दिल्ली के एक चर्चित और दर्दनाक मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहा अपराधी कलीम शेख आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। मासूम बच्चे के अपहरण और उसकी निर्मम हत्या के आरोप में सजा काट रहे इस अपराधी को पैरोल की अवधि समाप्त होने के बावजूद आत्मसमर्पण न करने पर गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस ने 12 अगस्त को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पूर्वी दिल्ली के गांधी नगर इलाके से हिरासत में लिया। वह पिछले लगभग दो वर्षों से लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
पैरोल की अवधि समाप्त होने पर नहीं लौटा था जेल
कानूनी प्रक्रिया के तहत कलीम शेख को अक्टूबर 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट की तरफ से 45 दिनों की पैरोल मंजूर की गई थी। इस अस्थायी रिहाई की अवधि पूरी होने के पश्चात आरोपी को जेल अधिकारियों के समक्ष वापस आत्मसमर्पण करना अनिवार्य था। हालांकि, पैरोल खत्म होने के बाद वह वापस जेल जाने के बजाय भूमिगत हो गया और फरार रहने लगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, पुलिस टीम को आरोपी की गांधी नगर क्षेत्र में मौजूदगी की सटीक गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 12 अगस्त को छापेमारी कर उसे दबोच लिया।
2013 का मासूम अपहरण और हत्याकांड की पूरी कहानी
इस पूरे मामले की शुरुआत जनवरी 2013 में हुई थी, जब दिल्ली के खजूरी खास थाने में एक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। खजूरी खास स्थित श्री राम कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार का 14 महीने का मासूम बच्चा अचानक अपने घर से गायब हो गया था। पुलिस ने शुरुआत में गुमशुदगी और अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। तफ्तीश के दौरान पुलिस को मासूम बच्चे का शव बरामद हुआ, जिसके बाद एफआईआर में हत्या से जुड़ी गंभीर कानूनी धाराएं जोड़ी गईं। गहन पड़ताल के बाद पुलिस ने कलीम शेख को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया।
2017 में कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कलीम शेख आपराधिक वारदात से पहले सफाईकर्मी और ऑटो-रिक्शा चालक के रूप में काम करता था। कड़कड़डूमा कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद 6 दिसंबर 2017 को कलीम शेख को दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा काटने के दौरान ही उसे हाई कोर्ट से पैरोल मिली थी, जिसका उल्लंघन कर वह फरार हो गया था।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की एक और बड़ी सफलता
अपराध पर नकेल कसने की अपनी मुहिम के तहत दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अन्य समानांतर कार्रवाई में तीन खतरनाक शूटरों को भी गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मथुरा आधारित एक नवगठित आपराधिक गिरोह 'गैंगलैंड' के सक्रिय सदस्य बताए गए हैं। इस गैंग का सरगना कन्हा सिंह जडौल उर्फ कन्हा ठाकुर है, जिसके तार कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा गिरोह से जुड़े हुए बताए जाते हैं। पुलिस जांच के अनुसार, ये शूटर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रंगदारी वसूलने के इरादे से गोलीबारी करने तथा स्थानीय कारोबारियों एवं वाहनों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। स्पेशल सेल ने समय रहते कार्रवाई करते हुए इन बदमाशों को किसी भी अप्रिय वारदात को अंजाम देने से पहले ही धर दबोचा।



















