कानपुर के एक निजी कार्यक्रम में हुए विवाद को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और अभिनेत्री अंजलि अरोड़ा ने अब अपनी चुप्पी तोड़ दी है। कुछ समय पहले एक मंच पर हुई कहासुनी के बाद आयोजकों ने उन पर कार्यक्रम बिगाड़ने और भारी नुकसान कराने का आरोप लगाते हुए अदालत जाने की चेतावनी दी थी। इस पूरे प्रकरण में लगातार हो रही बयानबाजी और आलोचनाओं के जवाब में अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार वीडियो साझा करते हुए उस रात के घटनाक्रम की पूरी सच्चाई सामने रखी है।
सुरक्षा व्यवस्था और मर्यादा पर उठाए गंभीर सवाल
अभिनेत्री ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर तीन अलग-अलग वीडियो पोस्ट किए, जिनमें उन्होंने पूरे मामले पर अपना रुख साफ किया। उन्होंने लिखा कि यह सही या गलत का मामला नहीं है, बल्कि नजरिए का फर्क है। वीडियो में उन्होंने कहा कि लोग बिना जमीनी सच्चाई जाने उनके बारे में राय बना रहे हैं और उन पर मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी महिला कलाकार को सिर्फ इसलिए असहज और असुरक्षित महसूस कराया जाना चाहिए क्योंकि वह सार्वजनिक जीवन में है। किसी भी कलाकार के सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी कार्यक्रम प्रबंधन की होती है, जिसमें पूरी तरह कोताही बरती गई।
होटल के कमरे में दखल और गाड़ी में पहले से मौजूद लोग
अंजलि ने उस दिन की पूरी घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि बदइंतजामी की शुरुआत उन्हें लेने आई गाड़ी से ही हो गई थी। जब वाहन उन्हें लेने पहुंचा, तो उसमें पहले से ही तीन अज्ञात लोग बैठे हुए थे, जिसकी वजह से वह शुरुआत से ही असहज महसूस करने लगी थीं। आयोजकों का रवैया पूरे समय गैर-पेशेवर रहा, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में महसूस हो रही थी।
इसके बाद स्थिति तब और खराब हो गई जब वह होटल के कमरे में पहुंचीं। अभिनेत्री के अनुसार, जब उन्होंने खाना मंगाया, तो रूम सर्विस के साथ अचानक कई बाहरी लोग सीधे उनके कमरे में घुस आए और उनकी तस्वीरें खींचने लगे। इसके बाद यह सिलसिला थमा नहीं और हर दस मिनट में कोई न कोई बिना अनुमति के उनके कमरे के भीतर आ रहा था, जिससे उनकी प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो गई थी।
कानपुर के नागरिकों पर दिए बयान पर दी सफाई
कार्यक्रम के दौरान मंच से दिए गए उस बयान पर भी काफी विवाद हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर मेहमानों के साथ ऐसा सुलूक किया जाएगा तो शहर में कोई भी सेलिब्रिटी आने से कतराएगा। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए अंजलि ने कहा कि उनकी यह टिप्पणी शहर के आम लोगों या प्रशंसकों के खिलाफ बिल्कुल नहीं थी। वह केवल उन आयोजकों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर गुस्सा जाहिर कर रही थीं, जिन्होंने बुनियादी सुरक्षा नियमों की अनदेखी की। उनका मकसद शहर के लोगों को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि अव्यवस्था के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था।



















