टेलीविजन के पर्दे पर दिखने वाले चंद मिनटों के रोमांच को तैयार करने में असल में कितने घंटे लगते हैं, इसका दिलचस्प नजारा बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता अनिल कपूर ने पेश किया है। अपने हालिया रियलिटी गेम कार्यक्रम 'इंडिया के टॉप 1 परसेंट' के सेट पर उतरने से पहले उन्होंने पर्दे के पीछे चलने वाली गहरी मशक्कत को एक वीडियो क्लिप के जरिए दर्शकों के सामने रखा। इस फुटेज में वह प्रोडक्शन क्रू के साथ गहन चर्चाओं में उलझने के साथ-साथ सेट के माहौल को अपने खास मजाकिया अंदाज से हल्का-फुल्का बनाते भी दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई इस क्लिप पर बाकायदा यह दर्ज था कि यह इस खास रियलिटी कार्यक्रम की तैयारियों का दौर है।
सेट की रिहर्सल और कैमरे के पीछे का माहौल
इस वीडियो में अनिल कपूर सवाल-जवाब की बारीकियों को समझने के लिए क्रू मेंबर्स के साथ लगातार संवाद करते नजर आते हैं। जब भी कोई जटिल सवाल या फॉर्मेट का तकनीकी पहलू सामने आता, वह उस पर गंभीरता से विमर्श करते और बीच-बीच में चुटकुले छोड़कर तनाव को दूर कर देते। इस झलक को साझा करते हुए उन्होंने साफ किया कि दर्शक टीवी स्क्रीन पर जो कुछ देख पाते हैं, वह तो पूरी प्रक्रिया का महज एक छोटा सा सिरा होता है। उनके अनुसार, फाइनल शूट से पहले घंटों की थका देने वाली रिहर्सल, लंबी बातचीत, थोड़ी बहुत बेचैनी और काफी सारा हंसी-मजाक शामिल रहता है।
क्विज से अलग सोच और समझ की अनोखी परीक्षा
इस कार्यक्रम की रूपरेखा को लेकर पहले भी चर्चा करते हुए अनिल कपूर ने स्पष्ट किया था कि यह कोई साधारण सवाल-जवाब प्रतियोगिता नहीं है। 'इंडिया के टॉप 1 परसेंट' का प्रत्येक राउंड प्रतिभागियों की अवलोकन क्षमता, तार्किक विश्लेषण, तुरंत फैसला लेने की फुर्ती और मुश्किल दबाव के बीच धैर्य बनाए रखने के हुनर को मापता है। यहां सिर्फ यह जरूरी नहीं है कि किसी व्यक्ति के पास सामान्य ज्ञान कितना है, बल्कि मुख्य जोर इस बात पर रहता है कि दिमाग किसी समस्या का हल कैसे निकालता है। 'इंडिया के टॉप 1 परसेंट: द अनिल कपूर शो' का ताना-बाना इस तरह बुना गया है ताकि विभिन्न उम्र वर्ग के लोग अपने घरों में बैठे हुए भी इसमें सक्रिय रूप से भाग ले सकें। दर्शक इस कार्यक्रम का आनंद स्टार प्लस चैनल और जियो हॉटस्टार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले रहे हैं।
चार दशक लंबा सफर और अभिनय की दुनिया में पहचान
सिनेमाई पर्दे के अलावा छोटे पर्दे पर भी सक्रिय रहने वाले अनिल कपूर ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में 40 साल से ज्यादा का लंबा सफर तय किया है। इस दौरान उन्होंने 100 से अधिक फीचर फिल्मों में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरा है। उनके इस सफर को कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया, जिनमें दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 7 फिल्मफेयर अवॉर्ड मुख्य रूप से शामिल हैं। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने फिल्म 'हमारे तुम्हारे' में एक बेहद छोटे से रोल से की थी। इसके उपरांत उन्होंने तेलुगु सिनेमा की 'वमसा वृक्षाम' और कन्नड़ भाषा की 'पल्लवी अनुपल्लवी' जैसी कृतियों में भी महत्वपूर्ण किरदार निभाए। शुरुआती दौर में 'मशाल', 'वो 7 दिन' और 'मेरी जंग' की अपार कामयाबी ने उन्हें मुख्यधारा के बड़े सितारों की कतार में मजबूती से खड़ा कर दिया था।



















