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कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में बनेगा 349 करोड़ का 13 मंजिला रिसर्च सेंटर, आईआईटी और एचबीटीयू का मिलेगा साथशिक्षा
30 अग॰ 2026, 8:36 am (59 दिन पहले)· 2

कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में बनेगा 349 करोड़ का 13 मंजिला रिसर्च सेंटर, आईआईटी और एचबीटीयू का मिलेगा साथ

कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में 349 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी 13 मंजिला अत्याधुनिक रिसर्च लैब बनाई जाएगी। इस हाई-टेक केंद्र में आईआईटी कानपुर और एचबीटीयू की तकनीकी मदद से गंभीर बीमारियों और नई दवाओं पर शोध किया जाएगा।

कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज (जीएसवीएम) का दायरा अब केवल मरीजों के इलाज तक ही सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि यह संस्थान आने वाले समय में चिकित्सा अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के बड़े गढ़ के रूप में उभरने की तैयारी कर रहा है। चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयां देने के उद्देश्य से इस परिसर में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी और आधुनिक रिसर्च लैब का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अनुमानित रूप से 349 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे एक भव्य 13 मंजिला इमारत के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 3000 वर्गमीटर के विशाल क्षेत्र में बनने वाली इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला में चिकित्सा विज्ञान के अलग-अलग विभागों और विभिन्न शोध गतिविधियों के लिए विशिष्ट और सुसज्जित स्थान आरक्षित किए जाएंगे।

एक ही छत के नीचे मिलेगी हर प्रकार की शोध सुविधा

इस नई और उन्नत रिसर्च लैब के भीतर एनिमल टेस्टिंग लैब और सेल कल्चर लैब समेत कई विश्वस्तरीय प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। इन अत्याधुनिक सुविधाओं के विकसित होने से मेडिकल कॉलेज के अनुभवी डॉक्टरों और समर्पित शोधकर्ताओं को विभिन्न जटिल बीमारियों, नई औषधियों, उन्नत उपचार पद्धतियों और चिकित्सा की नवीन तकनीकों पर पूरी तरह व्यवस्थित व वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। वर्तमान समय में कई प्रकार के विशिष्ट परीक्षणों और शोध कार्यों के लिए अन्य बाहरी संस्थानों या दूरदराज की सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके कारण कार्य में अनावश्यक विलंब होता है। लेकिन इस हाई-टेक लैब के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद संस्थान परिसर के भीतर ही शोध कार्यों के लिए एक मजबूत और आत्मनिर्भर आधारभूत ढांचा उपलब्ध हो जाएगा।

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आईआईटी कानपुर और एचबीटीयू के साथ मजबूत होगी तकनीकी साझेदारी

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने अपनी शोध क्षमताओं को और अधिक व्यापक बनाने के लिए देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों यानी आईआईटी कानपुर और एचबीटीयू के साथ पहले ही करार कर रखा है। इन तकनीकी संस्थानों की उत्कृष्ट विशेषज्ञता और जीएसवीएम के व्यावहारिक चिकित्सकीय अनुभव का अनूठा समन्वय नए और क्रांतिकारी शोधों को जन्म देगा। जब चिकित्सा विज्ञान और इंजीनियरिंग की दुनिया की विशेषज्ञता एक ही मंच पर साथ मिलकर काम करेगी, तो इससे नए चिकित्सा उपकरणों, अत्याधुनिक तकनीकी गैजेट्स और बेहद प्रभावी उपचार पद्धतियों के विकास की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।

मेडिकल कॉलेज परिसर में इतनी विशाल और उच्च स्तरीय रिसर्च सुविधा के विकसित हो जाने से यहां होने वाले अनुसंधान कार्यों के दायरे में अभूतपूर्व विस्तार होगा। जानलेवा और गंभीर बीमारियों से लेकर नई दवाइयों के निर्माण, उपचार की आधुनिक तकनीकों और अत्याधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोजेक्ट्स को तीव्र गति मिल सकेगी। इन तमाम प्रयासों के परिणामस्वरूप जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज महज मरीजों का उपचार करने वाला एक सामान्य अस्पताल बनकर नहीं रहेगा, बल्कि यह चिकित्सा जगत में नए ज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी इनोवेशन को गति देने वाला एक प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बन जाएगा।

भविष्य की संभावनाओं पर क्या बोले कॉलेज के प्राचार्य

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने इस परियोजना के संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि संस्थान में इस स्तर की अत्याधुनिक और वृहद रिसर्च सुविधा के विकसित होने से चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में असीम नई संभावनाएं सृजित होंगी। विभिन्न प्रकार के जटिल शोध कार्यों के लिए जितनी भी आवश्यक सुविधाएं और उपकरण चाहिए होते हैं, वे सब कुछ एक ही छत के नीचे आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि आईआईटी कानपुर और एचबीटीयू जैसे दिग्गज तकनीकी संस्थानों के सहयोग से इस मेडिकल रिसर्च को एक मजबूत तकनीकी आधार भी प्राप्त होगा। भविष्य में इस संयुक्त प्रयास से ऐसे उत्कृष्ट शोध और जीवनरक्षक इनोवेशन सामने आने की पूरी उम्मीद है, जिनका प्रत्यक्ष लाभ न केवल उत्तर प्रदेश के बल्कि पूरे देश और दुनिया भर के जरूरतमंद मरीजों को मिल सकेगा।

सवाल-जवाब

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में बनने वाली रिसर्च लैब कितनी मंजिला होगी?
यह नई रिसर्च लैब एक भव्य 13 मंजिला इमारत के रूप में विकसित की जाएगी।
इस अत्याधुनिक रिसर्च लैब के निर्माण पर कुल कितना खर्च आएगा?
इस अत्याधुनिक रिसर्च सुविधा को तैयार करने में लगभग 349 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
यह रिसर्च लैब कितने क्षेत्रफल में बनाई जाएगी?
यह लैब लगभग 3000 वर्गमीटर के विशाल क्षेत्र में बनाई जाएगी।
इस परियोजना में किन तकनीकी संस्थानों का सहयोग लिया जा रहा है?
इस परियोजना में आईआईटी कानपुर और एचबीटीयू की तकनीकी विशेषज्ञता का सहयोग लिया जा रहा है।
इस लैब के भीतर कौन सी प्रमुख प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी?
इस लैब के भीतर एनिमल टेस्टिंग लैब और सेल कल्चर लैब समेत कई अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य कौन हैं?
डॉ. संजय काला जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य हैं।
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