ग्वांगझू ओपन के पहले दौर में कोर्ट पर उतरीं पूर्व वर्ल्ड नंबर वन वीनस विलियम्स की हार का सिलसिला नहीं थम सका। 46 वर्षीय अमेरिकी दिग्गज को 18 साल की ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी लिली टैगर ने सीधे सेटों में 6-2, 6-2 से शिकस्त दी। यह विलियम्स की कोर्ट पर लगातार 16वीं हार है। इस मुकाबले की सबसे चर्चित बात दोनों खिलाड़ियों के बीच 28 साल का भारी अंतर रहा, जो इस दशक में WTA मैच के दौरान दो प्रतिद्वंद्वियों के बीच उम्र का सबसे बड़ा फासला है। इसके साथ ही यह टूर स्तर के ऐतिहासिक सबसे बड़े अंतरों में भी शामिल हो गया है।
साल 2026 में अब तक नहीं मिली कोई जीत
सात ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाली विलियम्स के लिए मौजूदा सत्र बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। साल 2026 में वह अब तक अपने सभी 13 सिंगल्स मैच गंवा चुकी हैं। विलियम्स ने अपना पिछला आधिकारिक मुकाबला जुलाई 2025 में जीता था। विश्व रैंकिंग में 599वें पायदान पर फिसल चुकी विलियम्स को अब WTA टूर्नामेंटों में मुख्य ड्रॉ तक पहुंचने के लिए वाइल्डकार्ड एंट्री पर निर्भर रहना पड़ता है।
वाइल्डकार्ड को लेकर बहस फिर तेज
इस ताजा हार के बाद खेल जगत के भीतर इस बात पर चर्चा एक बार फिर गर्मा गई है कि क्या उन्हें वाइल्डकार्ड दिया जाना सही है। टेनिस समुदाय के कुछ लोगों का मानना है कि विलियम्स को मिलने वाले मौकों की वजह से अपने करियर को तराशने में जुटी युवा खिलाड़ियों के स्लॉट छिन रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, टूर्नामेंट आयोजकों का मानना है कि सर्वकालिक महान खिलाड़ी को आमंत्रित करने से प्रतियोगिता को बहुत बड़ा व्यावसायिक फायदा मिलता है। ग्वांगझू के दर्शकों ने अमेरिकी सुपरस्टार को कोर्ट पर देखने के इस दुर्लभ अवसर का जमकर स्वागत किया। बड़ी तादाद में मौजूद प्रशंसकों ने पूरे मैच के दौरान उनका हौसला बढ़ाया और मैच के बाद कोर्ट से बाहर जाते वक्त उनका गर्मजोशी से अभिवादन किया।
कोच की पुरानी प्रतिद्वंद्वी से मुकाबला
मैच का एक बेहद रोचक पहलू यह भी रहा कि लिली टैगर के जन्म से पहले ही विलियम्स छह ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब और 30 WTA ट्रॉफियां अपने नाम कर चुकी थीं। ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी का जन्म फरवरी 2008 में हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि टैगर की मौजूदा कोच फ्रांसिस्का शियावोन खुद वीनस की समकालीन रही हैं। 2010 की फ्रेंच ओपन चैंपियन और पूर्व विश्व नंबर चार शियावोन की उम्र भी विलियम्स के बराबर है। अपने सक्रिय करियर के दौरान शियावोन विलियम्स के खिलाफ खेले गए सभी आठ मुकाबलों में पराजित हुई थीं।
दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी टैगर ने अपनी जीत के बाद कहा,
"जब मैंने ड्रॉ देखा तो मैं काफी रोमांचित और थोड़ी घबराई हुई थी, मैं उनका बहुत सम्मान करती हूं।"टैगर ने आगे कहा कि यह काफी दिलचस्प है कि वह मेरी कोच के साथ खेलती थीं, और वह भी इस उम्र में खेलना चाहेंगी और उन्हें बधाई देना चाहती हैं।
मैच का लेखा-जोखा और दमदार सर्विस
सीधे सेटों के स्कोरलाइन से भले ही आलोचकों को नई बहस का मौका मिले, लेकिन पूर्व चैंपियन ने शीर्ष स्तर की उभरती प्रतिभा टैगर को हर एक अंक के लिए पसीना बहाने पर मजबूर किया। इसके बावजूद युवा खिलाड़ी का प्रदर्शन कहीं ज्यादा असरदार रहा। साल 2025 की फ्रेंच ओपन गर्ल्स चैंपियन टैगर ने अपनी सर्विस पर अविश्वसनीय नियंत्रण दिखाया। उन्होंने अपनी सर्विस पर केवल सात अंक गंवाए और पूरे मैच में एक बार भी ब्रेक पॉइंट का सामना नहीं किया। इसके साथ ही उन्होंने बेसलाइन से दोनों छोरों पर बेहतरीन ग्राउंडस्ट्रोक खेलते हुए विलियम्स की गति को आसानी से संभाला।
टैगर ने दोनों सेटों में लगभग एक ही अंदाज में दबदबा बनाया। उन्होंने दोनों सेटों में पहले 1-0 और फिर 5-2 की बढ़त के साथ विलियम्स की सर्विस दो-दो बार तोड़ी। दिग्गज अमेरिकी खिलाड़ी ने कई मौकों पर अपनी तेजतर्रार सर्विस के दम पर संकट टाला और 16 में से 12 ब्रेक पॉइंट बचाए। विलियम्स का मशहूर जुझारूपन पूरे मैच में झलका, लेकिन मौजूदा टूर स्तर पर उनकी शारीरिक गति और निरंतरता काफी पीछे छूटती नजर आई।



















