उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को जल्द एक नई डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर की सुविधा मिलने वाली है। नीति आयोग की एंपावर्ड कमेटी ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है, जिससे लंबे समय से जगह और संसाधनों की कमी झेल रहे युवाओं को राहत मिलेगी।
पहले जिले के ज्यादातर छात्र किसी निजी लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर या फिर घर पर बैठकर ही परीक्षा की तैयारी करने को मजबूर थे। स्कूल कॉलेज पूरा कर चुके और सरकारी नौकरियों की तैयारी में जुटे ऐसे कई युवाओं के लिए सही माहौल न मिलना सबसे बड़ी अड़चन बना रहता था। इसी कमी को भांपते हुए जिला प्रशासन ने कुछ समय पहले अपनी एक लाइब्रेरी शुरू की थी। लेकिन जैसे-जैसे इसकी जानकारी फैली, वहां आने वाले छात्रों की तादाद बढ़ती चली गई और महज 100 सीटों वाली यह लाइब्रेरी जल्द ही छोटी पड़ गई, जिससे बहुत से युवा वहां बैठने की जगह ही नहीं पा सके।
अब बनेगी एक और आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी
इसी कमी को दूर करने के लिए चित्रकूट के जिलाधिकारी ने अब एक दूसरी और ज्यादा उन्नत सुविधा तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं, एक ऐसी डिजिटल लाइब्रेरी जिसके साथ कोचिंग सेंटर भी जुड़ा होगा। नीति आयोग की एंपावर्ड कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद अधिकारियों का कहना है कि निर्माण पूरा होते ही चित्रकूट के सैकड़ों छात्रों को इसका सीधा फायदा मिलेगा और वे नई किताबों तथा तकनीक की मदद से परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
सात करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि से होगा निर्माण
इस परियोजना के लिए पैसा कहां से आएगा, इसकी कहानी भी दिलचस्प है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत देशभर के पिछड़े जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सुधार पर नजर रखी जाती है, और इसी पैमाने पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसी कार्यक्रम के तहत हुई डिजिटल रैंकिंग में चित्रकूट देशभर के आकांक्षी जिलों में अव्वल रहा। इसी उपलब्धि के इनाम के तौर पर नीति आयोग जिले को सात करोड़ रुपये देने जा रहा है। इस रकम को कहीं और खर्च करने के बजाय जिला प्रशासन ने इसे पूरी तरह शिक्षा पर लगाने का फैसला किया। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की पहल पर अब इसी धनराशि से अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर बनाया जाएगा।
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताई वजह
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने कहा, "जिले में छात्रों की मांग को देखते हुए इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।" उन्होंने बताया कि मौजूदा जिला लाइब्रेरी में 100 से ज्यादा छात्रों के बैठने की गुंजाइश नहीं है, जिस वजह से कई युवा पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। उनका कहना था कि नई सुविधा शुरू होते ही छात्रों के पास सिर्फ बैठने की जगह ही नहीं, बल्कि नई तकनीक से पढ़ाई करने का मौका भी होगा।
छात्रों को मिलेंगी ये नई सुविधाएं
इस आने वाली लाइब्रेरी की खास बात होगी उसकी बैठने की क्षमता। यहां एक साथ करीब 300 छात्र-छात्राएं बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे, जो मौजूदा लाइब्रेरी से करीब तीन गुना ज्यादा है। इसके अलावा यहां लगभग 10 लाख रुपये मूल्य की नई किताबें भी होंगी, जो सीधे प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी होंगी। छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा देने के लिए इसी परिसर में 50 कंप्यूटर की व्यवस्था भी की जाएगी।



















