मणिपुर के इंफाल-तामेंगलॉन्ग (IT) रोड पर बसे लांगका नागा गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब कृषि कार्यों में जुटे ग्रामीणों पर अचानक उग्रवादियों ने हमला कर दिया। सुबह लगभग 7:30 बजे हुए इस हमले के समय किसान अपने खेतों में रोजमर्रा के काम कर रहे थे।
गोलीबारी में एक ग्रामीण की मौत और तीन घायल
अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों के एक बड़े समूह ने खेत में मौजूद ग्रामीणों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में सिर में गोली लगने के कारण 34 वर्षीय डब्लू चवांग की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गांव के तीन अन्य लोग, जिनमें 55 वर्षीय काविदिनांग अबोनमाई, 52 वर्षीय मलिंगजिनांग अबोनमाई और 50 वर्षीय नमथिउलुंगबोउ प्रिनमाई शामिल हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए। जख्मी लोगों में से दो ग्रामीणों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
सुरक्षा बलों की तैनाती और इलाके में सर्च ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों की टुकड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया। स्थिति को नियंत्रण में रखने और तनाव फैलने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने संवेदनशील तथा सीमावर्ती इलाकों में सघन तलाशी अभियान और एरिया-डोमिनेशन अभ्यास शुरू कर दिया है। राज्य में तीन साल पहले भड़की जातीय हिंसा के बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार संवेदनशील इलाकों में इस तरह के तलाशी अभियान चला रही हैं।
लांगका नागा गांव का पिछला इतिहास और पूर्व में हुई हिंसा
लांगका नागा गांव पहले भी सशस्त्र संघर्ष का सामना कर चुका है। इसी साल जून के महीने में इस गांव पर हुए एक हमले के दौरान सशस्त्र समूहों के बीच भारी गोलाबारी हुई थी, जिसके बाद वहां सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। उस दौरान संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने नागा ग्रामीणों के कई फार्म हाउस आग के हवाले कर पूरी तरह नष्ट कर दिए थे। इसके अलावा, हमलावरों ने वहां मौजूद एक भैंस और एक कुत्ते को भी मार डाला था।















