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दिल्ली के लाल किला मैदान में सजते हैं तीन अलग मंच, जानिए इस नवरात्र किस रामलीला में क्या है खासदिल्ली
7 अक्तू॰ 2026, 3:40 pm (1 घंटे पहले)· 0

दिल्ली के लाल किला मैदान में सजते हैं तीन अलग मंच, जानिए इस नवरात्र किस रामलीला में क्या है खास

लाल किला परिसर में एक साथ आयोजित होने वाली तीन प्रमुख रामलीलाओं में तकनीक, भव्यता और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे इन आयोजनों की अनूठी विशेषताओं पर एक नजर।

देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के ऐतिहासिक मैदान की रामलीलाएं देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। हर वर्ष शारदीय नवरात्र के पहले दिन से शुरू होकर यह मंचन पूरे नौ दिनों तक चलता है और दसवें दिन विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन के साथ संपन्न होता है। इन दस दिनों के दौरान लाखों और हजारों की तादाद में दर्शक यहां प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों को देखने उमड़ते हैं। बाहर से आने वाले कई लोगों को यह भ्रम रहता है कि लाल किले पर केवल एक ही विशाल रामलीला आयोजित की जाती है। हकीकत यह है कि इस पूरे परिसर में तीन अलग-अलग रामलीलाएं एक साथ मंचित होती हैं। तीनों के अपने अलग-अलग पंडाल सजते हैं, अपने लाउडस्पीकर गूंजते हैं और अत्यधिक भीड़ के कारण कई बार दर्शक एक पंडाल से निकलकर अनजाने में दूसरे मंच के सामने पहुंच जाते हैं।

हालांकि इन तीनों आयोजनों का मिजाज, शैली, प्रस्तुति और दर्शकों का अनुभव एक-दूसरे से काफी अलग है। दशकों से पुरानी दिल्ली के इस ऐतिहासिक परिसर में आयोजित हो रहीं ये रामलीलाएं अपनी अलग पहचान रखती हैं। इनमें दो मुख्य और बेहद पुरानी लीलाएं हैं, जबकि एक मंच परिसर के अन्य पार्क में सजता है। यदि आप इस नवरात्र लाल किला जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन तीनों की विशिष्टताओं को जानकर अपनी पसंद के अनुसार सही मंच चुन सकते हैं।

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लव कुश रामलीला: फिल्मी सितारों और आधुनिक तकनीक का महामंच

लव कुश रामलीला को केवल लाल किला मैदान ही नहीं, बल्कि देश भर की सबसे भव्य और अत्याधुनिक प्रस्तुतियों में गिना जाता है। इस मंच की सबसे बड़ी पहचान यह है कि यहां प्रमुख पात्रों को निभाने वाले ज्यादातर कलाकार बॉलीवुड, टेलीविजन जगत के जाने-माने चेहरे या चर्चित राजनीतिक हस्तियां होती हैं। इन लोकप्रिय हस्तियों को मंच पर जीवंत अभिनय करते देखने के लिए भारी भीड़ जुटती है। इसके अतिरिक्त, इस मंचन में प्रतिवर्ष आधुनिकतम तकनीकी नवाचार, अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार और विदेशों से विशेष रूप से मंगाई गई सामग्रियां शामिल की जाती हैं, जिससे दर्शकों को हर साल एकदम नया अनुभव मिलता है।

इस वर्ष यह आयोजन 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक संचालित होगा, जिसमें रावण दहन 20 अक्टूबर यानी दशहरा के दिन संपन्न होगा। वर्ष 2026 के लिए इस रामलीला का मंच तमिलनाडु के मदुरै स्थित प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के स्वरूप पर तैयार किया जा रहा है। यह मंच लगभग 140 से 150 फीट लंबा, 60 फीट चौड़ा और करीब 45 फीट ऊंचा बनाया जा रहा है, जो चार मंजिला संरचना में आकार ले रहा है। मंचन को भव्य बनाने के लिए 3D मैपिंग, AI तकनीक, डॉल्बी साउंड और विशेष LED लाइट्स का उपयोग किया जा रहा है। टीवी और सिनेमा के करीब 40 जाने-माने कलाकार विभिन्न चरित्रों में दिखाई देंगे। अब तक साझा किए गए विवरण के अनुसार, अभिनेता राजप्रेमी रावण का किरदार निभाएंगे, पेंटल देवर्षि नारद के रूप में दिखेंगे और मनोज तिवारी केवट की भूमिका में नजर आएंगे। इस भव्य मंचन का सीधा प्रसारण देश और विदेश के लगभग 100 चैनलों पर प्रसारित किया जाता है।

