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दिल्ली की अदालत ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी डॉ. मनोज शिरूरे को जमानत देने से किया इनकारशिक्षा
24 जुल॰ 2026, 2:42 pm (95 दिन पहले)· 0

दिल्ली की अदालत ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में आरोपी डॉ. मनोज शिरूरे को जमानत देने से किया इनकार

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के आरोपी डॉ. मनोज शिरूरे की जमानत अर्जी खारिज कर दी है, जिन पर प्रश्नपत्र लीक कराने में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है।

दिल्ली की एक अदालत ने विवादास्पद मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर लीक मामले में एक मुख्य आरोपी को बड़ा झटका दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने डॉ. मनोज शिरूरे की जमानत अर्जी को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है। डॉ. शिरूरे पर NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश में शामिल होने का बेहद गंभीर आरोप है और उन्हें फिलहाल हिरासत में ही रहना होगा।

CBI के आरोप और डॉ. शिरूरे की संदिग्ध भूमिका

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने आरोपी के खिलाफ अदालत के समक्ष बेहद संगीन आरोप पेश किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, डॉ. मनोज शिरूरे ने परीक्षा के आयोजन से पहले तीन विशिष्ट परीक्षार्थियों को केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने में बेहद महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभाई थी। सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि इन तीन लाभार्थियों में से एक छात्र इस मामले के दूसरे आरोपी और एक कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा है, जो इस पूरे रैकेट के बीच गहरी मिलीभगत को उजागर करता है।

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जांच एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि डॉ. शिरूरे इस अवैध गतिविधि को अकेले अंजाम नहीं दे रहे थे। उन्हें इस काम में एक अन्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी का पूरा सहयोग मिला था, जिसने चयनित छात्रों तक केमिस्ट्री के सवालों को पहुंचाने में मदद की थी। इस पूरे प्रकरण में जांच एजेंसी ने डॉ. शिरूरे की संलिप्तता को बेहद संवेदनशील और मामले की मुख्य कड़ी बताया है। अदालत ने मामले की गंभीरता, सबूतों की प्रकृति और जांच एजेंसी के ठोस आरोपों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को कोई भी राहत देने से साफ मना कर दिया और उनकी जमानत याचिका रद्द कर दी।

क्या है NEET-UG 2026 का पूरा विवाद?

यह पूरा मामला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़ा हुआ है। NEET-UG 2026 की परीक्षा मूल रूप से 3 मई 2026 को देश भर में आयोजित की गई थी। इसके तुरंत बाद, देश के विभिन्न हिस्सों से बड़े पैमाने पर पेपर लीक होने, अनुचित साधनों के इस्तेमाल और व्यापक प्रशासनिक अनियमितताओं की खबरें सामने आईं। देश भर में मचे बवाल और छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद, केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने पर NTA ने 12 मई 2026 को इस परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया था। इसके बाद, योग्य छात्रों को निष्पक्ष मौका देने के लिए 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) का आयोजन किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख और कड़े निर्देश

इस पूरे परीक्षा विवाद पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भी बेहद सख्त और समझौता न करने वाला रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और NTA को स्पष्ट शब्दों में सचेत किया है कि परीक्षा प्रणाली में होने वाली गलतियों के इस अंतहीन सिलसिले को अब हर हाल में रोकना होगा। अदालत ने साफ किया कि वह खुद इस पूरी सुधारात्मक प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करेगी और परीक्षा की शुचिता बहाल करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी। भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों से यह भी पूछा है कि क्या इस परीक्षा को कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में कराया जा सकता है। इसके साथ ही, अदालत ने प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण की प्रक्रिया और इसमें साइबर सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को लेकर भी विस्तृत जानकारी मांगी है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी

कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच, इस मामले को लेकर सड़क पर भी आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार चल रहा है। CJP के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन के नेताओं ने दो टूक कहा है कि जब तक देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक जंतर-मंतर पर उनका यह धरना-प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा।

सवाल-जवाब

डॉ. मनोज शिरूरे की जमानत याचिका क्यों खारिज की गई?
राउज एवेन्यू कोर्ट ने केमिस्ट्री प्रश्नपत्र लीक करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और मामले की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
डॉ. मनोज शिरूरे पर CBI के क्या आरोप हैं?
CBI का आरोप है कि डॉ. शिरूरे ने आरोपी पी.वी. कुलकर्णी की मदद से परीक्षा से पहले तीन छात्रों को केमिस्ट्री के प्रश्न उपलब्ध कराए थे, जिनमें एक कोचिंग संचालक का बेटा भी शामिल था।
NEET-UG 2026 परीक्षा कब आयोजित हुई थी और इसे क्यों रद्द किया गया?
यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, लेकिन बड़े पैमाने पर पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण इसे 12 मई 2026 को रद्द कर दिया गया था। दोबारा परीक्षा 21 जून 2026 को हुई थी।
पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि गलतियों का सिलसिला खत्म होना चाहिए। कोर्ट ने कंप्यूटर-आधारित टेस्ट, सुरक्षित पेपर डिलीवरी और साइबर सुरक्षा पहलुओं पर रिपोर्ट मांगी है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र क्या मांग कर रहे हैं?
जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
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