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बैंक्सिको ब्याज दरों को 6.50 प्रतिशत पर बरकरार रखने की तैयारी में, कमजोर पेसो और अमेरिकी डॉलर की हलचल से बने नए समीकरणबाज़ार
4 नव॰ 2026, 9:13 pm (1 घंटे पहले)· 1

बैंक्सिको ब्याज दरों को 6.50 प्रतिशत पर बरकरार रखने की तैयारी में, कमजोर पेसो और अमेरिकी डॉलर की हलचल से बने नए समीकरण

मैक्सिको का केंद्रीय बैंक 5 नवंबर की बैठक में अपनी ओवरनाइट ब्याज दर को 6.50 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है, जबकि अमेरिकी चुनाव और फेडरल रिजर्व की नीतियों के बीच वैश्विक बाजारों में डॉलर दबाव में है।

मैक्सिको के केंद्रीय बैंक बैंक्सिको की आगामी नीतिगत बैठक से पहले वित्तीय बाजारों में ब्याज दरों की दिशा को लेकर व्यापक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राबोबैंक की राबोरिसर्च टीम के विश्लेषक मौली श्वार्ट्ज और क्रिश्चियन लॉरेंस के अनुसार, बैंक्सिको 5 नवंबर की बैठक में अपनी प्रमुख ओवरनाइट नीतिगत दर को 6.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रख सकता है। यह स्थिरता केवल मौजूदा बैठक तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि अनुमान है कि बैंक इसे 2027 तक इसी स्तर पर बनाए रख सकता है। यह स्थिति तब बन रही है जब अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावनाएं जताई जा रही हैं। दोनों देशों के बीच ब्याज दरों के घटते अंतर ने मैक्सिकन पेसो पर पहले ही दबाव बना दिया है, और नीतिगत विचलन की यह स्थिति आने वाले दिनों में USD/MXN की जोड़ी को और ऊपर धकेल सकती है, हालांकि मैक्सिको में कोर मुद्रास्फीति अभी नियंत्रण के दायरे में बनी हुई है।

नीतिगत दरों में ठहराव और ब्लूमबर्ग सर्वे के संकेत

बाजार की कीमतों में अंतर्निहित उम्मीदों और ब्लूमबर्ग के विश्लेषक सर्वेक्षण के औसत अनुमानों के अनुसार भी यही परिदृश्य सामने आ रहा है कि 5 नवंबर की बैठक में केंद्रीय बैंक ओवरनाइट दर को 6.50 प्रतिशत पर ही थामे रखेगा। इससे पहले 24 सितंबर को हुई मौद्रिक नीति बैठक के दौरान बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में ठोस बदलाव किए थे। इन बदलावों का उद्देश्य बैंक को उस 6.50 प्रतिशत की दर से अलग हटने और अधिक लचीलापन अपनाने का विकल्प देना था, जिसे वह अब तक बनाए हुए था। हालांकि, बाजार में एक धड़ा ऐसा भी है जो निकट अवधि में कटौती की उम्मीद कर रहा है। ब्लूमबर्ग के सर्वेक्षण में शामिल कई विश्लेषक मान रहे हैं कि इस बैठक में 25 आधार अंकों की कटौती कर नीतिगत दर को 6.25 प्रतिशत पर लाया जा सकता है। इसके बावजूद, हेडलाइन उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई मुद्रास्फीति में बना उतार-चढ़ाव और ऊर्जा की कीमतों से जुड़े निरंतर जोखिम केंद्रीय बैंक को किसी भी जल्दबाजी भरे कदम से रोक रहे हैं। इसी कारण दरों को 6.50 प्रतिशत पर बनाए रखने का अनुमान सबसे मजबूत माना जा रहा है।

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कमजोर पेसो का घरेलू अर्थव्यवस्था और निर्यात पर दोहरा असर

