाद स्थानीय पुलिस बल का अमला मौके पर जा पहुंचा। इस पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता और कानून की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हरियाणा के फतेहाबाद की मूल निवासी 26 वर्षीय महिला बस चालक रेणु बाला को अपनी गिरफ्त में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
हादसे के बाद इलाके में मची भारी अफरा-तफरी
घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने बताया कि इस वीभत्स टक्कर के तुरंत बाद वहां भारी भीड़ जमा हो गई और चारों तरफ कोहराम मच गया। आसपास के लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए बस के नीचे बुरी तरह फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए भरसक प्रयास किए। राहुल नाम के एक स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्होंने एक तेज और जोरदार धमाके की आवाज सुनी थी, जिसके बाद उन्होंने देखा कि दो लोग डीटीसी बस के पहियों के नीचे दबे हुए हैं। राहुल के अनुसार, उस वक्त वहां बड़ी तादाद में लोगों का मजमा लग गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इतनी बड़ी अफरा-तफरी और तनाव के माहौल के बीच महिला चालक मौके से खिसक गई थी। कुछ दिलेर लोगों ने मिलकर बस को शारीरिक बल से झुकाने की कोशिश की ताकि उसके नीचे दबे बेकसूर लोगों की जान बचाई जा सके।
स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
उसी प्रत्यक्षदर्शी राहुल ने नाराजगी जताते हुए यह भी दावा किया कि जब यह दुर्घटना हुई, तब मौके पर यातायात पुलिस का एक भी कर्मचारी मुस्तैद नहीं था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उस चौराहे पर जल्द से जल्द ट्रैफिक लाइट लगाई जानी चाहिए क्योंकि वहां तीन अलग-अलग दिशाओं और रास्तों से आने वाला यातायात आपस में मिलता है, जिसकी वजह से इस सड़क पर अमूनन भारी जाम और अव्यवस्था बनी रहती है। एक अन्य चश्मदीद ने भी बस को अत्यधिक लापरवाही और तेज गति से भगाने का आरोप लगाया। उसने इस पूरे घटनाक्रम को अत्यंत दुखद करार दिया और बताया कि कैसे आम जनता ने मिलकर बस के नीचे फंसे घायलों को बमुश्किल बाहर निकाला। उस व्यक्ति का यह भी दावा था कि घटना के काफी देर तक पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर वहां मौजूद जनता में गहरा रोष था और कुछ उत्तेजित लोगों ने बस को क्षति पहुंचाने की भी कोशिश की, हालांकि वहां मौजूद समझदार लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
परिवहन निगम ने बिठाई उच्चस्तरीय जांच
पुलिस इस घातक टक्कर के असली कारणों का तह तक जाकर पता लगाने में पूरी तरह जुटी हुई है। इस बीच, दिल्ली परिवहन निगम के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने जानकारी दी है कि डीटीसी प्रशासन ने भी इस गंभीर घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए अपनी आंतरिक जांच शुरू कर दी है और हादसे से जुड़ा एक-एक बारीक ब्योरा जुटाया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही पर नकेल कसी जा सके।





















