उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा का धंधा चलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई उस समय की जब आरोपी बुढाना कोतवाली क्षेत्र में जाली नोटों की खेप सप्लाई करने की फिराक में पहुंचे थे। बुढ़ाना कोतवाली पुलिस को गोपनीय तंत्र से यह सूचना मिली थी कि मेरठ करनाल हाईवे पर कुछ संदिग्ध व्यक्ति नकली करेंसी की डिलीवरी देने आने वाले हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और मौके से तीनों अभियुक्तों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान शुभम, महेंद्र और टीनू के रूप में हुई है, जिनकी तलाशी लेने पर उनके कब्जे से भारी मात्रा में जाली नोट बरामद किए गए।
वेब सीरीज से मिला था अपराध का आइडिया
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र की परतें खुलती चली गईं। मुख्य आरोपी शुभम ने पुलिस को बताया कि उसने फर्जी नाम की एक वेब सीरीज देखी थी, जिसे देखने के बाद उसके मन में यह लालच आया कि जाली नोट छापकर रातों-रात अमीर बना जा सकता है। इस विचार से प्रेरित होकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस योजना को अमलीजामा पहनाने का फैसला किया। इसके बाद इन लोगों ने दिल्ली के नरेला इलाके में एक फ्लैट किराए पर लिया और वहीं पर अवैध रूप से नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया। जाली नोट तैयार करने के लिए इन्होंने कोई पारंपरिक तरीका नहीं अपनाया, बल्कि यूट्यूब से वीडियो देखकर इसे छापने की पूरी तकनीकी ट्रेनिंग ली थी।
महाराष्ट्र से मंगाया जाता था खास कागज
जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह का दायरा सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए थे। नकली नोट छापने के लिए विशेष प्रकार का जो कागज इस्तेमाल किया जाता था, उसे महाराष्ट्र से गणेश नाम का एक व्यक्ति कूरियर या अन्य माध्यमों से इनके पास भेजता था। इन सामग्रियों का उपयोग करके आरोपी बड़े पैमाने पर जाली नोटों की छपाई करते थे। इसके बाद यह गिरोह उत्तर प्रदेश, दिल्ली और आसपास के अन्य क्षेत्रों में इन नकली नोटों की आपूर्ति करके भारी मुनाफा कमाता था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 5,26,000 रुपये की नकली करेंसी के साथ-साथ नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले तमाम आधुनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
एसएसपी ने दी मामले की विस्तृत जानकारी
मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एसपी ग्रामीण और सीओ बुढ़ाना के कुशल नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने इस जाली नोट गिरोह का पूरी तरह भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लगभग 5 लाख 26 हजार रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त इनके ठिकाने से लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल फोन और विशेष प्रिंटिंग पेपर भी बरामद किए गए हैं। एसएसपी ने आगे बताया कि पूछताछ में यह बात स्पष्ट हुई है कि ये लोग मुख्य रूप से प्रिंटिंग के कार्यों से जुड़े हुए थे। इस अवैध नेटवर्क में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं जो बाजार में इन नोटों को खपाने का काम करते थे, और पुलिस जल्द ही उन बाकी बचे हुए चेहरों को भी गिरफ्तार करेगी। इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए एसएसपी ने उन्हें 25,000 रुपये के नकद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।



















