देश की राजधानी में वायु गुणवत्ता एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। सुबह 6:15 बजे के समय दिल्ली के आसमान में प्रदूषण की घनी चादर साफ दिखाई दी, जिससे लोगों के लिए सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है। समूचे शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 331 दर्ज किया गया, जो वातावरण में घुले भारी जहर की गंभीरता को रेखांकित करता है।
विभिन्न रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति
राजधानी के अलग-अलग पॉकेट में प्रदूषण का प्रकोप बेहद असमान और चिंताजनक है। जहांगीरपुरी में स्थिति सबसे अधिक भयावह रही, जहां AQI 499 के चरम आंकड़े तक पहुंच गया। इसके अलावा रोहिणी में यह 431, बवाना में 408, नरेला में 406 और डीटीयू दिल्ली में 403 दर्ज किया गया। दूसरी तरफ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार आनंद विहार के आसपास का AQI 278 रहा, जो 'खराब' श्रेणी के अंतर्गत आता है। इन प्रमुख इलाकों में जहरीली हवा का स्तर 400 के पार चले जाने से समूचे क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट की आशंका गहरा गई है।
दिल्ली-नोएडा सीमा पर वाहनों की सघन नाकेबंदी
हवा के तेजी से बिगड़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली-नोएडा सीमा पर आवाजाही के कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस हर एक संदिग्ध वाहन को रोककर विस्तृत पड़ताल कर रही है। BS4 मानक से नीचे वाली किसी भी गाड़ी को राष्ट्रीय राजधानी की सीमा में घुसने की अनुमति नहीं दी जा रही है। साथ ही हर चालक के वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की मौके पर ही जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया पूरी किए बिना किसी भी वाहन को दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने से स्पष्ट तौर पर रोका जा रहा है।



