यदि बैंक्सिको ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करता है और पेसो कमजोर बना रहता है, तो इसके मैक्सिको की अर्थव्यवस्था पर मिले-जुले परिणाम देखने को मिल सकते हैं। पेसो की कमजोरी आमतौर पर आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ाकर मुद्रास्फीति को भड़काने का काम करती है। लेकिन वर्तमान में मैक्सिको की कोर वस्तुओं और सेवाओं में महंगाई की दर काफी हद तक संयमित और नियंत्रण में है। इस स्थिति के कारण घरेलू अर्थव्यवस्था पेसो की मौजूदा कमजोरी के झटके को आसानी से झेलने में सक्षम दिख रही है। वहीं दूसरी ओर, यदि घरेलू मुद्रा मजबूत होती है, तो उसका सीधा नुकसान मैक्सिको के कृषि निर्यात को उठाना पड़ता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी मांग घट जाती है। पहले से सुस्त आर्थिक वृद्धि का सामना कर रहे देश के लिए मजबूत मुद्रा एक नया आर्थिक अवरोध बन सकती है, इसलिए पेसो में मामूली नरमी को अर्थव्यवस्था के व्यापक हितों के अनुरूप भी देखा जा रहा है।

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और वैश्विक मुद्राओं का हाल

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार की बात करें तो बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव देखा गया। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की शुरुआती मतगणना और नतीजों के चलते राजनीतिक अनिश्चितता गहरा गई है, जिससे ग्रीनबैक में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वाशिंगटन में संभावित राजनीतिक गतिरोध के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ा, जिससे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में ताजा गिरावट आई। इस गिरावट ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दर वृद्धि के दांवों को बेअसर कर दिया और अमेरिकी डॉलर पर दोहरा दबाव बना दिया।

इस माहौल में AUD/USD की जोड़ी दो सप्ताह के निचले स्तर से उबरते हुए एशियाई सत्र में 0.6965 के आसपास स्थिर बनी रही। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए के नरम रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित रखा। दूसरी ओर, USD/JPY भारी बिकवाली के घेरे में आ गया और बुधवार को टूटकर 158.00 के स्तर से नीचे आ गया, जो अमेरिकी डॉलर के एक महीने के सबसे निचले स्तर को दर्शाता है। बॉन्ड प्रतिफल में कमी और सुरक्षित निवेश प्रवाह ने जापानी येन को अतिरिक्त मजबूती प्रदान की।

सोना 4,000 डॉलर के पार और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेजी

कमजोर होते डॉलर और गिरते बॉन्ड प्रतिफल का सबसे बड़ा फायदा कीमती धातुओं को मिला। सोना लगातार दो दिनों की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए बुधवार को एक बार फिर 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने में सफल रहा। अमेरिकी डॉलर की तेज गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने मिलकर पीली धातु की इस शानदार वापसी को रफ्तार दी है।

डिजिटल संपत्तियों के बाजार में भी जोखिम उठाने की धारणा मजबूत हुई है। बिटकॉइन बुधवार को 78,000 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करता नजर आया, जिससे समग्र क्रिप्टोकरेंसी बाजार का माहौल सुधरा। एथेरियम ने भी बिटकॉइन के इस सकारात्मक रुख का अनुसरण किया और 2,300 डॉलर के स्तर के आसपास बना रहा। इसी तरह रिपल में भी लगातार दो दिनों की बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव 1.28 डॉलर से ऊपर पहुंच गया, जिससे स्पष्ट है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशक वैकल्पिक संपत्तियों की ओर भी तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

सवाल-जवाब

बैंक्सिको 5 नवंबर की बैठक में ब्याज दरों पर क्या फैसला ले सकता है?
विश्लेषकों और बाजार सर्वेक्षणों के अनुसार, बैंक्सिको अपनी ओवरनाइट नीतिगत दर को 6.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रख सकता है।
क्या ब्याज दरों में कटौती की भी कोई संभावना जताई गई है?
ब्लूमबर्ग के सर्वेक्षण में शामिल कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि दर को 25 आधार अंक घटाकर 6.25 प्रतिशत किया जा सकता है।
कमजोर पेसो का मैक्सिको की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?
कमजोर पेसो से कृषि निर्यात की वैश्विक मांग को सहारा मिलेगा, जबकि नियंत्रित कोर मुद्रास्फीति के कारण महंगाई का बड़ा खतरा टल सकता है।
अमेरिकी डॉलर में बुधवार को तेज गिरावट क्यों दर्ज की गई?
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों से उपजी राजनीतिक अनिश्चितता और बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने डॉलर पर भारी दबाव बनाया।
सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार की क्या स्थिति रही?
सोना सुधरकर 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के पार पहुंच गया, जबकि बिटकॉइन 78,000 डॉलर और एथेरियम 2,300 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है।
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