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बिहार में छात्रों के लिए खास पहल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुरू किया विद्यार्थी सहयोग शिविरशिक्षा
25 अग॰ 2026, 10:59 pm (63 दिन पहले)· 2

बिहार में छात्रों के लिए खास पहल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुरू किया विद्यार्थी सहयोग शिविर

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विद्यार्थी सहयोग शिविर का शुभारंभ किया है। इसके तहत अब छात्रों की शिकायतों का निपटारा 30 दिन के भीतर किया जाएगा।

बिहार के शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले युवाओं की दिक्कतों को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को एक विशेष पहल की शुरुआत की। बिदुपुर स्थित बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सात निश्चय-3 के तहत सबका सम्मान, जीवन आसान अभियान के अंतर्गत विद्यार्थी सहयोग शिविर का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्यभर के कॉलेजों और संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सभी प्रकार की अकादमिक एवं प्रशासनिक समस्याओं, शिकायतों के साथ-साथ उनके सुझावों का भी समय पर और प्रभावी ढंग से निस्तारण किया जा सके। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक एवं शैक्षणिक भवन के फैकल्टी रूम में बनाए गए सूचना-सहायता काउंटर का जायजा लिया और वहां छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं व जानकारियों की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझा।

छात्रों की हर जरूरत को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी परेशानियों को ध्यान से सुना। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यार्थियों की जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उनका समाधान तुरंत किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वैशाली स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में इंटरनेट कनेक्टिविटी और लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि पठन-पाठन के दौरान युवाओं को किसी भी प्रकार की रुकावट का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, जब तक सभी छात्रों के लिए हॉस्टल की पक्की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक वैकल्पिक और अस्थायी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि बिहार देश का एक ऐसा अनोखा राज्य है जहां महज 10 रुपये में इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा दी जा रही है।

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युवाओं को बेहतर माहौल देने के लिए सरकार इंजीनियरिंग कॉलेजों में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं जुटाने में लगी है। छात्रों की मांग पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया कि कॉलेज परिसर के आसपास प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए उपयुक्त जगह चुनी जाए ताकि न सिर्फ छात्र बल्कि आम नागरिक भी इसका फायदा उठा सकें। यह योजना बनाई गई है कि राज्य के तमाम इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अंबेडकर छात्रावासों के पास जन औषधि केंद्र खोले जाएं।

शिकायतों का 30 दिनों के भीतर होगा अंतिम निराकरण

छात्रों के हितों की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। इस नए विद्यार्थी सहयोग शिविर के जरिए छात्र अपनी बात सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह है कि छात्र-छात्राओं को अपनी किसी भी शिकायत के निवारण के लिए सरकारी दफ्तरों के बेवजह चक्कर न काटने पड़ें और तय सीमा के अंदर ही उनकी परेशानी दूर हो सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि शिविर में मिलने वाली सभी शिकायतों का अधिकतम 30 दिनों के भीतर अंतिम निराकरण किया जाना चाहिए और इस पूरी प्रक्रिया की सख्त निगरानी रखी जाए। उन्होंने यह भी माना कि विद्यार्थियों के सुझाव शासन और नीतियां तय करने में बेहद मददगार साबित होते हैं। युवाओं के प्रोजेक्ट्स और नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए उन्हें स्टार्टअप से जोड़े जाने की बात भी कही गई ताकि उन्हें नवाचार के लिए पूरा प्रोत्साहन मिल सके।

हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल की सुविधा

इस अनूठी पहल के तहत हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में मुख्य रूप से पढ़ाई की व्यवस्था, परीक्षाओं, हॉस्टलों, पेयजल, शौचालयों और कैंटीन जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों और सुझावों पर सुनवाई होगी। विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए एक विशेष विद्यार्थी सहयोग पोर्टल भी तैयार किया गया है जिसके माध्यम से वे अपनी शिकायतें और सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही 1100 नंबर की हेल्पलाइन के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, जिससे छात्र घर बैठे अपनी शिकायत की मौजूदा स्थिति की जानकारी ले सकेंगे।

स्टॉलों और परिसरों का निरीक्षण

शिविर के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय वैशाली के प्रशासनिक और शैक्षणिक भवन के भूतल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उद्योग विभाग वैशाली और जिला निबंधन-सह-परामर्श केंद्र वैशाली की तरफ से लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इसके बाद वे भवन की तीसरी मंजिल पर पहुंचे जहां उन्होंने क्लास रूम, म्यूजिक रूम, सेमिनार हॉल, स्टार्टअप सेल, एंटरप्रेन्योरशिप सेल और अलग-अलग प्रयोगशालाओं का मुआयना किया और वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।

सवाल-जवाब

विद्यार्थी सहयोग शिविर की शुरुआत किसने और कहां की?
इस शिविर की शुरुआत बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली के बिदुपुर स्थित बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में की।
छात्रों की शिकायतों का समाधान कितने दिनों में किया जाएगा?
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी शिकायतों का अंतिम निराकरण अधिकतम 30 दिनों के भीतर किया जाए।
विद्यार्थी अपनी शिकायत ऑनलाइन कैसे दर्ज करा सकते हैं?
छात्र विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से या 1100 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
यह शिविर शिक्षण संस्थानों में कब आयोजित किया जाएगा?
यह शिविर प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में आयोजित किया जाएगा।
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