राजधानी दिल्ली में आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसते हुए कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक बड़े अवैध ड्रग्स कारोबार का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने टैक्सी सेवाओं की आड़ में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले दो चालकों और एक विदेशी नागरिक को दबोचा है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग शहर के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई के लिए किया जा रहा था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कानून की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और अधिकारी इस सिंडिकेट के अन्य बचे हुए सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रहे हैं।
कश्मीरी गेट इलाके से हुई पहली गिरफ्तारी
कार्रवाई की शुरुआत 12 अक्टूबर को मिली एक पुख्ता सूचना के आधार पर हुई थी। जानकारी मिली थी कि अच्छे बाबू और जाहिद नाम के दो व्यक्ति कश्मीरी गेट के पास रिंग रोड पर स्थित फुट ओवरब्रिज के नजदीक अवैध पदार्थों की खेप पहुंचाने आने वाले हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों ने घेराबंदी की और रात लगभग 9:15 बजे सबसे पहले अच्छे बाबू को धर दबोचा। इसके तुरंत बाद पास ही खड़ी एक कार की तलाशी ली गई, जिसके भीतर से दूसरे आरोपी जाहिद को भी हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती तलाशी के दौरान इन दोनों के पास से 16.4 ग्राम कोकीन और 90 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जो अवैध कारोबार में इनकी सक्रिय संलिप्तता को पुख्ता करती है।
पूछताछ में सामने आया विदेशी तस्कर का नाम
पकड़े गए दोनों चालकों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने जांच अधिकारियों के सामने एक अहम राज खोला। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात कैजेटन नाम के एक व्यक्ति से हुई थी। शुरुआत में उस विदेशी नागरिक ने उनकी कैब को सामान्य किराये पर लिया था, लेकिन धीरे-धीरे उसने दोनों चालकों को गैरकानूनी धंधे और नशीली दवाओं की डिलीवरी के काम में शामिल कर लिया। इन जानकारियों के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और अगले दिन यानी 13 अक्टूबर को दिल्ली के महरौली क्षेत्र से 43 वर्षीय नाइजीरियाई नागरिक कैजेटन चुक्वेजेक्वु को गिरफ्तार कर लिया। उसके ठिकाने या पास से तलाशी के दौरान अतिरिक्त रूप से 5.7 ग्राम कोकीन और 15.3 ग्राम MDMA बरामद की गई।
किराये की गाड़ी का होता था गलत इस्तेमाल
जांच में यह बात भी सामने आई कि इस नेटवर्क से जुड़े लोग किस तरह अपनी पहचान छिपाकर काम करते थे। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के रहने वाले 25 वर्षीय अच्छे बाबू प्रतिदिन 600 रुपये के किराये पर टैक्सी चलाया करते थे। वहीं उनके साथ पकड़ा गया शाहजहांपुर का रहने वाला 22 वर्षीय जाहिद भी पेशे से वाहन चालक ही था। ये दोनों आवश्यकता और मांग के अनुसार अपनी कैब का उपयोग अवैध सामान को एक जगह से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए करते थे। पुलिस ने इनकी वह गाड़ी भी अपने कब्जे में ले ली है जिसका इस्तेमाल इस आपराधिक कृत्य को अंजाम देने में किया जा रहा था।
मेडिकल वीजा की आड़ में रुका था आरोपी
विदेशी नागरिक कैजेटन की पृष्ठभूमि की जांच करने पर कई चौंकाने वाली बातें प्रकाश में आई हैं। उसने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2022 में भारत आया था और उसके पास वैध मेडिकल वीजा था। हालांकि, वीजा की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद वह अवैध रूप से देश के भीतर ही निवास कर रहा था। पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि वह अमेका नामक एक अन्य नाइजीरियाई नागरिक के साथ मिलकर इस तस्करी को आगे बढ़ा रहा था। मुख्य सूत्रधार अमेका को पकड़ने के लिए कई ठिकानों पर छापेमारी की गई है, लेकिन वह अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान अधिकारियों ने कुल मिलाकर 22.1 ग्राम कोकीन, 90 ग्राम हेरोइन और 15.3 ग्राम MDMA अपने कब्जे में ली है। इसके अलावा परिवहन में प्रयुक्त वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य अब इस सप्लाई चेन के मूल स्त्रोत का पता लगाना, इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब करना और ड्रग्स रैकेट के वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच करना है। मामले की तह तक जाने के लिए तफ्तीश लगातार जारी है।



















