सिनेमाघरों में भारी भरकम बजट वाली फिल्मों की असफलता के बीच कम लागत की आध्यात्मिक फिल्मों ने दर्शकों के दिलों में अलग जगह बनाई है। इसी कड़ी में केवल 2 करोड़ रुपये की सीमित लागत से तैयार हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने टिकट खिड़की पर अभूतपूर्व प्रदर्शन दर्ज किया है। विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी इस रचना ने वैश्विक स्तर पर 300 करोड़ रुपये का विशाल बेंचमार्क पार कर हर किसी को चकित कर दिया है। चार नए निर्माताओं और अपरिचित कलाकारों के दम पर शुरू हुए इस प्रोजेक्ट ने बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।
बॉक्स ऑफिस पर जादुई कमाई और विस्तार
व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार ‘हनुमान अंश’ की कुल वैश्विक कमाई 329.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। घरेलू बाजार की बात करें तो भारत भर के सिनेमाघरों में इस फिल्म ने कुल 258.13 करोड़ रुपये का कारोबार समेटा है। शुरुआत में इस परियोजना को बड़े वितरकों का सहारा नहीं मिला था और रिलीज के दिन इसे देश में महज 3 स्क्रीन ही हासिल हो सकी थीं। हालांकि दर्शकों की सकारात्मक चर्चा और निजी सिफारिशों के प्रसार से इसके शो लगातार बढ़ते चले गए और कमाई में अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया। निर्माता अनुप्रिया नागर ने अपने पूरे जीवन की जमा पूंजी इस फिल्म को साकार करने में झोंक दी थी, जिसका परिणाम अब ऐतिहासिक सफलता के रूप में सामने आया है।
भोपाल में 100 दृष्टिबाधित बच्चों का भावुक अनुभव
नीम करौली बाबा के जीवन वृत्त और शिक्षाओं पर आधारित इस फिल्म का प्रभाव केवल सामान्य दर्शकों तक सीमित नहीं रहा। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में होशंगाबाद रोड स्थित एक प्रमुख मॉल के सिनेमा हॉल में एक भावुक कर देने वाला विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस शो में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 100 दृष्टिबाधित बच्चों ने शिरकत की। आंखों से दृश्य देखने में असमर्थ इन बच्चों ने अपनी श्रवण शक्ति और आंतरिक संवेदनशीलता के जरिए फिल्म की आत्मा को आत्मसात किया।
हॉल के भीतर मौजूद इन बच्चों ने फिल्म के भावपूर्ण संवादों, पार्श्व संगीत और भजनों के माध्यम से पूरी कथा को गहराई से अनुभव किया। जब भी पर्दे पर प्रेरक प्रसंग या शक्तिशाली संवाद आए, बच्चे तालियां बजाकर और उत्साह प्रकट कर अपनी खुशी जता रहे थे। शोभिनव सत्या की इस रचना में शामिल दिव्य भजनों ने बच्चों के मन को भक्ति रस से भर दिया, जिससे उन्हें नीम करौली बाबा के सानिध्य और आशीर्वाद की अनुभूति हुई। संगीत और भावनात्मक प्रस्तुति ने सिनेमा को दृश्य माध्यम से आगे ले जाकर एक आत्मीय अनुभव में बदल दिया।
आगामी प्रोजेक्ट ‘राम बोला’ की तैयारी
‘हनुमान अंश’ की इस अप्रत्याशित और चौतरफा सफलता के बाद निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने अपनी अगली सिनेमाई यात्रा की रूपरेखा भी स्पष्ट कर दी है। उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘राम बोला’ का औपचारिक ऐलान किया है। यह नई परियोजना महान संत एवं अमर महाकाव्य के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास के जीवन चरित्र, संघर्षों और आध्यात्मिक दर्शन पर केंद्रित होगी, जिसे लेकर सिने प्रेमियों में अभी से उत्सुकता पैदा हो गई है।


















