दिल्ली के जंतर मंतर पर सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान भीड़ संभालने में जुटीं असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत का हाथ टूट गया, और बाद में उन्होंने फोन पर अपनी आपबीती बताई।
संसद की तरफ बढ़ी भीड़, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
सीजेपी ने सोमवार को जंतर मंतर पर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी जब संसद की ओर बढ़ने लगे तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और हल्का बल भी इस्तेमाल करना पड़ा। इस झड़प में कई सुरक्षाकर्मी भी घायल हो गए और पूरे इलाके में दिनभर तनाव बना रहा।
सोनिया सहरावत ने बताई अपनी आपबीती
असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत भीड़ को नियंत्रित करने की ड्यूटी पर तैनात थीं और जंतर मंतर पर RAF टीम की अगुवाई कर रही थीं। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के दौरान वह बुरी तरह घायल हो गईं और उनका हाथ टूट गया। इलाज के बाद वह उसी रात दिल्ली से बाहर चली गईं और तब से वर्दी भी नहीं पहन पा रही हैं। फोन पर बातचीत में उन्होंने बताया कि उस दिन ड्यूटी के दौरान उन्हें क्या झेलना पड़ा।
भीड़ में शामिल थे कुछ असामाजिक तत्व
मिली जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ असामाजिक तत्व भी मौजूद थे। इन लोगों ने सुरक्षाबलों पर जूते चप्पलें फेंके और बीयर की बोतलें भी तोड़ीं। इस झड़प में कुल 8 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
भगदड़ में एक लड़की की जान बचाई
इसी अफरातफरी में भगदड़ मच गई, जिसमें एक लड़की जमीन पर गिर पड़ी। सोनिया ने खुद आगे बढ़कर उसे बचाया और खतरे से बाहर निकाला, हालांकि इस कोशिश में वह खुद भी घायल हो गईं।
सोनिया ने बताया कि जंतर मंतर पर RAF फोर्स की अगुवाई करते हुए उन्होंने बिना किसी आंसू गैस के गोले के इस्तेमाल के प्रदर्शन को जंतर मंतर तक ही सीमित रखा था।
"भगदड़ के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों को बचाते समय मैं घायल हो गई।"



















