दिगंबर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद खास और पवित्र माने जाने वाले पर्व ‘उत्तम क्षमा’ के मौके पर मशहूर अभिनेत्री अंकिता लोखंडे और उनके पति विक्की जैन ने सभी से क्षमा याचना की है। यह पावन दिन आत्मशुद्धि, मन के चिंतन और उपवास के लिए जाना जाता है, जहां हर व्यक्ति अपने जीवन में जाने-अनजाने हुई गलतियों के लिए दूसरों से माफी मांगता है और दूसरों को क्षमा करता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस प्रसिद्ध जोड़े ने अपने चाहने वालों और करीबियों के सामने हाथ जोड़कर अपनी भूलचूक के लिए क्षमा मांगी है।
इस खास अवसर पर अंकिता लोखंडे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। इन तस्वीरों में वह अपने पति विक्की जैन के साथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंची थीं और नारंगी रंग की साड़ी में बेहद खूबसूरत नजर आ रही थीं। अपनी इस पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि वह साफ मन के साथ उन सभी लोगों से क्षमा मांगती हैं, जिन्हें उनकी किसी बात या हरकत से कभी ठेस पहुंची हो और अंत में ‘उत्तम क्षमा’ लिखा। उनके इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
अर्जुन बिजलानी की मजेदार प्रतिक्रिया
अंकिता लोखंडे की इस पोस्ट पर मनोरंजन जगत के कई कलाकारों और प्रशंसकों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इसी कड़ी में अभिनेता अर्जुन बिजलानी ने एक हल्का-फुल्का और मजेदार कमेंट किया। उन्होंने अपनी टिप्पणी में लिखा कि उन्होंने माफ कर दिया है और इसके साथ हंसने वाले इमोजी का भी इस्तेमाल किया। इस तरह के कमेंट्स से पोस्ट पर एक दोस्ताना माहौल नजर आया और फैंस ने भी इस जोड़े की सादगी की सराहना की।
त्योहारों को खास अंदाज में मनाने का शौक
अंकिता लोखंडे और विक्की जैन अपनी जिंदगी के हर बड़े और छोटे त्योहार को पूरे उत्साह के साथ मनाने के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी इस दंपति ने कई मौकों पर अपने घर पर विशेष आयोजनों की तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। हाल ही में उन्होंने अपने आवास पर गौरी-गणपति उत्सव का भी बहुत बड़ा आयोजन किया था, जिसमें परिवार के सदस्यों के साथ कई खास दोस्त भी शामिल हुए थे। इस भव्य उत्सव में जाने-माने टेलीविजन निर्माता एकता कपूर ने भी उनके घर पर पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।
एकता कपूर को समझाई परंपरा
गणपति उत्सव के दौरान का एक वीडियो भी काफी चर्चा में रहा था, जिसमें अंकिता लोखंडे अपनी खास मेहमान एकता कपूर को गौरी स्थापना से जुड़ी परंपराओं और मान्यताओं के बारे में विस्तार से बताती नजर आ रही थीं। उन्होंने एकता को समझाया कि महाराष्ट्र के परिवारों में गौरी माता के आगमन का कितना अधिक धार्मिक महत्व होता है। इस परंपरा के अनुसार माता गौरी अपने मायके पधारती हैं और कुछ दिन वहां बिताने के बाद अपने पुत्र भगवान गणेश के साथ अपने लोक लौट जाती हैं, जिसे विसर्जन के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है।


















