नई दिल्ली में कैंसर के इलाज को किफायती बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने कैंसर की 137 दवाओं पर मुनाफाखोरी की सीमा तय कर दी है। इन जरूरी दवाओं पर अब व्यापारिक लाभ केवल 30 फीसदी तक सीमित कर दिया गया है, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को भारी आर्थिक राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
मरीजों के 2500 करोड़ रुपये बचने की उम्मीद
राष्ट्रीय फार्मास्युटिकल मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) द्वारा लिए गए इस फैसले के बाद कैंसर दवाओं की खुदरा कीमतों में 20 से 70 फीसदी तक की कमी आने की संभावना है। जानकारों के अनुसार इस कदम से देश के कैंसर मरीजों के लगभग 2500 करोड़ रुपये की बचत होगी।
मुनाफे पर शिकंजा और सोशल मीडिया पर चर्चा
हाल ही में सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर तीखी बहस छिड़ी थी कि किस प्रकार अस्पताल और दवा कंपनियां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की दवाओं पर बेलगाम मुनाफा वसूल रही हैं। इन चर्चाओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कंपनियों के मार्जिन को कानूनी रूप से नियंत्रित करने का कड़ा फैसला लिया है।
कब से लागू होगा नया नियम
तय किए गए नए नियमों के तहत दवा कंपनियों और ट्रेडर्स को इन सीमाओं का पालन करना होगा और आने वाले 9 नवंबर से नई घटी हुई कीमतें बाजार में लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

















