उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा के ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिले में संचालित परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और विद्यार्थियों को अत्याधुनिक शैक्षणिक माहौल देने के लिए एक विशेष परियोजना पर काम चल रहा है। इस पहल के तहत जिले के 12 चयनित परिषदीय स्कूलों में नए हाईटेक क्लासरूम का निर्माण कराया जा रहा है, जिस पर कुल 7,31,92,000 रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के साथ बैठकर पढ़ने की मजबूरी से राहत दिलाना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
12 चयनित विद्यालयों में आधुनिक बुनियादी सुविधाएं होंगी उपलब्ध
अमेठी जिले में वर्तमान में कुल 1570 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें करीब 1.5 लाख से भी अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। हालांकि, इनमें से कुछ स्कूलों में पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कई स्थानों पर जगह और कमरों की कमी के कारण एक ही कक्ष में कई कक्षाओं के बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जाता था। इससे न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी, बल्कि शिक्षकों के लिए भी एक साथ अलग-अलग विषयों को पढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रशासन ने 12 स्कूलों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त कमरों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति दी है।
इन नवनिर्मित अतिरिक्त भवनों को पूरी तरह हाईटेक बनाया जाएगा। नए निर्माण में विद्यार्थियों के बौद्धिक और शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन इमारतों में अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, प्रयोगों के लिए साइंस लैब और खेल गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए स्पोर्ट्स क्लब विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही, पारंपरिक व्यवस्था की जगह सभी बच्चों के लिए आरामदायक डेस्क और बेंच की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे बेहतर वातावरण में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी और तेजी
इस पूरी परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया है कि 12 विद्यालयों में इन अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण का काम चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया गया है। संबंधित कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और काम को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनका मानना है कि यह प्रोजेक्ट अमेठी के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के बच्चों की प्राथमिक शिक्षा का स्तर सुधारने में एक मील का पत्थर साबित होगा। नए क्लासरूम और लैब तैयार होने से बच्चों की उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।



















