राजधानी के वेस्ट जिले में संगठित वाहन चोरों के खिलाफ कानून प्रवर्तन तंत्र ने एक सघन और व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस 72 घंटे लंबे विशेष अभियान को ऑपरेशन चक्र-2 नाम दिया गया, जिसके तहत विभिन्न इलाकों से कुल 185 चोरी किए गए वाहन बरामद किए गए हैं। इस पूरी कार्रवाई के दौरान 44 आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पकड़े गए बदमाशों में 10 ऐसे अपराधी शामिल हैं जो पुलिस रिकॉर्ड में पहले से ही बैड करेक्टर यानी बीसी सूची में दर्ज हैं। बरामद की गई कुल संपत्ति में सबसे बड़ा हिस्सा दोपहिया वाहनों का है, जिनकी तादाद 182 दर्ज की गई है। इन दोपहिया वाहनों में 117 स्कूटी और 65 मोटरसाइकिलें शामिल हैं, जिनमें 17 आधुनिक हाई-स्पीड बाइक भी बरामद हुई हैं। इसके अतिरिक्त एक थ्री-व्हीलर और दो चार पहिया गाड़ियां भी जब्त की गई हैं।
संयुक्त टीमों की मुस्तैदी और योजनाबद्ध रणनीति
यह पूरा विशेष तलाशी व धरपकड़ अभियान डीसीपी वेस्ट जिला हरेश्वर वी. स्वामी (IPS) की सीधी देखरेख में संचालित किया गया। जमीनी स्तर पर असरदार परिणाम हासिल करने के लिए जिले के अंतर्गत आने वाले सभी थानों के साथ-साथ एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS), स्पेशल स्टाफ और एंटी नारकोटिक्स यूनिट की टीमों को एक साथ मैदान में उतारा गया था। विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल और सटीक खुफिया सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई, जिससे वाहन चोरों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा।
पिछले अभियान की तुलना में दर्ज की गई 59 फीसदी बढ़त
इस ताजा कार्रवाई के नतीजे पहले चलाए गए अभियान की तुलना में कहीं अधिक व्यापक रहे हैं। पूर्व में संचालित ऑपरेशन चक्र-1 के दौरान इन्हीं 72 घंटों की अवधि में 116 चोरी के वाहन बरामद करने में सफलता मिली थी। इसके उलट ऑपरेशन चक्र-2 में 185 वाहन पकड़े गए, जो पिछली बार से 69 वाहन अधिक हैं। आंकड़ों के लिहाज से यह जब्ती पिछले अभियान के मुकाबले करीब 59 फीसदी की भारी बढ़ोतरी को दर्शाती है।
अन्य जिलों से चुराए गए वाहनों का भी हुआ खुलासा
जब्त किए गए 185 वाहनों के ब्योरे से साफ हुआ है कि अपराधियों का नेटवर्क केवल एक इलाके तक सीमित नहीं था। इनमें से 91 वाहन वेस्ट जिले में दर्ज चोरी के मामलों से सीधे जुड़े पाए गए, जबकि बाकी 94 वाहन राजधानी के अन्य अलग-अलग जिलों से चुराए गए थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि अभियान का प्रभाव समूचे शहर के चोरी नेटवर्क पर पड़ा है। थानों और इकाइयों के प्रदर्शन को देखें तो AATS की टीम ने 27 वाहन बरामद किए। वहीं ख्याला थाने ने 21, जबकि मोती नगर और तिलक नगर थानों ने 17-17 वाहन बरामद किए। पंजाबी बाग और राजौरी गार्डन थानों की टीमों ने 15-15, कीर्ति नगर और विकासपुरी थानों ने 12-12 वाहन जब्त किए। स्पेशल स्टाफ ने 11, हरि नगर थाने ने 8, जनकपुरी ने 7, तथा मायापुरी, नारायणा और इंदरपुरी थानों ने 6-6 वाहन अपने कब्जे में लिए। इसके अलावा एंटी नारकोटिक्स यूनिट ने 5 वाहन बरामद किए।
गिरफ्तार बदमाशों में आदतन और शातिर अपराधी शामिल
पकड़े गए अभियुक्तों की पृष्ठभूमि खंगालने पर सामने आया कि इनमें से कई लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे हैं। स्पेशल स्टाफ ने सुमित नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसके खिलाफ पहले से 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं। जनकपुरी थाने की टीम ने 33 पुराने मामलों में लिप्त बदमाश दिनेश लालू को दबोचा। तिलक नगर थाने ने 30 मामलों के आरोपी सुधीर उर्फ सोनू को पकड़ा, जबकि पंजाबी बाग थाने ने 28 मुकदमों वाले कासिम उर्फ वसीम को गिरफ्तार किया। तिलक नगर थाने ने ही 23 मामलों में शामिल जतिन उर्फ भोकला को पकड़ा, वहीं विकासपुरी थाने ने अक्षय को गिरफ्तार किया जिसके नाम पर 20 से ज्यादा पुराने मामले दर्ज हैं।
दोहरी गिरफ्तारी और भविष्य में जारी रहने वाले कदम
अभियान के दौरान पकड़े गए व्यक्तियों की कुल संख्या 44 रही, लेकिन आधिकारिक गिरफ्तारी का आंकड़ा 46 दर्ज हुआ। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि तिलक नगर और विकासपुरी थानों से जुड़े एक-एक आरोपी को अलग-अलग मामलों के तहत दो-दो बार गिरफ्तार दिखाया गया। सूची में शामिल 10 बैड करेक्टर के खिलाफ कुल 12 गिरफ्तारी प्रविष्टियां दर्ज की गईं। वेस्ट जिला पुलिस का स्पष्ट कहना है कि बार-बार अपराध दोहराने वाले तत्वों को निष्क्रिय करने, संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने और नागरिकों के वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे आक्रामक अभियान आगे भी जारी रखे जाएंगे।
























