हरियाणा के फरीदाबाद शहर स्थित तिकोना पार्क में संचालित गवर्नमेंट बॉयज सीनियर सेकेंडरी स्कूल की सूरत आने वाले समय में पूरी तरह बदलने वाली है। पिछले करीब 50 वर्षों से शिक्षा दे रहे इस ऐतिहासिक सरकारी विद्यालय में अब 32 कमरों वाली एक भव्य और आधुनिक इमारत का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस नए भवन के निर्माण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं और बेहतर पठन-पाठन का माहौल एक ही कैंपस में उपलब्ध कराना है। अधिकारियों की योजना के अनुसार अप्रैल 2027 तक यह बहुमंजिला भवन पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। नई इमारत चालू होने के बाद यह सरकारी स्कूल सुविधाओं, अनुशासन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में क्षेत्र के प्रमुख निजी स्कूलों को भी सीधी टक्कर देने की स्थिति में होगा।
17 एकड़ के विस्तृत कैंपस में बन रहीं विशाल कक्षाएं और लैब
स्कूल परिसर में तैयार हो रही नई इमारत को आधुनिक शिक्षा की सभी आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। विद्यालय का पूरा परिसर लगभग 17 एकड़ के विशाल भूभाग पर फैला हुआ है, जहां इस नई 32 कमरों की बिल्डिंग को स्थापित किया जा रहा है। प्रत्येक कमरे के निर्माण में स्थान और हवा के प्रवाह का विशेष ख्याल रखा गया है। इमारत का कोई भी सामान्य कमरा 24×24 फीट के आकार से छोटा नहीं होगा, जबकि कई प्रमुख कमरों और हॉलों का क्षेत्रफल 30×25 फीट तक रखा गया है। इतनी विशाल कक्षाओं के निर्माण से एक ही समय में लगभग 1200 विद्यार्थियों के आराम से बैठकर पढ़ाई करने की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।
केवल थ्योरी की पढ़ाई ही नहीं, बल्कि प्रायोगिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी इस नई बिल्डिंग में व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी एक भवन के भीतर आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब और अन्य सभी आवश्यक शैक्षणिक लैब तैयार की जाएंगी। एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएं उपलब्ध होने से छात्रों को लैब वर्क या प्रैक्टिकल कक्षाओं के लिए परिसर के अलग-अलग हिस्सों में भटकना नहीं पड़ेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पठन-पाठन की प्रक्रिया भी अधिक सुगम और प्रभावी बनेगी।
सीसीटीवी सुरक्षा और हाइजीनिक सुविधाओं से लैस होगा नया भवन
विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए नई बिल्डिंग में उच्च मानकों का पालन किया जा रहा है। पूरे भवन के कौने-कौने में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि स्कूल परिसर के अंदर अनुशासन बना रहे और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा परिसर में साफ-सुथरे वॉशरूम, पीने के शुद्ध पानी के लिए पर्याप्त वॉटर प्वाइंट्स और बड़े-बड़े हवादार हॉल बनाए जा रहे हैं। इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य छात्रों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और प्रेरणादायक माहौल प्रदान करना है।
स्कूल के इंचार्ज पीएल शर्मा ने बताया कि परिसर में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यद्यपि इस प्रोजेक्ट की कुल निर्माण लागत का आधिकारिक ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन सरकार का स्पष्ट फोकस सरकारी स्कूलों को आधुनिकतम तकनीक से जोड़ने पर है। उन्होंने उल्लेख किया कि PM श्री स्कूल योजना और मॉडल संस्कृति स्कूल जैसी दूरदर्शी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से सरकारी शिक्षा व्यवस्था का ढांचा काफी मजबूत हुआ है और इसका सीधा लाभ आम परिवारों के बच्चों को मिल रहा है।
अभिभावकों से सीधा संपर्क, PTM और शानदार बोर्ड परीक्षा परिणाम
इस सरकारी स्कूल में केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं बदला जा रहा, बल्कि अध्यापन और मॉनिटरिंग के तरीकों में भी बड़ा बदलाव आया है। अब यहां निजी विद्यालयों की तर्ज पर प्रत्येक विद्यार्थी की उपस्थिति और प्रगति पर कड़ी नजर रखी जाती है। यदि कोई छात्र बिना किसी पूर्व सूचना के एक दिन भी स्कूल नहीं आता, तो स्कूल प्रशासन की ओर से तुरंत उसके माता-पिता या अभिभावकों को कॉल करके अनुपस्थिति की वजह पूछी जाती है। इसके साथ ही, बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों पर चर्चा करने के लिए नियमित अंतराल पर पैरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी की बैठकें आयोजित की जाती हैं।
शिक्षकों के इन निरंतर प्रयासों और सुदृढ़ प्रबंधन का परिणाम स्कूल के हालिया बोर्ड रिजल्ट्स में भी साफ दिखाई दिया है। इस विद्यालय की दसवीं कक्षा का बोर्ड परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा, वहीं बारहवीं कक्षा में 98 प्रतिशत छात्र सफल घोषित हुए। स्कूल प्रशासन का मानना है कि अप्रैल 2027 में 32 कमरों वाली नई हाईटेक इमारत के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद पठन-पाठन का स्तर और अधिक ऊंचा होगा, जिससे आम जनता का सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर भरोसा और मजबूत होगा।



















