मुंबई नगर निगम द्वारा दीपावली से ठीक पहले वायु प्रदूषण को लेकर शुरू की गई एक जागरूकता पहल अब बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है। इस अभियान के तहत साझा किए गए एक संदेश पर तीखी आपत्तियां दर्ज होने के बाद संबंधित नागरिक निकाय ने उस सामग्री को अपने सार्वजनिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पूरी तरह हटा दिया। अब इस घटनाक्रम के केंद्र में आईं अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि इस प्रयास का उद्देश्य किसी भी वर्ग की भावनाओं को आहत करना नहीं था, बल्कि नागरिकों को अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति सचेत करना मात्र था।
त्योहार की भावना और सेहत को लेकर दीया मिर्ज़ा का बयान
इस पूरे मामले पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए दीया मिर्ज़ा ने त्योहार के वास्तविक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान और निराशा पर आशा की विजय का परिचायक है। उनका उद्देश्य लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करना था कि वे उत्सव को समझदारी और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए मनाएं।
दीया मिर्ज़ा ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जहरीली हवा केवल पर्यावरण का संकट नहीं है, बल्कि इसका सीधा और गंभीर असर मानव शरीर पर पड़ता है। ऐसे नाजुक दौर में प्रदूषण के स्तर को नीचे लाने के लिए किया गया कोई भी छोटा प्रयास पूरे समाज के लिए एक सुरक्षित और बेहतर परिवेश तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
नागरिक निकाय की पहल और उस पर शुरू हुआ सियासी विरोध
मुंबई में वायु गुणवत्ता के गिरते स्तर को ध्यान में रखकर बीएमसी ने त्योहार से पहले जन-जागरूकता फैलाने की योजना बनाई थी। इस मुहिम में समाज के कई प्रतिष्ठित चेहरों को शामिल किया गया था, जिनमें दीया मिर्ज़ा के साथ अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे भी शामिल थे। इन सभी के माध्यम से लोगों से अनुरोध किया जा रहा था कि वे उत्सव के दौरान आतिशबाजी का प्रयोग कम से कम करें ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
हालांकि, दीया मिर्ज़ा का संदेश सार्वजनिक होते ही राजनीतिक स्तर पर तीव्र प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने इस वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई। अमित साटम का तर्क था कि आम नागरिकों को यह सीखने की आवश्यकता नहीं है कि उन्हें अपने पारंपरिक पर्व किस तरह मनाने चाहिए, विशेषकर किसी फिल्मी कलाकार के माध्यम से। उन्होंने कहा कि देशवासी अपनी समृद्ध संस्कृति और त्योहारों के तौर-तरीकों को भली-भांति समझते हैं।
सोशल मीडिया से संदेश हटाए जाने के बाद की स्थिति
राजनीतिक विवाद गहराने के तुरंत बाद बीएमसी ने दीया मिर्ज़ा से जुड़ा वह वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खातों से हटा दिया। हालांकि, निगम प्रशासन ने इस सामग्री को हटाने के पीछे के कारणों को लेकर कोई औपचारिक स्पष्टीकरण या आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। दूसरी तरफ, दीया मिर्ज़ा ने दोहराया है कि उनकी पहल किसी को त्योहार मनाने का सलीका सिखाने के लिए नहीं थी, बल्कि बिगड़ती आबोहवा से आम जनजीवन को होने वाले शारीरिक नुकसान के प्रति आगाह करने का एक सरल प्रयास थी।



















