राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने पंजाब के अमृतसर से इस गिरोह के दो अहम गुर्गों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की पांच गाड़ियां भी बरामद कर ली हैं, जिससे दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों को सुलझाने में बड़ी मदद मिली है।
अमृतसर से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
कार्रवाई को अंजाम देने वाली दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड यानी एएटीएस की टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान शमशेर और रिंकू उर्फ रिंकी के तौर पर हुई है। इनमें से शमशेर की उम्र 33 साल है जबकि रिंकू उर्फ रिंकी 39 वर्ष का है। दोनों आरोपी मूल रूप से पंजाब के अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस की इस दबिश के दौरान उनके कब्जे से कुल पांच गाड़ियां बरामद हुईं, जिनमें चार आधुनिक हुंडई क्रेटा और एक मारुति सुजुकी डिजायर शामिल हैं।
राजेंद्र नगर थाने में दर्ज हुई थी पहली शिकायत
इस पूरे मामले की शुरुआत ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके से हुई थी, जहां 14 अक्टूबर को एक घर के बाहर खड़ी सफेद रंग की हुंडई क्रेटा चोरी होने का मामला सामने आया था। वाहन मालिक की शिकायत पर राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 के तहत ई-एफआईआर दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को भांपते हुए सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के निर्देश पर एएटीएस के प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप डबास के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस पूरी जांच की निगरानी एसीपी ऑपरेशंस पदम सिंह राणा द्वारा की जा रही थी।
पुलिस टीम ने पारंपरिक खुफिया तंत्र और आधुनिक तकनीकी निगरानी का जाल बिछाकर पंजाब के इस आपराधिक गिरोह की गतिविधियों का सुराग लगाया। जांच में सामने आया कि यह गिरोह रात के वक्त दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में घूमकर अच्छी और सुरक्षित हालत में खड़ी लग्जरी गाड़ियों को अपना निशाना बनाता था। गाड़ी चुराने के बाद आरोपी उस पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगा देते थे, ताकि रास्ते में किसी को शक न हो और वे आसानी से गाड़ियों को पंजाब तक पहुंचा सकें। पंजाब पहुंचने के बाद इन वाहनों को सुरक्षित ठिकानों पर खपा दिया जाता था।
छापेमारी के बाद पांच मामलों का हुआ खुलासा
खुफिया जानकारियों को पुख्ता करने के बाद पुलिस ने 16 अक्टूबर को अमृतसर के जंडियाला गुरु में एक सटीक छापा मारा और सबसे पहले शमशेर को धर दबोचा। उसके पास से एक काली हुंडई क्रेटा बरामद हुई, जिसकी जांच करने पर पता चला कि यह गाड़ी रोहिणी के बेगमपुर थाने में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमे से जुड़ी हुई थी। हिरासत में कड़ाई से पूछताछ के दौरान शमशेर ने अपने साथी रिंकू उर्फ रिंकी का नाम उजागर किया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने उसी दिन दूसरे आरोपी रिंकू को भी अमृतसर से ही गिरफ्तार कर लिया।
रिंकू की निशानदेही पर पुलिस ने राजेंद्र नगर से चोरी हुई सफेद रंग की हुंडई क्रेटा भी बरामद कर ली। इसके बाद की गई सिलसिलेवार पूछताछ में तीन और चोरी की गाड़ियां पुलिस के हाथ लगीं। इन वाहनों की बरामदगी से जनकपुरी, राजौरी गार्डन और नेताजी सुभाष प्लेस थानों में दर्ज चोरी के पुराने मामलों को भी सुलझा लिया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये दोनों आरोपी चुराई गई गाड़ियां अमृतसर के ही रहने वाले हरप्रीत उर्फ हनी नाम के शख्स को सौंपते थे। फिलहाल पुलिस हरप्रीत और इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार बदमाशों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही है और बाकी चोरी के वाहनों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।






















