सितंबर 2027 का महीना भारतीय सिनेमा जगत के लिए बेहद हलचल भरा रहा, जहां दर्शकों ने सिनेमाघरों का रुख बड़े पैमाने पर किया। इस महीने रिलीज हुई फिल्मों ने कुल मिलाकर लगभग 500 करोड़ रुपये का शानदार बिजनेस किया। हालांकि, इस भारी-भरकम कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा केवल एक ही फिल्म के खाते में गया, जिसने खुद को ब्लॉकबस्टर साबित किया। वहीं दूसरी तरफ, कई बड़ी और चर्चित फिल्में दर्शकों को रिझाने में पूरी तरह नाकाम रहीं और बॉक्स ऑफिस पर उनकी हालत काफी खराब दिखी। आइए विस्तार से जानते हैं कि सितंबर के महीने में रिलीज हुई इन छह प्रमुख फिल्मों का प्रदर्शन टिकट खिड़की पर कैसा रहा।
मिर्जापुर द मूवी की ऐतिहासिक और रिकॉर्ड तोड़ सफलता
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपनी बादशाहत कायम करने के बाद जब किसी लोकप्रिय फ्रेंचाइजी ने बड़े पर्दे का रुख किया, तो सिनेमा प्रेमियों के बीच हलचल मचना तय था। 'मिर्जापुर द मूवी' ने बड़े पर्दे पर आते ही एक नया इतिहास रच दिया। पंकज त्रिपाठी, रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु जैसे दमदार कलाकारों से सजी इस फिल्म ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कालीन भैया और गुड्डू पंडित के किरदारों के प्रति दर्शकों की दीवानगी का ही नतीजा था कि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए। फिल्म ने 324.44 करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर लिया है, जिससे यह इस महीने की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म बनकर उभरी है।
हैवान की बॉक्स ऑफिस पर हुई करारी हार
इस शानदार सफलता के बिल्कुल विपरीत, अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म 'हैवान' बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी निराशा साबित हुई। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म से दर्शकों को बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं। फिल्म में सैफ अली खान मुख्य भूमिका में नजर आए थे, जबकि अक्षय कुमार ने एक नकारात्मक किरदार निभाया था। फिल्म की रिलीज से पहले उम्मीद की जा रही थी कि यह जोड़ी एक बार फिर 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी' वाला कमाल दोहराएगी। लेकिन रिलीज के साथ ही ये सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं। फिल्म ने अपने पहले दिन महज 3 करोड़ रुपये की बेहद खराब शुरुआत की और इसका लाइफटाइम कलेक्शन केवल 15 करोड़ रुपये पर आकर सिमट गया। बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म महाफ्लॉप साबित हुई।
समीक्षकों की आलोचना के बावजूद द पैराडाइज ने छुआ 100 करोड़ का आंकड़ा
इस सूची की दूसरी सबसे बड़ी फिल्म 'द पैराडाइज' रही, जिसने अपनी शानदार कहानी और बेहतरीन विजुअल्स के दम पर बेहतरीन कमाई दर्ज की। 24 सितंबर को रिलीज हुई नानी की इस फिल्म को हालांकि हिंदी समीक्षकों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली थी, लेकिन इसके बावजूद दर्शकों ने फिल्म को भरपूर प्यार दिया। दमदार विजुअल और बेहतरीन कहानी के दम पर फिल्म ने रिलीज के महज 3 दिनों के भीतर ही 100 करोड़ रुपये के क्लब में शानदार एंट्री कर ली। इस बेहतरीन प्रदर्शन को जारी रखते हुए फिल्म ने कुल 119.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन अपने नाम किया।
वाइब, दायरा और द वन का मिला-जुला सफर
इसके बाद नंबर आता है कुणाल खेमू के निर्देशन में बनी फिल्म 'वाइब' का, जो 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को समीक्षकों की तरफ से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी, जिसके कारण इसकी शुरुआत काफी धीमी रही। लेकिन दूसरे हफ्ते में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जोरदार वापसी की। बीते शनिवार को फिल्म की कमाई में एक बड़ा उछाल देखा गया। इस शानदार रिकवरी की बदौलत 'वाइब' ने अब तक 17.14 करोड़ रुपये से अधिक का बिजनेस कर लिया है।
कुणाल खेमू की 'वाइब' के साथ ही रिलीज हुई करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म 'दायरा' का बॉक्स ऑफिस पर सफर बहुत दर्दनाक रहा। पहले दिन से ही बेहद कमजोर शुरुआत करने वाली यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में पूरी तरह नाकाम रही। टिकट खिड़की पर लगातार गिरावट झेलने के बाद 'दायरा' का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन केवल 10.13 करोड़ रुपये पर ही सिमट कर रह गया।
सितंबर महीने की बड़ी रिलीज में आखिरी नाम सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म 'द वन' का है। इस फिल्म को अपनी रिलीज के शुरुआती 2 दिनों में ही दर्शकों की ओर से काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। घरेलू और विदेशी दोनों ही बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने ठीक-ठाक शुरुआत की है। शुरुआती दो दिनों के भीतर इस फिल्म ने 25 करोड़ रुपये का मजबूत कलेक्शन दर्ज कर लिया है, जिससे आने वाले दिनों में इसके बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें बनी हुई हैं।
सितंबर के बॉक्स ऑफिस युद्ध से मिले बड़े सबक
कुल मिलाकर 500 करोड़ रुपये की इस कमाई से यह साफ जाहिर होता है कि फ्रेंचाइजी पर आधारित फिल्में सिनेमाघरों के लिए एक सुरक्षित दांव साबित हो रही हैं, जबकि पारंपरिक तौर पर बड़े सितारों के नाम पर चलने वाली फिल्मों का भविष्य अब अनिश्चित होता जा रहा है। 'मिर्जापुर द मूवी' की अपार सफलता और प्रियदर्शन की 'हैवान' की असफलता दर्शकों की बदलती पसंद का एक बड़ा उदाहरण है। अब दर्शक केवल बड़े सितारों की पुरानी जोड़ी को पर्दे पर वापस देखने के लिए सिनेमाघरों का रुख नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हें कहानी में भी दम चाहिए। वहीं दूसरी ओर, हिंदी समीक्षकों से खराब रेटिंग मिलने के बाद भी नानी की 'द पैराडाइज' का बॉक्स ऑफिस पर टिके रहना यह दिखाता है कि शानदार विजुअल वाली क्षेत्रीय फिल्में भाषा की सीमाओं को आसानी से पार कर सकती हैं।



















