वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। दिल्ली और मुंबई दोनों प्रमुख शहरों में चल रहे इस व्यापक विरोध प्रदर्शन के बीच बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान, उनकी साथी लेखा वाशिंगटन और अभिनेत्री जैन खान को मुंबई में पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद अभिनेता ने पुलिस वाहन के भीतर से सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए लिखा कि लगता है वे किसी ड्राइव पर जा रहे हैं। इसी क्रम में लेखा वाशिंगटन ने भी इंटरनेट पर एक संदेश पोस्ट करते हुए इस पूरे घटनाक्रम को अनोखे अंदाज में साझा किया।
हिरासत के दृश्य सामने आने पर प्रशंसकों की प्रतिक्रिया
जैसे ही पुलिस वैन से इमरान खान और उनके साथियों की तस्वीरें डिजिटल मंचों पर सामने आईं, लोगों ने उनके इस कदम पर खुलकर अपनी राय रखनी शुरू कर दी। अनेक प्रशंसकों ने सार्वजनिक मुद्दे पर सड़क पर उतरने के लिए अभिनेता के साहस की सराहना की। सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि यह सचमुच असली हिम्मत का काम है, जबकि एक अन्य यूजर ने याद किया कि वे बचपन से ही अभिनेता को पसंद करते आए हैं। एक प्रशंसक ने उन्हें पर्दे और वास्तविक जीवन दोनों का नायक बताते हुए सम्मान व्यक्त किया, तो किसी ने उनकी लोकप्रिय फिल्म के किरदार का हवाला देते हुए टिप्पणी की। फिल्म अभिनेत्री सैयामी खेर ने भी इमरान खान की पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी और उनकी निडरता की प्रशंसा की।
फिल्म जगत की हस्तियों का समर्थन और मुंबई में प्रदर्शन
इस पूरे आंदोलन को सिनेमा जगत के कई जाने-माने नामों का खुला समर्थन मिल रहा है। नसीरुद्दीन शाह, विशाल भारद्वाज और प्रकाश राज जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों ने इस विरोध के पक्ष में अपनी आवाज उठाई है। पूर्व में जब अभिजीत दीपके मुंबई में चुनाव आयुक्त के खिलाफ धरने पर बैठे थे, तब दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह खुद उनसे मिलने पहुंचे थे। उस मुलाकात के दौरान अभिनेता ने सार्वजनिक तौर पर खुद को अभिजीत दीपके का प्रशंसक बताया था, जिसकी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर काफी लोकप्रिय हुए थे। मनोरंजन उद्योग से जुड़े कलाकारों की इस सक्रियता ने आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन और चर्चा दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा और बड़े पैमाने पर धरपकड़
राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। क्षेत्र में दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 40,000 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है, साथ ही जगह-जगह अवरोधक और स्पाइक स्ट्रिप्स लगाए गए हैं। अभिजीत दीपके के नेतृत्व में आगे बढ़ रहे इस आंदोलन में सीजेपी और वामपंथी संगठनों के आह्वान पर हरियाणा और पंजाब के किसान भी शामिल हुए हैं, जिसे जंतर-मंतर 2.0 का नाम दिया गया है। मुंबई से दिल्ली हवाई अड्डे पर कदम रखते ही अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रंका को पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। अब तक 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को विभिन्न स्थानों से पकड़कर अस्थायी हिरासत केंद्रों में भेजा जा चुका है, जिनमें यूट्यूबर ध्रुव राठी और रत्ना सिंह भी शामिल हैं। आंदोलनकारी लगातार वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयुक्त के पद छोड़ने की मांग पर अड़े हुए हैं।


