श्री धार्मिक लीला कमेटी: सौ साल से अधिक पुरानी पारंपरिक मर्यादा

जो दर्शक विशुद्ध पारंपरिक शैली, मर्यादित संवाद अदायगी और पुराने जमाने की सादगी पसंद करते हैं, उनके लिए श्री धार्मिक लीला कमेटी की प्रस्तुति सबसे मुफीद मानी जाती है। यह दिल्ली की सबसे प्राचीन रामलीलाओं में शुमार है, जिसकी नींव वर्ष 1924 में रखी गई थी। वर्ष 2026 में यह कमेटी अपने गौरवशाली सफर का 103वां वर्ष मना रही है। इसका मंच लाल किला परिसर में पुरानी लाजपत राय मार्केट के ठीक सामने स्थित माधवदास पार्क में सजता है। यहां मंचन 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।

इस रामलीला का वातावरण पूरी तरह पारिवारिक और धार्मिक आस्था से सराबोर रहता है। यहां लगने वाला जनक बाजार, बच्चों व परिवारों के लिए झूले और पारंपरिक खान-पान लोगों को दशकों पुरानी दिल्ली के मेलों की याद दिलाते हैं। इस मंच पर कई राजनीतिक नेता भी दर्शन और सहभागिता के लिए पहुंचते हैं। यहां अभिनय करने वाले कलाकार रामलीला मंचन की पुरानी विधा में बेहद मंजे हुए होते हैं और उनकी स्पष्ट, प्रभावशाली डायलॉग डिलीवरी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।

नव श्री धार्मिक लीला कमेटी: परंपरा और नई पीढ़ी के नवाचार का संगम

लाल किला परिसर की तीसरी प्रमुख लीला नव श्री धार्मिक लीला कमेटी द्वारा आयोजित की जाती है। यह कमेटी मूल रूप से श्री धार्मिक लीला कमेटी से अलग होकर अस्तित्व में आई थी। इसका भव्य मंचन लाल किला मैदान के 15 अगस्त पार्क में किया जाता है, जो चांदनी चौक बाजार और प्रसिद्ध दिगंबर जैन लाल मंदिर के ठीक सामने स्थित है। यह कमेटी पारंपरिक रामलीला की आत्मा को बनाए रखते हुए मंच पर नए युग के तकनीकी प्रयोगों के लिए विशेष रूप से जानी जाती है।

इस मंच पर लाइट और साउंड सिस्टम के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और विशाल LED स्क्रीन्स का सुंदर समन्वय किया गया है। उदाहरण के तौर पर, दृश्यों में कौतूहल और रहस्य बढ़ाने के लिए लंकापति रावण का चेहरा सीधे मंच पर दिखाने के बजाय उसकी AI जनित परछाई या रिफ्लेक्शन प्रस्तुत किया जाता है। इसके अलावा, नई पीढ़ी यानी जेन जी दर्शकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए यहां भजन जैमिंग और भजन क्लबिंग जैसी अनूठी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी जोड़ी गई हैं। इस प्रकार, 11 अक्टूबर से प्रारंभ हो रहे इस दस दिवसीय उत्सव में दर्शक अपनी रुचि के आधार पर आधुनिक सितारों, पारंपरिक संवादों या तकनीकी प्रयोगों वाले किसी भी मंच का चयन कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

लाल किला मैदान में कुल कितनी रामलीलाएं आयोजित की जाती हैं?
लाल किला परिसर में एक साथ तीन अलग-अलग रामलीलाएं आयोजित की जाती हैं, जिनके नाम लव कुश रामलीला, श्री धार्मिक लीला कमेटी और नव श्री धार्मिक लीला कमेटी हैं।
लव कुश रामलीला में इस वर्ष का मंच किस मंदिर की तर्ज पर बन रहा है?
इस वर्ष लव कुश रामलीला का मंच मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, जिसकी लंबाई 140-150 फीट, चौड़ाई 60 फीट और ऊंचाई 45 फीट होगी।
श्री धार्मिक लीला कमेटी की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
श्री धार्मिक लीला कमेटी की शुरुआत 1924 में हुई थी और वर्ष 2026 में यह अपना 103वां वर्ष मना रही है।
नव श्री धार्मिक लीला कमेटी का मंच किस स्थान पर सजता है?
नव श्री धार्मिक लीला कमेटी का मंच लाल किला मैदान के 15 अगस्त पार्क में दिगंबर जैन लाल मंदिर और चांदनी चौक बाजार के ठीक सामने सजता है।
लव कुश रामलीला में इस वर्ष रावण और नारद की भूमिका कौन निभा रहे हैं?
लव कुश रामलीला में राजप्रेमी रावण का किरदार निभाएंगे और पेंटल देवर्षि नारद की भूमिका में नजर आएंगे।
नव श्री धार्मिक लीला कमेटी में आधुनिक तकनीक का क्या प्रयोग किया गया है?
इस मंच पर लाइट और साउंड के साथ AI और LED स्क्रीन जोड़ी गई हैं, जहां रावण का चेहरा सीधे न दिखाकर उसकी AI परछाई या रिफ्लेक्शन दिखाया जाता है।
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