देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राजधानी दिल्ली में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छत्रसाल स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी संकल्प 'विकसित भारत 2047' को धरातल पर उतारने में दिल्ली अग्रणी भूमिका निभाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त करने की मुख्य जिम्मेदारी दिल्ली के ऊर्जावान और नवोन्मेषी युवाओं के कंधों पर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी केवल नौकरियों की तलाश करने वाली नहीं है, बल्कि वह नए अवसर और रोजगार पैदा करने की अपार क्षमता रखती है।
विकसित भारत और विकसित दिल्ली के निर्माण में युवाओं की भूमिका
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य पर गहरा विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा न केवल आधुनिक तकनीक से पूरी तरह जुड़ा हुआ है, बल्कि उसमें नई तकनीकों का विकास करने और नवाचार की दिशा में नए मार्ग प्रशस्त करने की अद्भुत काबिलियत है। युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए उन्होंने एक चार सूत्रीय मार्गदर्शिका सामने रखी। उन्होंने आह्वान किया कि युवा अपने मौलिक विचारों को स्टार्टअप में तब्दील करें, अपनी रचनात्मकता को तकनीकी इनोवेशन का रूप दें, अपने मन में उठने वाले प्रश्नों को गहन शोध में बदलें और अपनी सामाजिक संवेदनशीलता का उपयोग समाज सेवा के कार्यों में करें। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा ही विकसित भारत के साथ-साथ विकसित दिल्ली के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
सजग, सक्रिय और आकर्षक दिल्ली का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विकसित भारत की ओर पहला कदम बढ़ाने का गौरव दिल्ली को प्राप्त होगा। दिल्ली की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि राजधानी आज हर क्षेत्र में एक्टिव, अटेंटिव और अट्रैक्टिव बनकर उभरी है। आज का युवा वैश्विक स्तर पर तकनीक से जुड़ा होने के साथ-साथ गंभीर सामाजिक व वैश्विक विषयों के प्रति भी अत्यधिक संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, लैंगिक समानता, नवाचार और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर दिल्ली का युवा जागरूक भी है और संवेदनशील भी। इसी संवेदनशीलता और सामर्थ्य को अब दिल्ली और देश के नवनिर्माण में लगाने की आवश्यकता है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना से महिला सशक्तिकरण को मिली गति
राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' की प्रगति का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत आर्थिक रूप से जरूरतमंद महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की तेज प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत ही कम समय में लगभग 7,25,000 बहनों ने अपना पंजीयन करा लिया है। सरकार का लक्ष्य राज्य की 17 लाख महिलाओं तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक महिला सशक्त बनती है तो पूरा परिवार मजबूत होता है, और महिला की प्रगति से ही राज्य की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार का एकमात्र धर्म जनसेवा है, एकमात्र उद्देश्य दिल्ली का सर्वांगीण विकास है और एकमात्र संकल्प प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
स्वच्छ, आधुनिक और आत्मनिर्भर दिल्ली का संकल्प
समारोह से पूर्व मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी सभी दिल्लीवासियों और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अपने संदेश में उन्होंने छत्रसाल स्टेडियम में तिरंगा फहराने के गौरवशाली क्षण का स्मरण करते हुए आने वाले वर्षों के लिए अपनी सरकार की स्पष्ट प्राथमिकताएं रखीं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसी राजधानी तैयार करना है जो पूरी तरह से स्वच्छ, आधुनिक और आत्मनिर्भर हो। इसमें नारी शक्ति को पूर्ण रूप से सशक्त बनाने, युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए द्वार खोलने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुशासन का लाभ पहुंचाने तथा देश की समृद्ध संस्कृति और विरासत को सहेजते हुए आधुनिक विकास पथ पर आगे बढ़ने की रणनीति शामिल है।



















