पिछले कुछ दिनों से आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे का नाम काफी चर्चाओं में बना हुआ है। उन्होंने मई 2026 में महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर का पद संभालते ही ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी, जिसके बाद बाजार में बिक रहे नकली पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा गरमा गया है। इसी माहौल से प्रभावित होकर मशहूर स्तंभकार और पूर्व अभिनेत्री ट्विंकल खanna ने अपने कॉलम में एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह इस पूरे घटनाक्रम ने उनके खाने-पीने के तरीकों और घर की रसोई तक को बदल कर रख दिया है।
रेस्टोरेंट में जाने से पहले पूछा तुकाराम मुंढे का नाम
ट्विंकल खन्ना ने अपने हालिया अनुभव का जिक्र करते हुए लिखा कि वह हाल ही में एक रेस्टोरेंट में खाना खाने गई थीं। वहां उन्होंने ब्रोकली और चिकन टिक्का का ऑर्डर दिया था। लेकिन जैसे ही वेटर उनके टेबल पर खाना परोसने आया, उन्होंने सबसे तुरंत यही सवाल पूछ लिया कि क्या इस रेस्टोरेंट की जांच तुकाराम मुंढे ने की है। इस पर वेटर ने राहत देते हुए बताया कि मैम, पिछले ही हफ्ते अधिकारियों ने उनकी जांच कर इसे पास किया है। यह सुनने के बाद ही उन्होंने पूरी बेफिक्र होकर पनीर टिक्का का आनंद लिया।
घर की रसोई में शुरू हुआ पनीर बनाने का मुकाबला
अपने चर्चित मिसेज फनीबोन्स कॉलम में ट्विंकल खन्ना ने खुलासा किया कि नकली पनीर के बढ़ते मामलों और खुलासों के बाद उन्होंने और उनकी मां ने बाहर से पनीर खरीदना लगभग बंद कर दिया है। अब वे दोनों घर पर ही खुद पनीर तैयार कर रही हैं। स्थिति यह है कि उनके घर में इस बात को लेकर बहस छिड़ जाती है कि किसके बनाए पनीर की मात्रा बेहतर है। उनकी मां के घर पर एक लीटर दूध से लगभग 250 ग्राम पनीर निकल रहा है, जबकि ट्विंकल खुद केवल 180 ग्राम ही बना पा रही हैं। इसके अलावा इस बात पर भी चर्चा होती है कि किसका पनीर अधिक स्वादिष्ट और ज्यादा सफेद बन रहा है।
खुद के ही किचन में मारी रेड और मिला पुराना मसाला
मिलावट के इस खौफ के बीच ट्विंकल ने बिहार के नालंदा जिले की एक हालिया घटना का भी उल्लेख किया, जहां भोजन में नमक की जगह गलती से डिटर्जेंट मिलाए जाने के कारण छात्र बीमार पड़ गए थे। इस गंभीर माहौल में भी अपना मजाकिया अंदाज बरकरार रखते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने खुद के घर में ही एक मुंढे से प्रेरित छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान उनकी रसोई से मुगलों के जमाने का एक शाही मसाले का पैकेट हाथ लगा, जो काफी समय पहले ही एक्सपायर हो चुका था।
खाने की थाली और इतिहास पर तीखा व्यंग्य
अपने इस लेख में ट्विंकल खन्ना ने समाज और राजनीति पर तीखा और व्यंग्यात्मक कटाक्ष भी किया। उन्होंने कहा कि जो लोग इतिहास की किताबों से मुगलों का नामोनिशन मिटाने की बात करते हैं, उन्हें सबसे पहले अपनी खाने की थाली से इसकी शुरुआत करनी चाहिए। कोफ्ता, कोरमा और कबाब जैसी चीजों से दूरी बनानी होगी। उनका कहना है कि आप मलाई कोफ्ता या मुगलई पनीर जैसे मुगलई व्यंजनों का स्वाद तो बड़े चाव से लेते हैं, लेकिन साथ में इतिहास से मुगलों के प्रभाव को मिटाने की बात नहीं कर सकते।


















