स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर 14 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली हाईकोर्ट, आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल 3 और ऐतिहासिक लाल किले समेत छह प्रमुख स्थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला। 15 अगस्त के मुख्य समारोह से ठीक एक दिन पहले आई इस धमकी के बाद पूरी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है।
सुरक्षा बलों ने चलाया सघन जांच अभियान
धमकी भरे संदेश की सूचना मिलते ही पुलिस बल, बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग की गाड़ियां तुरंत चिन्हित परिसरों में पहुंच गईं। अधिकारियों ने पूरी मुस्तैदी से जांच की और अब तक की तलाशी प्रक्रिया में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं पाया गया है। प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस का मानना है कि यह देश के राष्ट्रीय पर्व के दौरान दहशत फैलाने की नीयत से की गई एक फर्जी कॉल थी।
धमकी भरे ई-मेल में किए गए गंभीर दावे
ई-मेल भेजने वाले ने विशिष्ट समय का उल्लेख करते हुए दावा किया था कि दिल्ली हाईकोर्ट में दोपहर 2:11 बजे और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 3:11 बजे धमाके किए जाएंगे। इस ई-मेल में बब्बर खालसा (परमार-कनाडा) का नाम लिखा गया था और "दिल्ली बनाएगा खालिस्तान" जैसे नारे दर्ज थे। इसके अतिरिक्त, ई-मेल में दिल्ली मेट्रो, अंबाला जाने वाली ट्रेनों, अदालतों तथा गृह मंत्री अमित शाह के संदर्भ में धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया गया था, साथ ही पंजाब के जंडियाला गुरु जैसे स्थानों का भी उल्लेख था।
साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं
इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम टीम और विशेष एजेंसियां ई-मेल के आईपी एड्रेस और उसे भेजने वाले संदिग्ध की तलाश में जुट गई हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर लाल किले, प्रमुख अदालतों, हवाई अड्डों और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों पर पहरा सख्त कर दिया गया है ताकि राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा पूरी तरह से अभेद्य रहे।



















