भोजपुरी सिनेमा और बॉलीवुड, दोनों जगह अपनी छाप छोड़ चुके अभिनेता और गोरखपुर से सांसद रवि किशन अब एक बिल्कुल नए अंदाज में दर्शकों के सामने आने वाले हैं। अयोध्या की चर्चित रामलीला में पहले भी हिस्सा ले चुके रवि किशन इस बार मंच पर खुद भगवान राम की भूमिका निभाएंगे। यह मौका उन्हें 'अयोध्या के राम' नाम की एक विशाल नाट्य प्रस्तुति में मिलेगा, जिसमें पूरी रामायण की कहानी सिलसिलेवार ढंग से मंच पर उतारी जाएगी।
19 अक्टूबर को दिल्ली में शो, तीन घंटे की भव्य प्रस्तुति
'अयोध्या के राम' का यह भव्य शो 19 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में आयोजित होगा। करीब तीन घंटे तक चलने वाली इस प्रस्तुति में शुरू से अंत तक रामायण की पूरी गाथा पिरोई गई है, ताकि दर्शक एक ही बैठक में पूरी कथा को मंच पर जीवंत होते देख सकें। इसे तैयार करने की जिम्मेदारी निर्माता-निर्देशक सुभाष मलिक, जिन्हें बॉबी के नाम से भी जाना जाता है, ने संभाली है। सुभाष मलिक अयोध्या की रामलीला के संस्थापक अध्यक्ष भी हैं और पिछले चार सालों से इस प्रोजेक्ट पर मेहनत कर रहे हैं।
रावण, मेघनाद और कुंभकरण की भूमिका में कौन
इस प्रस्तुति में रवि किशन के अलावा भी बॉलीवुड के कई जाने-पहचाने चेहरे नजर आएंगे। अभिनेता अरुण बक्शी रावण का किरदार निभाते दिखेंगे, तो अवतार गिल मेघनाद की भूमिका में होंगे। कुंभकरण का किरदार रजा मुराद निभाएंगे। इनके अलावा भी इंडस्ट्री के कई और कलाकार इस मंच प्रस्तुति का हिस्सा बनेंगे, जिससे यह आयोजन और भी भव्य बन जाएगा।
चार साल की मेहनत के पीछे की प्रेरणा
सुभाष मलिक के मुताबिक 'अयोध्या के राम' सिर्फ एक नाटक नहीं, बल्कि यह उनके अपने सपनों में बसी प्रभु राम की लीला है। उन्होंने बताया कि अयोध्या में रहते हुए उन्हें प्रभु राम और बजरंग बली से जुड़ा एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव हुआ था, और वहीं से इस पूरी प्रस्तुति को गढ़ने का विचार उनके मन में आया। उनका कहना है कि अयोध्या की पवित्र भूमि और वहां के साधु-संतों के आशीर्वाद ने इस शो को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई है। यही वजह है कि टीम इसे केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसके जरिए भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम की कथा को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहती है। दर्शकों के लिए यह मौका सिर्फ एक स्टेज शो नहीं, बल्कि रामायण को करीब से जीने और महसूस करने का अनुभव होगा।



















