नीट परीक्षा से जुड़े विवादों के बीच अब जामनगर स्थित गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी में भी पर्चा लीक होने की गंभीर आशंका सामने आई है। 20 जुलाई को बीएमएमएस पाठ्यक्रम के शल्य तंत्र-1 विषय की परीक्षा का आयोजन किया गया था। आरोप है कि इस परीक्षा के शुरू होने से पहले ही महत्वपूर्ण प्रश्न और सामग्रियां व्हाट्सएप पर तेजी से वायरल हो गई थीं। इस परीक्षा में राज्य भर के 26 संबद्ध आयुर्वेदिक कॉलेजों के लगभग 2,000 विद्यार्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल सामने आने से पूरा मामला विवादों में घिर गया।
12 में से 11 सवाल हूबहू मैच, खड़े हुए गंभीर सवाल
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर वायरल हुई संभावित प्रश्नों की सूची और वास्तविक प्रश्नपत्र की जब पड़ताल की गई, तो मामला काफी गंभीर नजर आया। परीक्षा में पूछे गए कुल 12 प्रश्नों में से 11 प्रश्न उसी वायरल सूची से सीधे तौर पर मेल खा रहे थे। इस बड़ी गड़बड़ी का खुलासा होते ही पूरे मामले की तुरंत जानकारी परीक्षा नियंत्रक को दी गई और उच्च स्तरीय जांच शुरू की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बनाई 3 सदस्यीय जांच समिति
मामले की गंभीरता पर विश्वविद्यालय के प्रभारी परीक्षा निदेशक एचपी झाला ने बताया कि 20 जुलाई की सुबह परीक्षा सामान्य और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई थी। हालांकि शाम के समय प्रशासन को सूचना मिली कि परीक्षा शुरू होने से पूर्व ही व्हाट्सएप पर महत्वपूर्ण बिंदु और प्रश्न शेयर किए गए थे। इसके तुरंत बाद जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई।
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर के अनुसार, प्रारंभिक छानबीन में इस पूरे मामले के तार गुजरात के बाल हनुमान आयुर्वेदिक महाविद्यालय से जुड़ते हुए नजर आ रहे हैं। घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन अधिकारियों की एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। वाइस चांसलर ने स्पष्ट किया कि यदि समिति की जांच रिपोर्ट में प्रश्नपत्र लीक, नियमों का उल्लंघन या किसी व्यक्ति अथवा संस्थान की मिलीभगत की पुष्टि होती है, तो दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
छात्र संगठनों ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
पर्चा लीक की आशंका सामने आने के बाद छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई जामनगर के प्रतिनिधियों ने गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया। छात्र नेताओं का कहना है कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए और यदि पर्चा लीक साबित होता है तो इसमें शामिल सभी लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।



















