टेलीविजन के लोकप्रिय क्विज रियलिटी शो कौन बनेगा करोड़पति के 18वें सीजन में खेल के साथ-साथ जिंदगी के अनूठे अनुभव भी सामने आ रहे हैं। इस मंच पर देश के कोने-कोने से प्रतिभागी अपनी सामान्य ज्ञान की परीक्षा देने पहुंचते हैं, जहां खेल की गंभीरता के बीच कई बार बेहद मजेदार और गुदगुदाने वाले वाकये दर्शकों का दिल जीत लेते हैं। हाल ही के एक एपिसोड में ऐसा ही दिलचस्प पल तब देखने को मिला जब हॉट सीट पर बैठीं एक प्रतियोगी ने खुद होस्ट अमिताभ बच्चन के सामने एक ऐसा सच बयां किया, जिसने पूरे माहौल को हंसी से भर दिया।
जयपुर की अल्मास खान ने सुनाया बचपन का मजेदार वाकया
हॉट सीट पर मौजूद जयपुर की प्रतियोगी अल्मास खान ने अपनी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद यादगार किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन के दिनों में वह अपने सभी भाई-बहनों और कजिन्स के साथ सिनेमाघर में अमिताभ बच्चन की फिल्म देखने गई थीं। उनके शहर का ऐतिहासिक और आलीशान राज मंदिर सिनेमा वह जगह थी, जहां वह अपनी जिंदगी की पहली फिल्म देखने के लिए पूरे उत्साह के साथ पहुंची थीं। सिनेमा के बड़े पर्दे पर पहली बार किसी फिल्म का अनुभव लेना उनके लिए बेहद खास था, लेकिन उस दिन थिएटर के भीतर कुछ ऐसा घटित हुआ जो आज भी उनके जेहन में पूरी तरह ताजा है।
थिएटर के ठंडे एसी में आ गई थी नींद
अल्मास खान ने उस दिन के हालात का ब्योरा देते हुए अमिताभ बच्चन को बताया कि जैसे ही पर्दे पर फिल्म शुरू हुई, उन्हें कहानी कुछ खास समझ में नहीं आई। राज मंदिर सिनेमा की बनावट बेहद खूबसूरत थी और हॉल के अंदर वातानुकूलन काफी आरामदायक ठंडक दे रहा था। उस सुकून भरे और ठंडे माहौल के असर से उनकी आंखें भारी होने लगीं और वह फिल्म शुरू होने के कुछ ही देर बाद गहरी नींद के आगोश में चली गईं। वह पूरी फिल्म के दौरान सोती ही रहीं और जब उनकी आंख खुली, तब तक सिनेमा खत्म होने के कगार पर पहुंच चुका था।
अमिताभ बच्चन की चुटकी और खुशनुमा माहौल
अल्मास ने आगे बताया कि जब उनकी नींद खुली, तब स्क्रीन पर फिल्म का आखिरी गाना चल रहा था। उन्होंने हंसते हुए यह भी जोड़ा कि भले ही वह पूरी फिल्म के दौरान सोती रहीं, लेकिन उनके जीवन में देखी गई पहली सिनेमाई रिलीज अमिताभ बच्चन की ही थी। प्रतियोगी की यह बेबाक बात सुनकर अमिताभ बच्चन जोर-जोर से हंसने लगे। उन्होंने भी मजाकिया लहजे में पलटकर सवाल किया कि जब वह पूरे समय सो रही थीं, तो फिर उन्होंने फिल्म देखी कैसे, क्योंकि जब आंख खुली तब तो पिक्चर ही खत्म हो चुकी थी। सदी के महानायक का यह सहज और हाजिरजवाब अंदाज देखकर वहां मौजूद दर्शक भी लोटपोट हो गए।
1997 में रिलीज हुई मृत्युदाता और बिग बी की वापसी
अल्मास खान जिस फिल्म का जिक्र कर रही थीं, वह थी साल 1997 में आई मृत्युदाता। इस फिल्म का निर्देशन मेहुल कुमार ने किया था और सिनेमाई इतिहास में इस प्रोजेक्ट का एक अलग महत्व रहा है। इसी फिल्म के माध्यम से अमिताभ बच्चन ने एक लंबे अंतराल के बाद मुख्य भूमिका में बड़े पर्दे पर अपनी वापसी दर्ज कराई थी। कहानी में उन्होंने डॉ. राम प्रसाद नाम के एक बेहद सम्मानित और कर्तव्यनिष्ठ सर्जन का किरदार निभाया था। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा डिंपल कपाड़िया, करिश्मा कपूर और अरबाज अली खान ने भी अहम भूमिकाएं अदा की थीं। इस प्रोजेक्ट का निर्माण खुद अमिताभ बच्चन की कंपनी अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी ABCL ने किया था, जबकि इसका संगीत मशहूर संगीतकार जोड़ी आनंद-मिलिंद ने तैयार किया था।



















