मेघालय में कचरा प्रबंधन को लेकर बड़ी तैयारी, जोवाई, तुरा और नोंगपोह में वैज्ञानिक प्लांट लगाने के लिए खोजी जा रही जमीनउत्तर भारत में नया मौसमी चक्र सक्रिय, दिल्ली और बिहार समेत कई राज्यों में आंधी के साथ बौछारों के आसारनागपुर में बोले मोहन भागवत: वैश्विक सुरक्षा और लोक कल्याण के लिए भारतीय परंपराओं को अपनाना अनिवार्यबिहार 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता प्रारंभिक परीक्षा फिर टली, 1,189 पदों की भर्ती के लिए नई तारीख का इंतजारशिमला के ढली संजौली बायपास पर भारी भूस्खलन, मलबे की चपेट में आईं गाड़ियांमिजोरम में 13 अक्टूबर को सजेगा नॉर्थ ईस्ट बैंकर्स कॉन्क्लेव, ज्योतिरादित्य सिंधिया करेंगे 10 विकास परियोजनाओं का शुभारंभकर्जधारकों को एचडीएफसी बैंक का तोहफा, एमसीएलआर दरों में 15 बेसिस पॉइंट तक की राहतनवजात बच्चों में सेरेब्रल पाल्सी का खतरा और प्रसव के समय सही मेडिकल देखरेख का महत्वचेक बाउंस मामले में सुप्रीम कोर्ट से राजपाल यादव को मोहलत, अभिनेता ने अदालत में बयां किया 16 साल का दर्दकच्चे तेल में तेजी और मजबूत डॉलर से सोने पर दबाव, क्या 4,100 डॉलर का दायरा टूटेगा
शिमला के ढली संजौली बायपास पर भारी भूस्खलन, मलबे की चपेट में आईं गाड़ियांहिमाचल प्रदेश
7 अक्तू॰ 2026, 3:56 pm (1 घंटे पहले)· 1

शिमला के ढली संजौली बायपास पर भारी भूस्खलन, मलबे की चपेट में आईं गाड़ियां

हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर में बुधवार को ढली संजौली बायपास पर अचानक पहाड़ दरकने से कई वाहन मलबे में दब गए और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बुधवार को एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें ढली संजौली बायपास मार्ग पर चल रहे कई वाहन भारी मलबे के नीचे दब गए। अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसकने से मार्ग पर चल रहे लोगों में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखे। इस पूरी घटना का दृश्य भी सामने आया है, जिसमें सड़क पर गिरता भारी मलबा और चारों तरफ मची अफरा-तफरी साफ दिखाई दे रही है।

ढली संजौली बायपास पर अचानक हुआ हादसा

शिमला शहर के ढली संजौली बायपास पर बुधवार को सामान्य आवाजाही जारी थी, तभी पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा भरभराकर सीधे सड़क पर आ गिरा। इस दौरान मार्ग से गुजर रहीं कई चलती गाड़ियां मलबे की सीधी चपेट में आ गईं और पत्थरों के नीचे दब गईं। पहाड़ी खिसकते देख मौके पर मौजूद चालकों और राहगीरों ने तुरंत अपने वाहन छोड़कर भागना शुरू कर दिया, जिससे बड़ा जानलेवा संकट पैदा हो गया।

ये भी पढ़ें

पहाड़ी इलाकों में लगातार बढ़ रहा भूस्खलन का संकट

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और कमजोर होती ढलानों के कारण भूस्खलन की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। इससे पहले भी शिमला के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के बाद पहाड़ खिसकने, पेड़ गिरने और मलबे के नीचे वाहन दबने की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। भारी मलबे के कारण सड़कों के अवरुद्ध होने से स्थानीय परिवहन व्यवस्था और आम जनजीवन बार-बार प्रभावित हो रहा है।

यातायात और राहत कार्य की स्थिति

बायपास मार्ग पर भारी मलबा जमा होने से इस व्यस्त सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मलबे में फंसे वाहनों की स्थिति की जांच करने और सड़क को बहाल करने के प्रयासों में जुटे हैं। लगातार गिरते पत्थरों के खतरे को देखते हुए इस इलाके से गुजरने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

सवाल-जवाब

शिमला में भूस्खलन की घटना किस स्थान पर हुई है?
यह भूस्खलन शिमला शहर के ढली संजौली बायपास पर बुधवार को हुआ।
हादसे के समय सड़क पर क्या स्थिति थी?
पहाड़ी से मलबा गिरते समय सड़क पर कई गाड़ियां चल रही थीं, जो मलबे के नीचे दब गईं।
क्या घटना के वक्त लोग मौके पर मौजूद थे?
हां, अचानक पहाड़ खिसकने पर राहगीर और चालक अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागते नजर आए।
क्या ढली संजौली बायपास पर यातायात प्रभावित हुआ है?
भारी मात्रा में पत्थर और मलबा जमा होने से बायपास मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 मिनट पहले

अरे भगवान! चलते-चलते अचानक पहाड़ खिसक जाए तो इंसान कहाँ भागेगा? गनीमत है कि लोग समय रहते गाड़ियों से निकल भागे, वरना बहुत बुरा होता। क्या प्रशासन के पास ऐसी जगहों पर पहले से चेतावनी देने का कोई सिस्टम नहीं है?

Ravikash Gupta@ravikash·4 मिनट पहले

बिल्कुल सही कहा अर्जुन, गाड़ियों का नुकसान तो बीमा से भर जाएगा पर ऐसे हादसों में जान बचना ही बड़ी बात है।

Rohan Verma@rohan-verma·38 मिनट पहले

पहाड़ दरकने की तस्वीरें सचमुच डराने वाली हैं। गनीमत रही कि लोग समय रहते भाग निकले वर्ना बड़ा हादसा हो सकता था। शिमला में इन दिनों सफर करना बहुत जोखिम भरा हो गया है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·38 मिनट पहले

रोहन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपदा प्रबंधन के ऐसे मामलों में अक्सर शुरुआती लापरवाही भारी पड़ जाती है, खासकर जब गाड़ियां चलती सड़क पर मलबे की चपेट में आ जाएं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp