सार्वजनिक मुद्दों पर होने वाली एक खुली टीवी बहस के दौरान चुनावी चर्चा अचानक व्यक्तिगत तीखी नोकझोंक में बदल गई। मंच पर मौजूद एक राजनीतिक दल के प्रतिनिधि ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर बात करते हुए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रतीक त्रिवेदी ने चर्चा को रोककर बातचीत के तौर-तरीकों पर कड़ा ऐतराज जताया। बहस के बीच केवल नेताओं की बयानबाजी ही नहीं, बल्कि भीड़ से दर्शकों द्वारा की जा रही टिप्पणियों पर भी जोरदार पलटवार देखने को मिला।
चुनाव आयुक्त पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर आपत्ति
कार्यक्रम के दौरान जब प्रतीक त्रिवेदी चुनाव आयोग से जुड़े मौजूदा राजनीतिक विवाद को लेकर एक दल के प्रवक्ता का पक्ष जान रहे थे, तब प्रवक्ता ने चुनाव आयुक्त के संदर्भ में बेहद अशोभनीय शब्दावली का प्रयोग कर दिया। प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयुक्त भांग खाकर बैठा हुआ है। इस अशोभनीय बयान को सुनते ही एंकर ने तुरंत टोकते हुए चर्चा में शब्दों की मर्यादा का पालन करने की हिदायत दी। उन्होंने दो टूक कहा कि लोकतांत्रिक बहस में भाषा की शालीनता सबसे जरूरी पहलू है।
प्रतीक त्रिवेदी ने प्रवक्ता को नसीहत देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास अपनी बात रखने के लिए सही शब्द नहीं हैं, उचित भाषा नहीं है अथवा बातचीत में अपेक्षित शिष्टता का अभाव है, तो वह उनसे शब्द उधार ले सकता है। उन्होंने जोर देकर स्पष्ट किया कि किसी संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि अपने सामने खड़े किसी भी सामान्य नागरिक से संवाद करते समय आदर, सम्मान और भाषाई सीमा का ध्यान रखना अनिवार्य होना चाहिए।
दर्शक की टिप्पणी पर एंकर का सीधा पलटवार
प्रवक्ताओं के साथ गंभीर संवाद का यह क्रम चल ही रहा था कि कार्यक्रम में शामिल जनसमूह के बीच से किसी व्यक्ति ने एंकर पर निजी टिप्पणी कर दी। भीड़ में से एक दर्शक ने प्रतीक त्रिवेदी को अपने बाल कटवाने की सलाह दी। इस अनचाही टिप्पणी को सुनकर एंकर ने अपने चिरपरिचित तेवर में जवाब दिया। उन्होंने दर्शक को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि उसके पिताजी की दुकान खुल गई हो तो वह उन्हें बताए।
इसके बाद दोनों ओर से संवाद का लहजा और अधिक तीखा हो गया। प्रतीक त्रिवेदी ने सामने मौजूद उस व्यक्ति से दोबारा कहा कि वह पहले अपने पिता की दुकान खुलवाए और उसके बाद ही उनसे इस तरह की बातें करे। सार्वजनिक संवाद के बीच किसी दर्शक द्वारा विषय से भटककर की गई इस तरह की फब्ती पर मंच से दिया गया यह जवाब तुरंत ही चर्चा का केंद्र बन गया।
तीखे अंदाज में दी चेतावनी
मामला केवल पिता की दुकान वाली टिप्पणी तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि एंकर ने तंज कसते हुए अपनी बात को आगे बढ़ाया। उन्होंने मजाकिया लेकिन सख्त अंदाज में उस दर्शक से कहा कि तुम भी काफी दिनों से काम पर नहीं आए हो। इसके फौरन बाद माहौल को पूरी तरह शांत करते हुए उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बहुत मार खाओगे बेटा। इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखा दिया कि लाइव चर्चाओं के दौरान मर्यादा लांघने पर राजनेताओं से लेकर आम दर्शकों तक को तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ सकता है।



















