गुजरात के गांधीनगर जिले में एक औद्योगिक इकाई में भीषण दुर्घटना सामने आई है। कलोल इलाके में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री के प्लांट में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसकी चपेट में आने से चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। धमाका इतना तीव्र था कि आसपास का पूरा इलाका दहल उठा और प्लांट के भीतर काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
बॉयलर फटने से हुआ जोरदार धमाका
घटना कलोल स्थित एक रासायनिक संयंत्र की है, जहां सामान्य दिनों की तरह कामकाज चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्लांट के भीतर मौजूद बॉयलर में अचानक तकनीकी खराबी या अत्यधिक दबाव के चलते भीषण विस्फोट हो गया। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि संयंत्र के एक हिस्से के परखच्चे उड़ गए और वहां काम कर रहे चार कर्मचारियों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। उनकी घटनास्थल पर ही झुलसने और मलबे की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। बचाव कर्मियों ने मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश के लिए सघन अभियान शुरू किया। संयंत्र के भीतर किसी अन्य संभावित रिसाव या आग को फैलने से रोकने के लिए सुरक्षात्मक उपाय किए गए। शवों को मलबे से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और परिसर को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है।
औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में केमिकल इकाइयों में पहले भी ऐसे हादसे सामने आते रहे हैं। इस ताजा घटना के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों, बॉयलर के नियमित निरीक्षण और आपातकालीन उपायों की समीक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं ताकि बॉयलर फटने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके और लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।



















