गोविंदा और सुनीता आहूजा के बीच तनातनी के किस्से लंबे समय से चर्चा में बने हुए हैं। एक्टर की पत्नी ने कई मौकों पर सार्वजनिक तौर पर उन पर धोखेबाजी के गंभीर आरोप लगाए हैं। सुनीता आहूजा का यह दावा रहा है कि गोविंदा का रिश्ता उनसे काफी छोटी किसी अभिनेत्री के साथ चल रहा है। इन तमाम बयानों पर गोविंदा ने लंबे वक्त तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। हाल ही में सुनीता आहूजा को रियलिटी शो 'लॉक अप 2' में देखा गया था, जिसे फराह खान और रितेश देशमुख होस्ट कर रहे हैं। इस मंच पर भी सुनीता ने अपने पति से मिले धोखे का दर्द सबके सामने बयां किया था और अन्य प्रतियोगियों से बातचीत में यह तक कहा था कि उन्हें कई बार बेवफाई का सामना करना पड़ा है और अब उन्होंने इसके साथ जीना सीख लिया है।
गोविंदा ने दिया आरोपों पर करारा जवाब
इन सब के बीच अब गोविंदा ने पहली बार अपनी पत्नी सुनीता आहूजा की तरफ से लगाए गए सभी आरोपों पर खुलकर पलटवार किया है। एक एजेंसी के साथ बातचीत के दौरान एक्टर ने तंज कसते हुए कहा कि सुनीता को यह स्टारडम और लोकप्रियता असल में उन्हें गालियां देने और अपनी निजी जिंदगी का तमाशा बनाने की वजह से ही हासिल हुई है। गोविंदा का यह मानना है कि भले ही उनकी पत्नी सार्वजनिक मंचों पर उन्हें लगातार कोसती रहती हैं, लेकिन इस सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि उन्होंने उनके बच्चों की परवरिश बहुत अच्छे से की है।
बच्चों की परवरिश और परिवार का साथ
गोविंदा ने आगे कहा कि वह बहुत प्यार से उन्हें गालियां देती हैं और वह उनके हाथ का खाना भी खाते हैं। उनके मुताबिक जो जैसा है और जो कुछ भी हो रहा है, वह सब ऊपर वाले की मर्जी से चल रहा है। हर इंसान की जिंदगी का कोई न कोई मकसद तय होता है। हमारी जिंदगी में भी ऐसे कई लोग शामिल होते हैं जिनकी मदद के बिना आगे बढ़ना मुमकिन नहीं होता। गोविंदा ने जिक्र किया कि सुनीता आहूजा ने न केवल अपने बच्चों यशवर्धन और टीना की परवरिश की जिम्मेदारी संभाली, बल्कि परिवार के अन्य बच्चों को भी मां का दुलार दिया। यहाँ उनका इशारा अपने भांजे कृष्णा की तरफ भी था।
सफलता पाने का आसान रास्ता
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एक्टर ने इशारों में यह भी कह दिया कि सुनीता को जो स्टारडम मिला है, वह उनकी बुराई करने की वजह से ही लोगों के बीच पहुंचा है। गोविंदा के अनुसार, कई बातें ऐसी होती हैं जो मन में छिपी रहती हैं और उन्हें आसानी से शब्दों में नहीं बांधा जा सकता। अगर वह खुद उन बातों की हल्की सी भी झलक दुनिया को दिखा दें, तो क्या किसी पर दोष मढ़कर उससे रिश्ते तोड़ लेना ही एकमात्र रास्ता बचता है? लोग आमतौर पर इसे ही मुसीबतों से पीछा छुड़ाने का जरिया मानते हैं।
तारीफ के बाद बुराई करने का अंदाज
गोविंदा ने तंज कसते हुए यह भी सवाल उठाया कि क्या जीवन में सफलता और शोहरत पाने के लिए अपनों की ही बुराई करना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने इसे एक बहुत ही सीधा और आसान रास्ता बताया। उनके अनुसार, सुनीता इस काम को बेहद चालाकी और समझदारी के साथ अंजाम देती हैं। वह अपनी बात की शुरुआत में चार शब्द तारीफ के कहती हैं या फिर स्वाभाविक रूप से उनके मुंह से प्रशंसा निकलती है और उसके तुरंत बाद वह आलोचना कर बैठती हैं। गोविंदा का कहना है कि उन्हें इस रवैये में भी एक तरह का अपनापन और प्यार ही नजर आता है।



















