नई दिल्ली और ढाका के बीच कूटनीतिक संपर्कों का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में 4 अक्टूबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह के साथ नई दिल्ली में औपचारिक विदाई बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को संभालने में उनके प्रयासों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात के उपरांत विदेश मंत्री ने एक्स पर अपने संदेश में लिखा, “बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह से उनकी विदाई मुलाकात के दौरान मिलकर खुशी हुई।” उन्होंने हमीदुल्लाह के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
उच्चायुक्त का कार्यकाल और पृष्ठभूमि
रियाज हमीदुल्लाह ने पिछले वर्ष अप्रैल के महीने में भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त की जिम्मेदारी संभाली थी। नई दिल्ली में अपनी इस राजनयिक नियुक्ति से पूर्व वह अपने देश के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनका कार्यकाल दोनों पड़ोसी देशों के बीच संवाद बनाए रखने और साझा प्राथमिकताओं पर तालमेल बिठाने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा है।
ढाका में भारतीय उच्चायोग की सक्रियता
केवल नई दिल्ली ही नहीं, बल्कि ढाका में भी राजनयिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने हाल ही में बांग्लादेशी नेतृत्व के साथ कई बैठकें की हैं। 1 अक्टूबर को त्रिवेदी और बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम मामलों के मंत्री अहमद आजम खान के मध्य दोनों पक्षों से जुड़े विभिन्न विषयों पर ढाका में विस्तार से विमर्श हुआ। इससे ठीक पहले 30 सितंबर को भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी, जिसके बारे में भारतीय उच्चायोग ने जानकारी दी कि दोनों पक्षों ने आपसी हित के मुद्दों पर विचार साझा किए और पुराने रिश्तों व सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
द्विपक्षीय सहयोग और नई नियुक्तियों पर विमर्श
ढाका में भारतीय उच्चायुक्त ने शासन के अन्य अहम प्रतिनिधियों से भी संपर्क साधा। त्रिवेदी ने 30 सितंबर को विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर के साथ बैठक की, जिसमें दोनों देशों के मध्य सहयोग को और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, उच्चायुक्त ने 29 सितंबर 2026 को पदभार ग्रहण करने पर राज्य मंत्री-1 हुमायूं कबीर को बधाई दी थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने इस बात को रेखांकित किया कि आपसी साझेदारी का मुख्य ध्येय दोनों देशों की आम जनता को सीधा लाभ पहुंचाना होना चाहिए।
भविष्योन्मुखी साझेदारी पर भारत का स्पष्ट रुख
इन बैठकों की पृष्ठभूमि में भारत का कूटनीतिक दृष्टिकोण पहले से ही स्पष्ट रहा है। इससे पूर्व 22 सितंबर को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस वार्ता में यह दोहराया गया था कि नई दिल्ली ढाका के साथ सकारात्मक और आगे की ओर देखने वाले रिश्ते बनाए रखने की पक्षधर है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने उस दौरान स्पष्ट किया था, “हम दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों पर मौजूदा तय व्यवस्थाओं के तहत बातचीत के लिए तैयार हैं।” भारत ने यह संदेश दिया है कि तमाम द्विपक्षीय मामलों को स्थापित तंत्रों और संस्थागत प्रक्रियाओं के जरिए ही सुलझाया जाएगा।





















