असम पुलिस ने राज्य में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियान को और अधिक तेज कर दिया है, जिसके तहत मंगलवार शाम पांच बजे तक के आंकड़ों के अनुसार कुल 524 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 441 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस की यह कार्रवाई राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार जारी है, जिससे बाल विवाह में लिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर दी जानकारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी सरकार के कड़े रुख को एक बार फिर दोहराया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस गंभीर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और राज्य को इस कुप्रथा से पूरी तरह मुक्त कराया जाएगा।
विभिन्न जिलों में पुलिस की विशेष छापेमारी
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह ताजा गिरफ्तारियां चापर, बिलासीपाड़ा, जोगीघोपा और तामारहाट समेत कई इलाकों में की गई हैं। चापर में एक विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने बाल विवाह मामलों में कथित संलिप्तता के आरोप में पांच लोगों को पकड़ा है। इन आरोपियों की पहचान अब्दुल्ला, साहिदुल, जाहिदुल, अनवर हुसैन और साहीिनुर अली के रूप में की गई है, और इस मामले में आगे की कानूनी जांच अभी जारी है।
बिलासीपाड़ा और अन्य क्षेत्रों में धरपकड़
उधर बिलासीपाड़ा में पुलिस ने कई स्थानों पर रातभर छापेमारी कर आठ संदिग्धों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के तहत कठालड़ी गांव से अस्कर अली, हजरत अली और हाफिजुल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा खुदीगांव से कान्सर अली, सुआपता से ओसिमुद्दीन शेख और कदमताला से फारिजुल हक को भी पुलिस ने दबोचा है।
लगातार जारी रहेगा यह अभियान
यह हालिया अभियान असम सरकार द्वारा बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने के लिए शुरू की गई उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत गिरफ्तारियों, कानूनी कार्रवाई और जन जागरूकता कार्यक्रमों का सहारा लिया जा रहा है। राज्य प्रशासन ने साल 2023 में इस अभियान को बड़े पैमाने पर शुरू किया था, जिसके बाद से नाबालिग विवाह कराने या इसमें सहायता करने वालों के खिलाफ लगातार कई चरणों में पुलिस कार्रवाई की जा रही है।



















